गाज़ीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने आज मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज छात्रावास और ददरी घाट के समीप बन रहे 200 बेड के महिला छात्रावास का सघन स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और समग्र प्रगति की बारीकी से समीक्षा की। जहाँ कमियाँ नजर आईं वहाँ कार्यदायी संस्था को तत्काल सुधार के निर्देश दिए और 30 जून 2026 तक हर हाल में कार्य पूर्ण करने की स्पष्ट चेतावनी दी। यह निरीक्षण ऐसे समय में हुआ जब जिले में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं एक साथ चल रही हैं।
नर्सिंग कॉलेज — धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
मेडिकल कॉलेज परिसर में पहुँचते ही जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने नर्सिंग कॉलेज के निर्माण की स्थिति देखकर नाराजगी व्यक्त की। कुछ स्थानों पर फिनिशिंग का काम अधूरा पड़ा था और निर्माण की रफ्तार भी अपेक्षा से कम थी। उन्होंने कार्यदायी संस्था को दो टूक कहा — निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा।
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डीएम ने नर्सिंग कॉलेज में कक्षों की संरचना, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, पेयजल आपूर्ति और विद्युत व्यवस्था का एक-एक कर जायजा लिया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान आने वाले वर्षों में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाई देने में अहम भूमिका निभाएगा — इसलिए निर्माण में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नर्सिंग कॉलेज के चालू होने से जिले के युवाओं को — विशेषकर बेटियों को — स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। अधिकारियों को नियमित निगरानी करने और लापरवाही मिलने पर सीधे जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए।
नर्सिंग छात्रावास — सुविधाओं की भी हुई समीक्षा
नर्सिंग कॉलेज के साथ-साथ उसी परिसर में निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज छात्रावास का भी निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने यहाँ छात्राओं के रहने के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छात्रावास सिर्फ रहने की जगह नहीं — यह भावी नर्सों का दूसरा घर है। इसलिए इसका निर्माण उच्चतम मानकों के अनुरूप होना चाहिए।
200 बेड महिला छात्रावास — सुरक्षा मानक मजबूत करने के निर्देश
नर्सिंग कॉलेज निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ददरी घाट के पास निर्माणाधीन 200 बेड के महिला छात्रावास पहुँचे। यहाँ उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल की उपलब्धता, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार से जायजा लिया।
निरीक्षण में पाया गया कि छात्रावास परिसर में सुरक्षा मानदंडों को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। कुछ सुविधाएँ अभी अधूरी हैं — जिन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि छात्राओं को सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है — और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई नहीं चलेगी।
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गाज़ीपुर में स्वास्थ्य अवसंरचना को मिल रही नई मजबूती
गाज़ीपुर जिले में पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद अब नर्सिंग कॉलेज और महिला छात्रावास का निर्माण जिले को स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिलाधिकारी का यह निरीक्षण इस बात का संकेत है कि प्रशासन इन परियोजनाओं को केवल कागज पर नहीं बल्कि धरातल पर भी समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने के प्रति गंभीर है।
निरीक्षण में मौजूद रहे ये अधिकारी
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्था के कर्मचारी उपस्थित रहे।
