गाज़ीपुर। सड़क पर लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। गाज़ीपुर ट्रैफिक चेकिंग अभियान के तहत बिरनो टोल प्लाजा पर 8 टीमों ने मोर्चा संभाला और एक ही दिन में 463 वाहनों के चालान काट डाले। नियम तोड़ते पकड़े गए चालकों पर कुल 7 लाख 92 हजार रुपये का जुर्माना ठोका गया। इस पूरी कवायद का मकसद जिले में सड़क सुरक्षा को पुख़्ता करना और बेलगाम वाहन चालकों पर लगाम लगाना रहा।
किसके निर्देश पर चला अभियान
यह अभियान अपर पुलिस महानिदेशक यातायात एवं सड़क सुरक्षा, उत्तर प्रदेश के निर्देशन में चलाया गया। पुलिस अधीक्षक गाज़ीपुर डॉ. ईरज राजा के पर्यवेक्षण में अपर पुलिस अधीक्षक नगर राकेश कुमार मिश्र, क्षेत्राधिकारी यातायात, एआरटीओ गाज़ीपुर, प्रभारी यातायात और थानाध्यक्ष बिरनो के नेतृत्व में कुल आठ टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने टोल प्लाजा पर मोर्चा संभालकर एक-एक वाहन की बारीकी से जांच की।
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किन-किन पर हुई कार्रवाई
अभियान में मुख्य रूप से शराब पीकर गाड़ी चलाने (ड्रंकन ड्राइव), प्रेशर हॉर्न, मोडिफाइड साइलेंसर और एचएसआरपी नंबर प्लेट के नियमों का उल्लंघन करने वालों को निशाने पर लिया गया। जांच के दौरान 02 ऐसे वाहन पकड़े गए जिनके चालक शराब के नशे में गाड़ी चला रहे थे, जिनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई। इसके अलावा 17 वाहनों का प्रेशर हॉर्न और 15 वाहनों का नंबर प्लेट संबंधी नियमों के उल्लंघन पर चालान काटा गया।
आम लोगों को राहत, तेज़ रफ्तार पर लगाम
टोल प्लाजा जैसे व्यस्त बिंदु पर इस तरह की सघन जांच से न सिर्फ नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मचा, बल्कि आम राहगीरों को भी राहत महसूस हुई। तेज़ रफ्तार, नशे में ड्राइविंग और प्रेशर हॉर्न की वजह से अक्सर हादसे और परेशानी की शिकायतें मिलती रहती हैं। पुलिस की मौजूदगी और लगातार चालान की कार्रवाई से वाहन चालकों में नियम पालन को लेकर सतर्कता बढ़ी।
क्यों ज़रूरी है ऐसी सख़्ती
सड़क हादसों के बड़े कारणों में नशे में ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग और वाहनों में अवैध बदलाव शामिल हैं। मोडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न जहाँ ध्वनि प्रदूषण बढ़ाते हैं, वहीं एचएसआरपी नंबर प्लेट न होने से वाहनों की पहचान और कानूनी निगरानी मुश्किल हो जाती है। यही वजह है कि प्रशासन इन बिंदुओं पर लगातार सख़्ती बरत रहा है, ताकि सड़कें सुरक्षित रहें और नियम का पालन आदत बने।
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अन्य जिलों में भी चल रहा अभियान
सड़क सुरक्षा को लेकर यह सख़्ती सिर्फ़ गाज़ीपुर तक सीमित नहीं है। अपर पुलिस महानिदेशक यातायात एवं सड़क सुरक्षा के निर्देश पर पूरे प्रदेश में इस तरह के चेकिंग अभियान समय-समय पर चलाए जा रहे हैं। ड्रंकन ड्राइव, ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन चलाने तथा वाहनों में अवैध बदलाव जैसे मामलों पर लगातार नज़र रखी जा रही है। प्रशासन का मानना है कि नियमित जांच और चालान की कार्रवाई से ही लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
सड़क सुरक्षा पर पुलिस का ज़ोर
पुलिस के अनुसार इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि सड़क हादसों पर रोक लगाई जा सके और यातायात व्यवस्था सुधर सके। अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें, नशे में गाड़ी न चलाएं और प्रेशर हॉर्न व मोडिफाइड साइलेंसर जैसे उपकरणों से बचें। पुलिस का कहना है कि लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख़्ती बरती जाती रहेगी।
