ग्रेटर नोएडा। NCR के लोगों के लिए एक साथ दो बड़ी खुशखबरियां आने वाली हैं। एक तरफ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून को पहली उड़ान भरने की तैयारी है, तो दूसरी तरफ उसी दिन से एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए इलेक्ट्रिक बसें भी दौड़ने को तैयार हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है और यूपी रोडवेज को इन बसों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पहले चरण में चार रूट, 15 बसें
शुरुआती दौर में कुल चार रास्तों पर 15 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इन रूट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट दोनों हिस्सों के यात्रियों को सीधे एयरपोर्ट तक पहुंचने की सुविधा मिले। अधिकारियों के मुताबिक एक महीने तक इन चारों रूट पर ट्रायल चलेगा और उसके बाद जरूरत के हिसाब से बसों की संख्या और रास्ते दोनों बढ़ाए जाएंगे।
कौन से हैं चारों रूट
पहला रूट ग्रेटर नोएडा वेस्ट के चार मूर्ति चौक से शुरू होगा और सूरजपुर टी-प्वाइंट तथा परी चौक होते हुए सीधे नोएडा एयरपोर्ट तक जाएगा। इस रास्ते पर चार बसें तैनात की जाएंगी।
दूसरा रूट भी चार मूर्ति चौक से ही निकलेगा लेकिन यह 130 मीटर चौड़ी सड़क से होते हुए राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी जिम्स के रास्ते एयरपोर्ट तक पहुंचेगा। इस मार्ग पर भी चार बसें चलाई जाएंगी।
तीसरा रूट ग्रेटर नोएडा ईस्ट से निकलकर 130 मीटर रोड पर मकौड़ा रोटरी से नासा पार्किंग होते हुए एयरपोर्ट तक जाएगा — इस पर भी चार बसें रहेंगी।
चौथा और आखिरी रूट औद्योगिक सेक्टर-16 से शुरू होकर तिलपता रोटरी, स्वर्णनगरी, यथार्थ हॉस्पिटल और गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय होते हुए एयरपोर्ट तक जाएगा। इस पर तीन बसें चलेंगी।
15 जून — पहली उड़ान के साथ बस सेवा भी शुरू
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि योजना यही है कि जिस दिन एयरपोर्ट से पहली उड़ान जाए उसी दिन से यात्रियों को बस सेवा भी मिलने लगे। उनके मुताबिक एक महीने के ट्रायल में यात्रियों की मांग और भीड़ का आकलन किया जाएगा और उसके आधार पर सेवा का विस्तार किया जाएगा।
NCR वालों के लिए क्यों अहम है ये खबर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली के IGI हवाई अड्डे पर जो साल-दर-साल बढ़ता दबाव है उसमें कुछ कमी आने की उम्मीद है। खासतौर पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और पूर्वी दिल्ली के निवासियों के लिए यह नया हवाई अड्डा IGI की तुलना में काफी करीब पड़ेगा — समय और पैसे दोनों की बचत होगी। ऊपर से इलेक्ट्रिक बस सेवा मिल जाने से उन लोगों को भी राहत मिलेगी जो निजी वाहन के बिना सफर करते हैं।
पर्यावरण के लिए भी बेहतर कदम
इलेक्ट्रिक बसों का चुनाव सिर्फ यात्रियों की सुविधा के लिए नहीं बल्कि NCR की हवा को साफ रखने की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम है। NCR पहले से ही प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझता रहा है और सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता उपयोग इस दिशा में राहत देने वाला साबित होगा।
