गाज़ीपुर। जमानियां तहसील क्षेत्र का करोड़ों रुपये का पर्यटन विभाग घोटाला एक बार फिर सुर्खियों में है। पूर्व विधायक सुनीता सिंह ने शनिवार को राजकीय निर्माण निगम के सहायक अभियंता के साथ सेवराई क्षेत्र के तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों पर चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले इन स्थलों के लिए पर्यटन विभाग ने धनराशि आवंटित की थी, लेकिन जमीन पर काम पूरे किए बिना ही भुगतान कर दिया गया। उस मामले में एक दर्जन से अधिक अधिकारी और ठेकेदार जेल जा चुके हैं, लेकिन गबन की गई रकम की वसूली अब तक नहीं हो सकी।
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गहमर-देवकली के धार्मिक स्थलों का निरीक्षण
पूर्व विधायक सुनीता सिंह ने शनिवार को गहमर स्थित मां कामाख्या मंदिर, देवकली स्थित शिव मंदिर और देवल स्थित बाबा कीनाराम मठ पहुंचकर पर्यटन विभाग द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। साथ में राजकीय निर्माण निगम के सहायक अभियंता भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और पूरी गुणवत्ता के साथ किए जाएं। इन धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास का वह समर्थन करती हैं — यह उन्होंने स्पष्ट किया। साथ ही यह भी कहा कि पुराने प्रकरण में जवाबदेही तय हुए बिना नए आवंटन पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
दर्जनभर जेल गए, रकम नहीं मिली
पूर्व विधायक सुनीता सिंह ने बताया कि 2017 से पहले इन तीनों धार्मिक स्थलों के विकास के लिए पर्यटन विभाग की ओर से धनराशि आवंटित की गई थी। आरोप है कि जमीनी स्तर पर कार्य पूरे किए बिना ही पूरी राशि का भुगतान संबंधित ठेकेदारों को कर दिया गया।
अपने विधायक कार्यकाल के दौरान यह मामला संज्ञान में आने पर उन्होंने जांच कराई थी। जांच के बाद संबंधित दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। मामले में एक दर्जन से अधिक अधिकारी और ठेकेदार जेल भी गए। इसके बावजूद करोड़ों रुपये की गबन की गई धनराशि की वसूली अब तक नहीं हो पाई।
सुनीता सिंह ने कहा, “जनता के पैसे की एक-एक पाई का हिसाब होना चाहिए। यदि किसी ने विकास के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया है तो उससे रकम की वसूली हो और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। मैं इस पूरे मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत हूं।”
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नए आवंटन पर उठाए सवाल
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि अब एक बार फिर इन्हीं परियोजनाओं के लिए धनराशि आवंटित की गई है। यह घोटाला ज़मानिया विधायक एवं पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह के राजनीतिक कार्यकाल से भी जुड़ा बताया जाता है — इस मामले की आंच उनकी सियासत को आज भी झुलसाती है। उनका कहना है कि पहले गबन की गई धनराशि के बराबर रकम दोबारा इन्हीं कार्यों के लिए स्वीकृत कर दी गई।
सुनीता सिंह ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनहित और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। वर्तमान निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की भी बात उन्होंने कही।
इस मामले में अभी तक सरकार या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

