गाज़ीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मासिक स्टाफ बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राजस्व विभाग के लंबित मामलों की समीक्षा की गई। धारा-33 के प्रकरणों में कम प्रगति मिलने पर तहसीलदार सेवराई से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए गए। पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित मुकदमों को 15 दिनों के भीतर निपटाने का आदेश जारी किया गया। राजस्व वसूली को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की हिदायत दी गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), मुख्य राजस्व अधिकारी, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
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सेवराई तहसीलदार से स्पष्टीकरण
बैठक में जिलाधिकारी ने स्टांप देय, वाहन कर, रॉयल्टी, विविध देय और भू-राजस्व की मांग एवं वसूली की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। कई तहसीलों में वसूली की गति संतोषजनक नहीं पाई गई। अधिकारियों को बड़े बकायेदारों की सूची तैयार करने और उनके खिलाफ प्रभावी वसूली अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
धारा-33 के मामलों में सेवराई तहसील की प्रगति अपेक्षा से कम रही। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताते हुए तहसीलदार सेवराई से स्पष्टीकरण मांगने के आदेश दिए। राजस्व वसूली के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए निर्धारित मांग के अनुसार वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाशत न करने की स्पष्ट हिदायत दी गई।
पुराने मुकदमे 15 दिन में निपटाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित मुकदमों की प्रतिदिन सुनवाई की जाए। 15 दिनों के भीतर विशेष अभियान चलाकर इन मुकदमों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
इसके अतिरिक्त एक वर्ष से अधिक और तीन वर्ष से कम अवधि से लंबित धारा-24, धारा-34, धारा-116 और धारा-80 के मामलों का भी समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। धारा-67 से जुड़े मामलों में तहसीलदारों को गंभीरता से कार्य करने की हिदायत दी गई। संबंधित उपजिलाधिकारी इन मामलों की नियमित समीक्षा करें — यह भी स्पष्ट किया गया।
जिलाधिकारी ने राजस्व ग्रामों में खेल मैदान निर्माण, सीमा स्तंभ स्थापना, कृषि भूमि पट्टा, आवासीय भूमि आवंटन, अंश निर्धारण और अंश संशोधन की प्रगति की भी समीक्षा की। इन सभी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
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राजस्व कार्यों में लापरवाही पर चेतावनी
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बैठक में स्पष्ट किया कि राजस्व कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। जनता से जुड़े मामलों का त्वरित निपटारा प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें देरी के लिए संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे।
बड़े बकायेदारों की सूची तैयार करने का निर्देश इसी दिशा में एक ठोस कदम है। वसूली अभियान को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को लक्ष्य निर्धारित करने और उनकी पूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए। लंबित राजस्व मुकदमों की संख्या कम करना और जनता को समय पर न्याय दिलाना इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य है।


