लखनऊ, 01 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को कई मुद्दों पर सरकार को घेरा। उन्होंने भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, जलभराव, सड़कों की स्थिति, बिजली, रोजगार और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और सुविधाओं से जुड़े फैसलों का भी उन्होंने जिक्र किया। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी की सरकार बनने पर लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि बढ़ाकर 51 हजार रुपये प्रतिमाह की जाएगी और सरकारी अस्पतालों में उनके इलाज की व्यवस्था की जाएगी।
लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि
लोकतंत्र सेनानियों की मांगों और सुविधाओं को लेकर अखिलेश यादव ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर लोकतंत्र सेनानियों को हर महीने 51 हजार रुपये सम्मान राशि दी जाएगी। साथ ही सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों को पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा।
जलभराव, सड़क और बिजली पर सवाल
लखनऊ और गोरखपुर में जलभराव का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बारिश के बाद शहरों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लखनऊ को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने का जिक्र करते हुए उन्होंने शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सफाई के लिए बजट आने के बावजूद नदियों और नालों की सफाई नहीं हो सकी।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि करीब सात हजार करोड़ रुपये की लागत वाले 91 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के 45 किलोमीटर हिस्से में 74 गड्ढे होने की बात सामने आई है। उन्होंने समाजवादी सरकार के समय बने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उदाहरण देते हुए उसकी गुणवत्ता का भी जिक्र किया।
बिजली को लेकर अखिलेश ने कहा कि अगर पर्याप्त बिजली उत्पादन हुआ होता तो आपूर्ति की समस्या नहीं होती। उन्होंने अपनी सरकार के समय शुरू किए गए बिजली संयंत्रों का जिक्र करते हुए मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
रोजगार और चुनावी प्रक्रिया पर बात
युवाओं के रोजगार का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पढ़ाई और उपलब्ध नौकरियों के बीच अंतर है। उन्होंने कहा कि भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर तकनीक और नई पीढ़ी से जुड़े मुद्दों पर काम किया जाएगा। उनके मुताबिक किसानों, गरीबों और गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने निवेश को लेकर कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास के लिए सरकारी और निजी, दोनों तरह के निवेश की जरूरत है। चुनावी प्रक्रिया पर भी अखिलेश ने कई सवाल उठाए। उन्होंने उपचुनावों में बेईमानी के आरोप लगाए और कहा कि समाजवादी पार्टी पहले से ही चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती रही है।

