नोएडा। गौतमबुद्ध नगर जिलाधिकारी मेधा रूपम ने ग्रेटर नोएडा के प्रमुख चौराहों को शहर की पहचान के अनुरूप सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ और आर्किटेक्ट्स के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में शासकीय कार्यालयों के समीप स्थित प्रमुख चौराहों के सौंदर्यीकरण के लिए विभिन्न मॉडल और डिजाइनों का अवलोकन किया गया। चौराहों को आधुनिक, आकर्षक और प्रेरणादायी स्वरूप देने पर विस्तार से चर्चा हुई।
क्यों जरूरी है ग्रेटर नोएडा के चौराहों का सौंदर्यीकरण
ग्रेटर नोएडा एक सुनियोजित शहर है — जो अपनी चौड़ी सड़कों, हरे-भरे पार्कों और आधुनिक बुनियादी ढांचे के लिए जाना जाता है। लेकिन शहर के प्रमुख चौराहे अभी तक उस स्तर की पहचान नहीं बना पाए जो इस शहर की शान के अनुरूप हो। सौंदर्यीकरण से न केवल शहर की खूबसूरती बढ़ेगी बल्कि यहां आने वाले लोगों पर भी एक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। बड़े शहरों में चौराहे शहर की पहचान का अहम हिस्सा होते हैं — दिल्ली का इंडिया गेट, लखनऊ का घंटाघर — ऐसे ही प्रतीक शहर को एक अलग पहचान देते हैं।
आधुनिक और प्रेरणादायी डिजाइन — क्या होगा खास
बैठक में जिन डिजाइनों पर चर्चा हुई उनमें स्थानीय संस्कृति और विरासत को दर्शाने वाले तत्वों को शामिल करने पर जोर दिया गया। गौतम बुद्ध की शिक्षाओं और बौद्ध संस्कृति से प्रेरित डिजाइन — जो इस क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को दर्शाएं। आधुनिक आर्किटेक्चर और हरित तत्वों का समन्वय। रात के समय प्रकाश व्यवस्था से चौराहों को और भव्य बनाने की योजना। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि डिजाइन यातायात प्रवाह में बाधा न बने।
DM मेधा रूपम की पहल — शहर को नई पहचान
जिलाधिकारी मेधा रूपम के नेतृत्व में ग्रेटर नोएडा को एक नई पहचान देने की यह पहल महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि एक शहर का सौंदर्य उसके नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को भी प्रभावित करता है। सुंदर और व्यवस्थित चौराहे न केवल यातायात को सुगम बनाते हैं बल्कि शहर में रहने वाले लोगों में गर्व और अपनेपन की भावना भी जगाते हैं।
बैठक में तय किया गया कि विभिन्न मॉडलों और डिजाइनों का अध्ययन करने के बाद सबसे उपयुक्त डिजाइन को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा इस परियोजना को जमीन पर उतारा जाएगा। यह परियोजना पूरी होने के बाद ग्रेटर नोएडा के चौराहों की नई पहचान बनेंगे।
गौर सिटी चौक अंडरपास — 70% काम पूरा, जल्द मिलेगी राहत
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक गौर सिटी चौक — जिसे किसान चौक भी कहते हैं — पर अंडरपास निर्माण का काम तेज गति से चल रहा है। ₹82 करोड़ की लागत से बनने वाला यह 760 मीटर लंबा अंडरपास अब 70 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है और जल्द ही यातायात के लिए खोले जाने की उम्मीद है। इस अंडरपास के बनने से गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा ईस्ट और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की तरफ से आने वाले वाहनों को भारी जाम से राहत मिलेगी। निर्माण के दौरान 800 से अधिक पेड़ों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जा चुका है।
