कानपुर। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले ITBP जवान विकास सिंह की माँ निर्मला देवी के साथ कानपुर के एक निजी अस्पताल में कथित चिकित्सीय लापरवाही का ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया। आरोप है कि कृष्णा हॉस्पिटल में गलत इलाज के चलते निर्मला देवी के हाथ में संक्रमण हो गया — और बाद में पारस हॉस्पिटल में 17 मई को उनका हाथ काटना पड़ा। लगातार न्याय के लिए भटकते रहे विकास सिंह को थाने से भी सुनवाई नहीं मिली — तो शनिवार सुबह 100 से अधिक ITBP जवान एकजुट होकर कानपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुँच गए और घेराव कर दिया।
13 मई — साँस की दिक्कत से शुरू हुआ सफर
13 मई की शाम को निर्मला देवी को साँस की तकलीफ होने पर कृष्णा हॉस्पिटल, टाटमिल, कानपुर में भर्ती कराया गया। करीब 12 घंटे बाद 14 मई को उनके दाहिने हाथ में सूजन आ गई। जब विकास सिंह ने डॉक्टरों से बात की तो उन्हें कहा गया कि सूजन धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी। साथी जवानों की सलाह पर 14 मई की शाम को निर्मला देवी को पारस हॉस्पिटल में स्थानांतरित कराया गया — जहाँ डॉक्टरों ने हाथ में गंभीर संक्रमण की जानकारी दी। 17 मई को जान बचाने के लिए माँ का हाथ काटना पड़ा।
यह भी पढ़ें: ट्विशा शर्मा केस — समर्थ गिरफ्तार, CBI जांच की सिफारिश
थाने के चक्कर — फिर भी नहीं हुई FIR
हाथ कटने के बाद विकास सिंह इंसाफ के लिए थाना रेल बाजार और ACP कार्यालय के कई दिनों तक चक्कर लगाते रहे — लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंत में वे थर्माकोल के डब्बे में माँ का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुँचे। कटा हुआ हाथ देखकर वहाँ मौजूद सभी स्तब्ध रह गए। पुलिस कमिश्नर ने मामला देखते हुए CMO को जाँच कर स्पष्ट रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
CMO रिपोर्ट पर उठे सवाल — डॉक्टरों को बचाने का आरोप
शुक्रवार को CMO कार्यालय की रिपोर्ट आई — लेकिन रिपोर्ट में संभावनाओं के आधार पर बात कही गई। इस पर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने CMO को कड़े शब्दों में कहा — “स्पष्ट रिपोर्ट दें — संभावनाओं पर नहीं। स्पष्ट दोष निर्धारित कर अभियोग पंजीकृत करने की संस्तुति दें।”
इसी रिपोर्ट पर डॉक्टरों को बचाने का आरोप लगाते हुए शनिवार को ITBP के करीब 100 जवान सुबह 11:15 बजे पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुँच गए। 15 से अधिक गाड़ियाँ और ट्रक परिसर में मौजूद रहे। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल और अपर पुलिस आयुक्त डॉ. विपिन कुमार ताडा से मुलाकात के बाद 5-6 गाड़ियाँ CMO कार्यालय के लिए रवाना हुईं।
पुलिस का पक्ष — जाँच जारी
अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था डॉ. विपिन कुमार ताडा ने बताया कि यह मामला पहले CMO को भेजा गया था जहाँ चिकित्सकों की समिति गठित कर जाँच कराई गई। जाँच रिपोर्ट आने के बाद जवान ने रिपोर्ट के कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताई। दोनों पक्षों से वार्ता के बाद आपत्तियों से जुड़ा प्रार्थना पत्र पुनः CMO कार्यालय को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि जाँच उपरांत जो भी तथ्य प्रकाश में आएंगे उनके आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यह भी पढ़ें: UP News: IMD का अलर्ट — गाज़ीपुर, वाराणसी में भीषण लू की चेतावनी
विकास सिंह का संकल्प — CM योगी से मिलेंगे
विकास सिंह ने कहा कि वे CM योगी आदित्यनाथ से मिलकर पूरा मामला रखेंगे। उनका कहना है कि यह सिर्फ उनकी माँ का मामला नहीं — यह उस व्यवस्था पर सवाल है जिसमें एक फौजी को अपनी माँ के लिए दिनों तक भटकना पड़ता है।
