रोम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की ऐतिहासिक यात्रा का आखिरी और सबसे भव्य पड़ाव रहा इटली। UAE, नीदरलैंड्स, स्वीडन और नॉर्वे के बाद बुधवार को PM मोदी इटली की राजधानी रोम पहुंचे। रोम के हवाईअड्डे पर इटली के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने उनका स्वागत किया। लेकिन असली स्वागत हुआ उस पल — जब इटली की PM जॉर्जिया मेलोनी ने कोलोसियम की पृष्ठभूमि में PM मोदी के साथ सेल्फी खींची और X पर लिखा — “Welcome to Rome, my friend!” यह एक तस्वीर पूरी दुनिया में वायरल हो गई।
इटली क्यों — क्या है खास
इटली दुनिया की 8वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और G7 का अहम सदस्य। भारत और इटली के बीच पहले से ही 1,000 से अधिक कंपनियां एक-दूसरे के बाजारों में काम कर रही हैं — लेकिन दोनों देशों के बीच संबंध अभी तक उस गहराई तक नहीं पहुंचे थे जिसकी उनमें क्षमता है। IMEC यानी भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा — जो भारत को यूरोप से जोड़ने की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना है — उसमें इटली की भूमिका बेहद अहम है। इटली भूमध्य सागर के केंद्र में है — और IMEC के लिए यह सबसे जरूरी कड़ी है।
मेलोनी और मोदी — ‘मेलोडी’ की दोस्ती
PM मोदी और मेलोनी की दोस्ती सोशल मीडिया पर “Melodi” के नाम से मशहूर है — दोनों के नामों को मिलाकर बना यह टैग इंटरनेट पर खूब वायरल होता है। मंगलवार रात पहुंचते ही दोनों नेताओं ने एक साथ रात्रि-भोज किया और रोम के ऐतिहासिक कोलोसियम का दौरा किया। PM मोदी ने X पर लिखा — “रोम पहुंचकर PM मेलोनी के साथ रात्रि-भोज और कोलोसियम का दौरा किया। कई महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत हुई।” आज की औपचारिक बैठक से पहले की यह गर्मजोशी दोनों देशों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
क्या मिला — विशेष रणनीतिक साझेदारी
आज की द्विपक्षीय बैठक का सबसे बड़ा नतीजा रहा — भारत-इटली संबंधों को “विशेष रणनीतिक साझेदारी” का दर्जा देना। दोनों नेताओं ने एक संयुक्त लेख भी लिखा जिसमें उन्होंने कहा कि भारत और इटली का रिश्ता अब केवल औपचारिक कूटनीति तक सीमित नहीं रहा — यह एक ऐसी साझेदारी बन चुकी है जो लोकतंत्र, स्वतंत्रता और साझा भविष्य की नींव पर खड़ी है।

भारत और इटली ने 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को €20 अरब तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया। अभी दोनों देशों के बीच व्यापार €14 अरब के करीब है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI, क्वांटम कम्प्यूटिंग, उन्नत विनिर्माण और डिजिटल बुनियादी ढांचे में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा वार्षिक शासनाध्यक्ष शिखर सम्मेलन का संस्थागत ढांचा भी तैयार किया गया।
पांच देशों की यात्रा का सबसे अहम पड़ाव
भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा यानी IMEC — यह परियोजना भारत को खाड़ी देशों के रास्ते यूरोप से जोड़ेगी। इसमें परिवहन मार्ग, डिजिटल नेटवर्क, ऊर्जा कनेक्शन और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला शामिल है। इटली इस गलियारे का यूरोपीय प्रवेश द्वार बनेगा। दोनों नेताओं ने इसे “इंडो-मेडिटेरेनियन” युग की नींव बताया — जिसमें एशिया और यूरोप व्यापार, तकनीक और ऊर्जा से और गहराई से जुड़ेंगे।
दोनों देशों के बीच 2025-2029 के लिए तैयार की गई संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना की समीक्षा भी इस बैठक में हुई। इसमें रक्षा, अंतरिक्ष, समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग शामिल है। यह योजना दोनों देशों के बीच आने वाले चार वर्षों का रोडमैप तय करती है।
PM मोदी ने आज इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मट्टारेला से भी मुलाकात की — जो दोनों देशों के बीच सर्वोच्च स्तर पर संवाद का प्रतीक है। UAE से शुरू होकर नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और अब इटली — यह पांच देशों की यात्रा भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक ताकत का सबसे बड़ा प्रमाण बनकर सामने आई।
