सैदपुर (गाज़ीपुर), 1 अगस्त। कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने शनिवार को गाज़ीपुर जिले के सैदपुर में खाद-बीज की दुकानों और सहकारी समितियों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पांडेय बीज भंडार, किसान खाद भंडार, आनंद खाद भंडार, यादव खाद एवं बीज भंडार और विशाल बीज एवं खाद भंडार के साथ साधन सहकारी समिति बासूचक और सैदपुर की स्टॉक, बिक्री रजिस्टर, अभिलेख और वितरण व्यवस्था की बारीकी से जांच की गई।
अनियमितता पर सख्त कार्रवाई
निरीक्षण में पांडेय बीज भंडार और किसान खाद भंडार में अनियमितताएं पाई गईं जिन पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। आनंद खाद भंडार में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर गोदाम सीज करने का आदेश दिया गया। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों और विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक किसान को शासन द्वारा निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि ओवररेटिंग, कालाबाजारी और टैगिंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस दौरान पूर्व विधायक भोनू राम सोनकर और संयुक्त निदेशक कृषि वाराणसी मंडल शैलेंद्र कुमार उपस्थित रहे।
किसानों से सीधा संवाद
मंत्री ने बी-पैक्स सैदपुर और बी-पैक्स बासुपुर, देवकली का भी निरीक्षण किया। बासुपुर में उन्होंने ग्राम बासुपुर के किसान विपिन से दूरभाष पर बातचीत कर उर्वरक वितरण की स्थिति जानी। किसान विपिन ने बताया कि उन्हें दो बोरी यूरिया शासन द्वारा निर्धारित मूल्य ₹266.50 प्रति बोरी पर मिली और वितरण प्रक्रिया सुचारू रही।
बी-पैक्स सैदपुर में उर्वरक लेने आए किसानों ने बताया कि खाद प्राप्त करने में कोई असुविधा नहीं है और सरकारी दर पर उर्वरक मिल रही है। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि नियमित निगरानी जारी रखी जाए ताकि किसानों को समय पर उर्वरक मिलता रहे और वितरण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे।
गोरखपुर में भी चला अभियान
गाज़ीपुर के बाद कृषि मंत्री ने गोरखपुर जिले के बड़हलगंज में अंश खाद एवं बीज भंडार और बी-पैक्स टांडा भाटपार का निरीक्षण किया। यहां भी स्टॉक, बिक्री रजिस्टर और वितरण व्यवस्था की जांच की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर तत्काल कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर उप निदेशक कृषि धनंजय सिंह और जिला कृषि अधिकारी राज मंगल चौधरी उपस्थित रहे।
मंत्री ने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा। जो भी विक्रेता या अधिकारी लापरवाही में पाया जाएगा उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।

