गाज़ीपुर। जिले में शुक्रवार की देर रात हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। सदर कोतवाली क्षेत्र के बिंदु होटल के बाहर होटल कारोबारी के बेटे विनीत राय (26) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गाज़ीपुर हत्याकांड में परिजनों ने कुख्यात कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडे समेत उसके साथियों पर आरोप लगाया है। हमलावरों ने विनीत पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया और आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमें लगाई गई हैं।
कब और कहाँ हुई वारदात
यह वारदात बीते शुक्रवार की देर रात करीब 11 बजे सदर कोतवाली क्षेत्र के बिंदु होटल के गेट पर हुई। बताया जा रहा है कि विनीत राय रात को होटल में ही डिनर करने के बाद घर जाने के लिए निकले थे, लेकिन गेट तक पहुँचकर कोई काम याद आने पर वे दोबारा होटल के अंदर चले गए। कुछ ही देर बाद जब वे बाहर निकलकर अपनी कार की ओर बढ़े, तभी घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और गोलियां चला दीं। हमले में विनीत को सँभलने तक का मौका नहीं मिला और वे मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े।
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कैसे रची गई साज़िश
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हत्या को पूरी योजना के तहत अंजाम दिया गया। बताया जा रहा है कि दो बाइक पर सवार होकर पहुँचे हमलावरों ने पहले गेट पर खड़े गार्ड से शराब के बारे में पूछा और 16 बीयर की मांग की। पैसे मांगे जाने पर हमलावरों ने ऑनलाइन भुगतान करने की बात कही और गार्ड क्यूआर कोड दिखाने के लिए मैनेजर का फोन लेकर पहुँचा ही था कि उन्होंने अचानक मांग 16 से घटाकर 8 बीयर कर दी। दरअसल यह सारी बातचीत महज़ वक्त खींचने और विनीत को बाहर अकेले में दबोचने की सोची-समझी चाल थी।
इसी बीच जैसे ही विनीत राय होटल से बाहर निकलकर अपनी कार की तरफ बढ़े, हमलावरों ने कमर से पिस्टल निकालकर उन्हें घेर लिया और फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि पहली गोली विनीत के दाहिने हाथ में लगी, जान बचाकर भागे तो कमर में गोली मारी गई, और लड़खड़ाते ही सीने में दो गोलियां दाग दी गईं। इसके बाद हमलावरों ने प्रत्यक्षदर्शी गार्ड शंभू को भी मारने के लिए दौड़ाया, लेकिन वह भागकर होटल के अंदर घुस गया और चैनल बंद कर लिया। गार्ड ने अंदर से ही विनीत के पिता को फोन कर घटना की जानकारी दी। पुलिस को घटनास्थल से छह-सात खोखे बरामद हुए हैं।
विनीत राय कौन थे
मृतक विनीत राय (26) होटल कारोबारी आलोक राय के बड़े बेटे थे। आलोक राय और उनके भाई अरविंद राय ने वर्ष 2012 में एक बीघा ज़मीन पर इस होटल की नींव रखी थी, जिसमें इस समय करीब 50 कमरे हैं। पढ़ाई में भी विनीत होनहार रहे — उन्होंने एमएससी के साथ डी.फार्मा किया और उसके बाद होटल की पूरी कमान अपने हाथ में ले ली थी। बताया जाता है कि बीते कुछ समय से वे होटल का रेनोवेशन भी करवा रहे थे। कारोबार में उनके छोटे भाई आदेश (27) भी हाथ बँटाते हैं।
बेहद दुखद पहलू यह है कि विनीत की शादी महज़ एक साल पहले 18 मई को हुई थी और उनकी दो महीने की एक बेटी है। कारोबार को आगे बढ़ाने में जुटे एक होनहार युवा की इस तरह हत्या ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया और इलाके में गहरे शोक के साथ-साथ भारी आक्रोश का माहौल है।
निशाने पर शंकर पांडे — कौन है ये सरगना
