गाज़ीपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रीअन्न (मिलेट्स) को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम 2026-27 के तहत जनपद के किसान उत्पादक संगठनों (FPO), उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों (SHG) से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सीड मनी से लेकर प्रसंस्करण केंद्र, मोबाइल आउटलेट और मिलेट्स स्टोर — सभी के लिए सरकार सहायता दे रही है। उप कृषि निदेशक विजय कुमार ने इच्छुक संगठनों और उद्यमियों से 10 जुलाई 2026 से पहले आवेदन करने की अपील की है।
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क्या है योजना, कौन है पात्र?
उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम 2026-27 राज्य सरकार की उस पहल का हिस्सा है जिसका मकसद किसानों और उद्यमियों को श्रीअन्न आधारित व्यवसाय से जोड़कर उनकी आमदनी बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। इस योजना के तहत जनपद के सभी FPO, उद्यमी और स्वयं सहायता समूह आवेदन कर सकते हैं।
योजना में पांच प्रमुख घटक शामिल हैं — सीड मनी (FPO के माध्यम से), मिलेट्स प्रसंस्करण एवं पैकिंग सह विपणन केंद्र की स्थापना, मिलेट्स मोबाइल आउटलेट के जरिए सीधी बिक्री की सुविधा, मिलेट्स स्टोर खोलने का अवसर और विपणन केंद्र विकसित करने की सुविधा। इन सभी के लिए सरकार की तरफ से वित्तीय सहायता दी जाएगी।
सीड मनी के लिए ऑनलाइन आवेदन 15 जून 2026 से शुरू हो चुका है। वहीं मिलेट्स प्रसंस्करण केंद्र, पैकिंग एवं विपणन केंद्र, मोबाइल आउटलेट और मिलेट्स स्टोर के लिए आवेदन की प्रक्रिया 20 जून से 10 जुलाई 2026 तक चलेगी। यानी इच्छुक संगठनों और उद्यमियों के पास अभी समय है लेकिन देरी नहीं करनी चाहिए।
कैसे करें आवेदन
आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। इच्छुक FPO, उद्यमी और स्वयं सहायता समूह कृषि विभाग के विभागीय पोर्टल agriculture.up.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर सभी योजनाओं के लिए अलग-अलग लिंक उपलब्ध हैं।
उप कृषि निदेशक विजय कुमार ने बताया कि जो भी संगठन या उद्यमी सीड मनी, प्रसंस्करण केंद्र, मोबाइल आउटलेट या मिलेट्स स्टोर में से किसी एक या अधिक के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे अपनी आवश्यकता के अनुसार पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय उप कृषि निदेशक, गाज़ीपुर से संपर्क किया जा सकता है।
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मिलेट्स के जरूरी फायदे
मिलेट्स यानी ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, कुटकी जैसे मोटे अनाज — ये सदियों से भारतीय खान-पान का हिस्सा रहे हैं लेकिन बीच के दशकों में उपेक्षित हो गए। अब केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इन्हें फिर से मुख्यधारा में लाने की कोशिश कर रही हैं। पोषण से भरपूर होने के कारण इनकी मांग घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में तेजी से बढ़ रही है।
गाज़ीपुर जैसे कृषि प्रधान जनपद में यह योजना किसानों के लिए नई संभावनाएं लेकर आई है। जो FPO और SHG अब तक परंपरागत फसलों तक सीमित थे, वे अब मिलेट्स आधारित प्रसंस्करण और बिक्री के जरिए अपनी आय का नया स्रोत बना सकते हैं। मोबाइल आउटलेट की सुविधा से सीधे उपभोक्ता तक पहुंच बनाना और भी आसान हो जाएगा।
उप कृषि निदेशक विजय कुमार ने अपील की है कि जनपद के सभी पात्र FPO, उद्यमी और स्वयं सहायता समूह इस अवसर का लाभ उठाएं। 10 जुलाई 2026 आवेदन की अंतिम तारीख है — इसके बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

