नोएडा। चढ़ते पारे के साथ ही जिले में मिलावटी और दूषित खाने-पीने की चीज़ों पर रोक लगाने की कवायद तेज़ हो गई है। जिलाधिकारी मेधा रूपम के आदेश पर शुरू हुए नोएडा खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत विभाग की टीमों ने अलग-अलग निर्माण इकाइयों और दुकानों पर पहुँचकर आइसक्रीम सहित कई खाद्य पदार्थों के 08 नमूने जांच के लिए उठाए। विभाग का कहना है कि लोगों की सेहत से जुड़ा यह अभियान आगे भी रुकने वाला नहीं है।
गर्मी में क्यों बढ़ जाता है खतरा
तापमान बढ़ते ही ठंडी चीज़ों की माँग कई गुना हो जाती है — आइसक्रीम, शीतल पेय, शरबत, दूध और बर्फ से बनी चीज़ें हर गली-मोहल्ले में बिकने लगती हैं। यही वह समय होता है जब कुछ कारोबारी मुनाफ़े के चक्कर में घटिया सामग्री, नकली रंग या गंदे पानी का इस्तेमाल करने लगते हैं। ऐसे उत्पाद पेट की बीमारियों, फूड पॉइज़निंग और संक्रमण की बड़ी वजह बनते हैं, खासकर बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए। इसी जोखिम को देखते हुए प्रशासन ने पहले से चौकसी बढ़ा दी है।
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अभियान में भरे गए आइसक्रीम के नमूने
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने उन जगहों को निशाने पर लिया जहाँ खाद्य पदार्थ बनते और बड़ी मात्रा में बेचे जाते हैं। निरीक्षण के दौरान आइसक्रीम और अन्य खाद्य सामग्री के कुल 08 नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे गए। यहाँ इनकी गुणवत्ता, इस्तेमाल किए गए तत्वों और तय मानकों पर खरे उतरने की बारीकी से जांच होगी। जांच में क्या निकलता है, इसी पर आगे का रुख तय होगा।
जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई कार्रवाई
यह पूरी मुहिम जिलाधिकारी मेधा रूपम के स्पष्ट निर्देश के बाद शुरू हुई। उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि गर्मी के मौसम में लोगों तक शुद्ध और सुरक्षित खाद्य व पेय पदार्थ पहुँचना सुनिश्चित किया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। उनके इसी रुख के चलते विभाग ने ज़मीनी स्तर पर सक्रियता दिखाई।
जांच रिपोर्ट तय करेगी अगला कदम
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जो नमूने भेजे गए हैं, उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कदम उठाए जाएंगे। अगर कोई नमूना तय मानकों पर खरा नहीं उतरता या उसमें मिलावट पाई जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ़ खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने साफ़ किया है कि लापरवाही करने वालों को किसी सूरत में बख़्शा नहीं जाएगा।
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उपभोक्ता भी रखें इन बातों का ध्यान
प्रशासन की सख़्ती अपनी जगह है, लेकिन जागरूक उपभोक्ता खुद भी अपना बचाव कर सकता है। खुले में रखी या बिना ढकी हुई आइसक्रीम और मिठाइयों से बचें, बहुत ज़्यादा चटक रंग वाली चीज़ें खरीदते समय सतर्क रहें, और हो सके तो लाइसेंसधारी व भरोसेमंद दुकानों से ही सामान लें। किसी भी संदिग्ध उत्पाद की शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग तक पहुँचाई जा सकती है।
आगे भी जारी रहेगी मुहिम
विभाग ने भरोसा दिलाया है कि नोएडा खाद्य सुरक्षा अभियान एक बार की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में दूध, मिठाई, पेय पदार्थ और दूसरी रोज़मर्रा की खाद्य सामग्री की भी जांच की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जनता की सेहत सबसे ऊपर है और मिलावटखोरों के खिलाफ़ यह अभियान लगातार चलता रहेगा।
