लखनऊ, 06 अक्टूबर। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने आकाश आनंद को दोबारा पार्टी में शामिल करने और राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंपने के बाद मीडिया में चल रही खबरों पर सफाई दी है। मायावती ने कहा कि आकाश आनंद की पार्टी में वापसी को लेकर अधिकांश मीडिया में पूरे घटनाक्रम को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद शादी से पहले से ही पार्टी में सक्रिय थे और उस समय उन्हें संगठन से अलग करने की कोई जरूरत नहीं पड़ी थी।
शादी से पहले सक्रिय थे आकाश
मायावती ने कहा कि आकाश आनंद शादी से पहले से ही बसपा के कामकाज में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उस दौरान उन्होंने पार्टी को शिकायत का कोई मौका नहीं दिया, इसलिए उन्हें कभी पार्टी से निकालना नहीं पड़ा। उन्होंने मीडिया से आकाश आनंद को पार्टी से अलग किए जाने के घटनाक्रम का जिक्र करते समय इस पूरे पहलू को भी सामने रखने की बात कही।
बसपा प्रमुख ने कहा कि आकाश आनंद के अशोक सिद्धार्थ के साथ रिश्ते के बाद परिस्थितियों में बदलाव आया। उनके मुताबिक, इसके बाद आकाश आनंद की राजनीतिक भूमिका और कामकाज में सुधार लाने के उद्देश्य से उन्हें संगठन से कई बार अलग करना पड़ा। मायावती ने कहा कि गलती का एहसास होने के बाद उन्हें दोबारा पार्टी में भी लिया गया।
अशोक सिद्धार्थ पर भी टिप्पणी
मायावती ने अपने बयान में अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक फैसले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके संन्यास लेने के बाद अब ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए, जिसमें आकाश आनंद को फिर पार्टी से अलग करने की जरूरत पड़े। मायावती ने उम्मीद जताई कि आगे आकाश आनंद पार्टी में सक्रिय रहेंगे और राजनीतिक रूप से आगे बढ़ेंगे।
वापसी पर मीडिया को जवाब
मायावती ने कहा कि आकाश आनंद को दोबारा बसपा में शामिल कर राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है। उन्होंने मीडिया में इसे लेकर सामने आई खबरों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि घटनाक्रम को केवल बार-बार पार्टी से निकाले जाने के रूप में पेश करना पूरी तस्वीर नहीं बताता।
बसपा प्रमुख ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि आकाश आनंद को संगठन से अलग करने और फिर वापस लेने के पीछे उनका उद्देश्य राजनीतिक और संगठनात्मक सुधार था। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब आगे ऐसी परिस्थिति नहीं आएगी और आकाश आनंद पार्टी के काम में सक्रिय रहकर अपनी राजनीतिक भूमिका को आगे बढ़ाएंगे।

