गाज़ीपुर, 06 अक्टूबर। आगामी विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव को लेकर मंगलवार को रायफल क्लब सभागार में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा की संयुक्त अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार चुनाव की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और मतदान केंद्रों पर जरूरी सुविधाओं को लेकर विभागवार समीक्षा की गई। अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए तय कार्यों को समय से पूरा करने पर जोर दिया गया।
आयोग के निर्देशों पर जोर
बैठक में सभी प्रभारी अधिकारियों के स्तर पर चल रही चुनावी तैयारियों की समीक्षा की गई। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे करने और आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने पर जोर रहा। चुनाव से जुड़ी जिम्मेदारियों में लापरवाही न हो, इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर भी ध्यान दिया गया। बैठक में अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियों और अब तक की तैयारियों की स्थिति की समीक्षा की गई।
संवेदनशील बूथों की पहचान
सभी उपजिलाधिकारियों और क्षेत्राधिकारियों के बीच समन्वय से संवेदनशील बूथों का चिन्हांकन किया जाना है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर चुनावी स्थिति की जानकारी जुटाने और संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान करने पर जोर दिया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की क्षेत्र में लगातार मौजूदगी के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।
मतदाताओं को प्रभावित करने वाले कारकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की रूपरेखा पर भी समीक्षा की गई। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के लगातार भ्रमण तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बूथों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त
मतदान केंद्रों पर नियुक्त मतदान कार्मिकों की व्यवस्था, साफ-सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की तैयारियों की भी समीक्षा हुई। बूथों के निर्माण और जरूरी व्यवस्थाओं के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी, उपजिलाधिकारी और संबंधित खंड विकास अधिकारियों के बीच समन्वय की व्यवस्था तय की गई।
इसके अलावा आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए जिले के सभी बूथों पर आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय पर भी जोर दिया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी और अन्य संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

