नई दिल्ली। वनडे विश्वकप 2023 में भारतीय टीम ने लगातार छठी जीत दर्ज करते हुए इंग्लैंड को 100 रनों से हरा दिया। इस टूर्नामेंट में भारत का अजेय अभियान बदस्तूर जारी है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट खोकर 229 रन बनाए, जिसके जवाब में इंग्लैंड की पूरी टीम 129 रन पर ढेर हो गई। कप्तान रोहित शर्मा को उनकी 87 रनों की पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
भारतीय पारी — रोहित ने संभाली बागडोर
इस विश्वकप में पहली बार भारत ने पहले बल्लेबाजी की। शुरुआत देखकर लग रहा था कि टीम 300 से ऊपर का स्कोर बनाएगी, लेकिन एक के बाद एक विकेट गिरते चले गए। रोहित शर्मा (87), सूर्यकुमार यादव (49) और केएल राहुल (39) को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर और रवींद्र जडेजा शुरुआत भी नहीं कर पाए।
40 ओवर में 5 विकेट पर 180 रन बनाने के बाद आखिरी 10 ओवरों में टीम सिर्फ 4 विकेट पर 49 रन ही जोड़ पाई। हार्दिक पांड्या की अनुपस्थिति साफ दिखी। इंग्लैंड की शानदार फील्डिंग ने भी अहम भूमिका निभाई — फील्डरों ने करीब 20 रन बचाए जो चौके-छक्के में जाते-जाते रह गए।
इंग्लैंड का शर्मनाक प्रदर्शन
230 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की पारी शुरू से ही लड़खड़ाती रही। जसप्रीत बुमराह ने पारी की शुरुआत में ही डेविड मलान और जो रूट को लगातार गेंदों पर पवेलियन भेज दिया। दबाव बढ़ते देख कप्तान रोहित ने मोहम्मद शमी को गेंद सौंपी जिन्होंने बेन स्टोक्स और जॉनी बेयरस्टो को आउट किया।
39 रन पर 4 विकेट गिरने के बाद इंग्लैंड की उम्मीदें दम तोड़ चुकी थीं। कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा ने रन रोकते हुए बाकी विकेट भी बटोरे। इस विश्वकप में इंग्लैंड की बल्लेबाजी पूरी तरह नाकाम रही है — ज्यादातर मैचों में टीम छोटे स्कोर पर सिमट जाती है। किसी भी बल्लेबाज ने आक्रामकता नहीं दिखाई और भारतीय गेंदबाजों के सामने एक न चली।
इंग्लैंड की गेंदबाजी रही प्रभावशाली
हालांकि गेंदबाजी में इंग्लैंड ने अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने गिल को जल्दी आउट किया, कोहली को गलत शॉट खेलने पर मजबूर किया और श्रेयस को शॉर्ट बॉल में फंसाया। राहुल भी आक्रामकता में विकेट गंवा बैठे। इंग्लैंड का पूरा ध्यान भारत को कम से कम स्कोर पर रोकने पर था — और इसमें वे काफी हद तक सफल रहे।
बुमराह की घातक गेंदबाजी निर्णायक
इस मैच में बुमराह एक बार फिर भारत के सबसे घातक हथियार साबित हुए। शुरुआती ओवरों में ही उन्होंने इंग्लैंड की रीढ़ तोड़ दी। शमी ने पिछले मैच की तरह इस बार भी शानदार प्रदर्शन किया। कुलदीप और जडेजा ने मध्य ओवरों में रन रोककर दबाव बनाए रखा। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का यह तालमेल इस विश्वकप में अजेय साबित हो रहा है।



