अमित मणि त्रिपाठी
देवरिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 मई को देवरिया-कसया फोरलेन मार्ग निर्माण परियोजना का शिलान्यास कर सकते हैं। इस प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बुधवार को जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने कार्यक्रम स्थल भीमपुर गौरा के समीप पोखरभिंडा क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हेलीपैड निर्माण, पार्किंग व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, मंच, टेंट, बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य तैयारियों का विस्तार से जायजा लिया गया।
हर व्यवस्था होगी दुरुस्त — DM का सख्त संदेश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी की जाएं। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आमजन की सुविधा का विशेष ध्यान रखने को कहा गया। साथ ही यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह व्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी — और सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए।
कलेक्ट्रेट में बैठक — जिम्मेदारियां बांटी गईं
निरीक्षण के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सौंपे गए दायित्वों का पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ रखी जाए।
देवरिया-कसया फोरलेन परियोजना
देवरिया और कुशीनगर को जोड़ने वाला यह मार्ग (NH-727A) अभी दो लेन का है — जिसकी कुल लंबाई 31.5 किलोमीटर और वर्तमान चौड़ाई 10 मीटर है। इसे फोरलेन में बदलने की परियोजना की अनुमानित कुल लागत 292.06 करोड़ रुपये है। फरवरी 2026 में शासन ने इस परियोजना को मंजूरी दी और बजट भी जारी कर दिया गया। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद पहली किस्त के रूप में 102.22 करोड़ रुपये जारी किए गए। अब शिलान्यास के बाद जमीन पर काम शुरू होने की तैयारी है। इस परियोजना के तहत पटनवा घाट के सामने छोटी गंडक नदी पर एक नया पुल भी बनाया जाएगा।
नार्थ-साउथ कॉरिडोर — पूर्वांचल की नई पहचान
यह परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी नार्थ-साउथ कॉरिडोर योजना का हिस्सा है। कुशीनगर-वाराणसी कॉरिडोर की कुल लंबाई 220 किलोमीटर है — जो कुशीनगर-देवरिया-दोहरीघाट-गाजीपुर होते हुए वाराणसी तक जाएगा। इस फोरलेन के बनने से कुशीनगर के बौद्ध तीर्थस्थलों तक पहुंच आसान होगी। विदेशी पर्यटकों की यात्रा सुगम होगी — पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी। किसानों को कृषि उत्पादों की ढुलाई में राहत मिलेगी और क्षेत्र में व्यापार और उद्योग को भी बल मिलेगा।
निरीक्षण एवं बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी वीके सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेम नारायण सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम शंकर सहित प्रशासनिक एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
