नई दिल्ली। पाँच देशों के विदेश दौरे से लौटने के कुछ ही घंटों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 मई की शाम नई दिल्ली के सेवा तीर्थ में मंत्रिपरिषद की एक अहम बैठक बुलाई। यह बैठक करीब साढ़े चार घंटे तक चली — जिसमें केंद्र सरकार के सभी मंत्री मौजूद रहे। यह पिछले एक साल के लंबे अंतराल के बाद बुलाई गई मंत्रिपरिषद की पहली पूर्ण बैठक थी। बैठक में सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने की समीक्षा के साथ-साथ आने वाले दो वर्षों की प्रशासनिक प्राथमिकताएं तय की गईं।
“पीछे नहीं, आगे देखने का वक्त” — PM मोदी
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों को स्पष्ट संदेश दिया — “अब समय आगे देखने का है। 2014 से 2026 तक क्या हुआ यह महत्वपूर्ण है, लेकिन अब यह देखना है कि भविष्य में हम क्या कर सकते हैं।” उन्होंने मंत्रियों को निर्देश दिया कि कोई भी काम लंबित न रहे और अनावश्यक विवादों में न उलझकर काम पर ध्यान केंद्रित किया जाए।
PM ने यह भी कहा कि सरकार की उपलब्धियों और सुधारों को जनता तक पहुँचाने के लिए सक्रिय रूप से काम किया जाए। “2047 विकसित भारत” — यह सिर्फ एक नारा नहीं बल्कि सरकार की प्रतिबद्धता है — यह बात PM ने पूरी दृढ़ता के साथ बैठक में रखी।
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12 मंत्रालयों ने दिया काम का ब्योरा
बैठक में करीब 12 मंत्रालयों ने अपने काम का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। इनमें कृषि, श्रम, सड़क परिवहन, ऊर्जा, वाणिज्य, रेलवे और वित्त जैसे अहम मंत्रालय शामिल रहे। हर मंत्रालय ने बताया कि पिछले दो वर्षों में क्या हासिल हुआ और आने वाले समय में क्या लक्ष्य हैं।
पश्चिम एशिया संकट पर भी चर्चा
बैठक में पश्चिम एशिया संकट का मुद्दा भी उठा। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि इस संकट की वजह से आम नागरिकों को कम से कम परेशानी हो — इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं। खासतौर पर ऊर्जा, कृषि, खाद, विमानन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। वैश्विक तनाव के बीच भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
क्यों खास थी यह बैठक?
यह बैठक कई कारणों से महत्वपूर्ण थी —
पहली — यह पिछले एक साल में पहली पूर्ण मंत्रिपरिषद बैठक थी।
दूसरी — मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल 10 जून 2026 को पूरे होने वाले हैं। उससे पहले यह एक मिड-टर्म समीक्षा थी।
तीसरी — भाजपा 5 जून से 21 जून तक देशभर में सरकार के दो साल पूरे होने पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने की तैयारी में है — इस बैठक में उसकी रूपरेखा भी तय हुई।
चौथी — विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाँच देशों के दौरे के नतीजे साझा किए — जिसमें भारत-इटली के बीच हुई ऐतिहासिक रणनीतिक साझेदारी भी शामिल थी।
कैबिनेट फेरबदल की अटकलें
बैठक के बाद से राजनीतिक गलियारों में कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक जून में जब सरकार के तीन साल पूरे होंगे — उसके आसपास कुछ मंत्रालयों में फेरबदल हो सकता है। हालाँकि इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
