📌 अमित मणि त्रिपाठी
देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मंगलवार 30 जून को मेहरौना क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण किया। पहले उन्होंने सरकारी सस्ता गल्ला दुकान का औचक निरीक्षण किया जहां स्टॉक पंजिका अद्यतन न मिलने पर नाराजगी जताई और कोटेदार को कड़े निर्देश दिए। इसके बाद शाम करीब 4:30 बजे समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आश्रम पद्धति विद्यालय मेहरौना का निरीक्षण किया। विद्यालय में बुधवार 1 जुलाई से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो रहा है इसलिए सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण रखने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार चौधरी उपस्थित रहे।
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स्टॉक पंजिका अद्यतन नहीं
मेहरौना स्थित सरकारी सस्ता गल्ला दुकान के औचक निरीक्षण में जिलाधिकारी ने सबसे पहले स्टॉक पंजिका का अवलोकन किया। पंजिका अद्यतन नहीं पाई गई जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। कोटेदार को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि स्टॉक पंजिका नियमित रूप से अद्यतन रखी जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि खाद्यान्न का वितरण निर्धारित मात्रा और समय के अनुसार सुनिश्चित किया जाए। इसमें कोई कोताही न बरती जाए — यह उन्होंने कोटेदार को स्पष्ट शब्दों में कहा।
उपभोक्ताओं से ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने दुकान पर उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन का भी परीक्षण किया। उन्होंने गेहूं के एक बोरे का वजन कराकर मशीन की जांच की। वजन सही पाया गया जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उपभोक्ताओं को सही मात्रा में अनाज मिल रहा है।
इसके बाद जिलाधिकारी ने उपस्थित उपभोक्ताओं से सीधे खाद्यान्न वितरण की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्हें निर्धारित मात्रा में और समय पर अनाज उपलब्ध कराया जाता है। इस जानकारी से DM संतुष्ट हुए। हालांकि स्टॉक पंजिका को लेकर नाराजगी और कोटेदार को दिए गए निर्देश बरकरार रहे।
आश्रम पद्धति विद्यालय
सस्ता गल्ला दुकान के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी शाम करीब 4:30 बजे आश्रम पद्धति विद्यालय मेहरौना पहुंचे। यह विद्यालय समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित है। बुधवार 1 जुलाई से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होना है — इसी को ध्यान में रखते हुए यह निरीक्षण किया गया।
जिलाधिकारी ने नए शैक्षणिक सत्र की सभी तैयारियां समय से पूर्ण रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय में साफ-सफाई सहित सभी मूलभूत सुविधाएं, स्टेशनरी, पाठ्य-पुस्तकें और अन्य आवश्यक सामग्री की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित कर ली जाए ताकि सत्र के पहले दिन से ही पठन-पाठन बाधित न हो।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय के स्टाफ की भी जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि प्रधानाचार्य सहित कुल 7 संविदा शिक्षक कार्यरत हैं। इसके अलावा एक फार्मासिस्ट और एक लिपिक नियमित कर्मचारी के रूप में तैनात हैं।
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शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता नहीं
जिलाधिकारी ने प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार चौधरी को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी स्थिति में समझौता न किया जाए। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर पठन-पाठन व्यवस्था और सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
DM ने कहा कि बुधवार से नया सत्र शुरू हो रहा है इसलिए सभी व्यवस्थाएं पहले से ही तैयार रखी जाएं। विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े — इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
यह निरीक्षण जिलाधिकारी के उस व्यापक दौरे का हिस्सा था जिसमें उन्होंने इसी दिन रामपुर कारखाना विकास खंड कार्यालय और बरियारपुर नगर पंचायत का भी औचक निरीक्षण किया। तीनों स्थानों पर जिलाधिकारी ने जनसुविधाओं और प्रशासनिक जवाबदेही को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।