परिजनों का आरोप है कि इस हत्याकांड के पीछे कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडे और उसके साथियों का हाथ है। होटल कारोबारी आलोक राय के अनुसार शंकर पांडे ने अपने चार-पाँच साथियों के साथ मिलकर उनके बेटे की हत्या की। उनका आरोप है कि वर्ष 2024 में इसी गैंग ने रंगदारी मांगी थी और पैसे न देने पर होटल पर हमला कर शीशे व अन्य सामान तोड़ दिए थे, जिसके बाद शंकर पांडे जेल भी गया था। आरोप है कि जमानत पर बाहर आते ही उसने दोबारा आपराधिक गतिविधियां शुरू कर दीं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शंकर पांडे क्षेत्र का कुख्यात अपराधी बताया जाता है, जो “कटरा गैंग” नाम से गिरोह चलाता है। इस गिरोह में कई युवक शामिल हैं और यह लूटपाट, दबंगई व अवैध वसूली जैसी वारदातों में सक्रिय रहा है। सूत्रों के मुताबिक यह गैंग एक व्हाट्सएप ग्रुप के ज़रिए संचालित होने की बात सामने आई है, जहाँ वारदात से पहले संदेश भेजा जाता था और काम के बाद बदमाश फरार हो जाते थे। हालांकि अभी ये सभी बातें आरोप और जांच के स्तर पर हैं।
परिवार का छलका दर्द
बेटे को खोने के बाद परिजन गहरे सदमे में हैं। आलोक राय का कहना है कि वे ईमानदारी से कारोबार चलाते हैं और हर साल करीब एक करोड़ रुपये टैक्स चुकाते हैं, इसके बावजूद उनका परिवार सुरक्षित नहीं है। उनका आरोप है कि गैंग के खतरे को लेकर पहले भी डीजीपी, मुख्यमंत्री, एडीजी और एसपी समेत कई अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस गिरोह के पूरी तरह सफाए की मांग की है।
मृतक के जीजा उदय सिंह का आरोप है कि वारदात के बाद आला पुलिस अधिकारी समय रहते मौके पर नहीं पहुँचे। उनका कहना है कि अगर फौरन रास्ते सील कर घेराबंदी की गई होती, तो हमलावरों को उसी रात दबोचा जा सकता था। उधर, पोस्टमॉर्टम के बाद जैसे ही विनीत का शव घर लाया गया, पत्नी और मां सुध-बुध खोकर गिर पड़ीं, जबकि पिता बेटे के शव से लिपटकर बिलखते रहे। दिल दहला देने वाला दृश्य यह रहा कि मासूम दो महीने की बेटी भी अपने पिता के शव के पास मौजूद थी। देर शाम बैकुंठधाम घाट पर विनीत का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बेबस और टूट चुके परिजनों ने मुख्य आरोपी के एनकाउंटर तक की मांग की है।
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पुलिस ने अब तक क्या किया
पिता आलोक राय की तहरीर पर पुलिस ने शंकर पांडे समेत चार नामजद और कुछ अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर कोतवाल महेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है और गहमर कोतवाल प्रमोद यादव को सदर कोतवाली की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें गठित कर बिहार और उत्तर प्रदेश में दबिश दी जा रही है। घटना की सूचना पर वाराणसी ज़ोन के एडीजी पीयूष मोर्डिया भी मौके पर पहुँचे और परिजनों से मुलाकात की।
अब तक कौन पकड़ा गया
पुलिस ने पूछताछ के लिए चार लोगों को हिरासत में लिया है, हालांकि मुख्य आरोपी शंकर पांडे समेत हमलावरों की तलाश अब भी जारी है। वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण के अनुसार मामले में चार लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है और गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों में शंकर पांडे भी शामिल है, जिसका पीड़ित पक्ष से पहले से विवाद चल रहा था। डीआईजी के मुताबिक यदि कटरा गैंग की संलिप्तता और गिरोह के सदस्यों की पूर्व आपराधिक गतिविधियां प्रमाणित होती हैं, तो गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
