गाज़ीपुर। सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत शनिवार को विकास भवन सभागार में इफको नैनो उर्वरक आधारित सहकारी सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सरोजेश सिंह की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम से पहले मुख्य विकास अधिकारी ने “सहकारिता से समृद्धि” का संदेश लेकर निकली मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी दिखाई। रैली विकास भवन से पीरनगर, कचहरी, महुआबाग, लंका चुंगी और प्रकाशनगर होते हुए पुनः विकास भवन पहुंची जहां गोष्ठी के रूप में सम्मेलन का आयोजन हुआ। जनपद भर से आए करीब 180 सहकारी समिति सचिवों, अध्यक्षों और प्रगतिशील किसानों ने इसमें हिस्सा लिया। कार्यक्रम का संचालन इफको गाज़ीपुर के क्षेत्र अधिकारी सचिन तिवारी ने किया।
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नैनो और जैविक उर्वरक अपनाओ
सम्मेलन में CDO ने किसानों से रासायनिक यूरिया का अंधाधुंध उपयोग कम कर नैनो यूरिया और जैविक उर्वरकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मिट्टी और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खेती के तरीकों में बदलाव जरूरी है। जैविक और नैनो उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और कृषि उत्पादन अधिक सुरक्षित होगा।
इफको वाराणसी के रीजनल मैनेजर अक्षय कुमार पांडेय ने नैनो यूरिया के फायदों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 500 मिलीलीटर नैनो यूरिया की एक बोतल मात्र ₹225 में उपलब्ध है और यह पारंपरिक यूरिया की एक पूरी बोरी के बराबर प्रभावी है। नैनो यूरिया के उपयोग से किसानों का परिवहन और भंडारण खर्च घटेगा। साथ ही सरकार पर सब्सिडी का बोझ कम होगा और मिट्टी, जल व वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी।
उन्होंने बताया कि जल्द ही जनपद में नैनो डीएपी भी उपलब्ध होगी जिसकी अनुमानित कीमत ₹600 प्रति बोतल होगी। प्रयोग विधि के बारे में उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में 5ml प्रति किलोग्राम बीज की दर से बीज शोधन अथवा 3 से 5ml प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर जड़ शोधन किया जाए। बुवाई के करीब 35 दिन बाद खड़ी फसल पर 2 से 4ml प्रति लीटर पानी के घोल का छिड़काव करने की सलाह दी गई।
सहकारी समितियां बनेंगी माध्यम
जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सरोजेश सिंह ने प्रत्येक विकास खंड में कम से कम एक एकड़ क्षेत्र में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी आधारित खेती का प्रदर्शन प्लॉट तैयार करने की घोषणा की। उनका कहना था कि जब किसान अपनी आंखों से नई तकनीक के नतीजे देखेंगे तो इसे अपनाने में संकोच नहीं करेंगे। गांव-गांव तक पहुंच रखने वाली सहकारी समितियां इस काम में अहम भूमिका निभाएंगी।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विपिन कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सहकारी समितियों के माध्यम से प्रदर्शन प्लॉट स्थापित कर किसानों के बीच नैनो उर्वरकों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।
CDO ने गोष्ठी में सहकारिता शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में PM प्रणाम योजना, सहकारी समितियों के कम्प्यूटरीकरण, सहज जन सेवा केंद्रों के संचालन और नई सहकारी समितियों के गठन पर भी चर्चा हुई। जिला सहकारी बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील वर्मा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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180 प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण
सम्मेलन में जिले भर से आए करीब 180 सहकारी समिति सचिवों, अध्यक्षों और प्रगतिशील किसानों ने नैनो उर्वरकों की वैज्ञानिक प्रयोग विधि और लाभ की जानकारी ली। विशेषज्ञों ने फसल उत्पादन पर नैनो उर्वरकों के प्रभाव और पारंपरिक खेती से इसकी तुलना पर भी विस्तार से बताया।
कार्यक्रम में अच्छेलाल गुप्ता, प्रवीण सिंह, अशोक पांडेय, नथुनी सिंह और शशिकांत शर्मा सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सहकारिता योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों और ग्रामीणों तक पहुंचाने पर बल दिया।



