गाज़ीपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सर्वे-2024 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने की। पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध रूप से आवास उपलब्ध कराना और योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करना इस बैठक का मुख्य एजेंडा रहा। सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ग्राम पंचायतों में खुली बैठक के दौरान तैयार की गई पात्रता सूची समय पर पोर्टल पर अपलोड की जाए। बैठक में PMAY ग्रामीण के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
यह भी पढ़ें: नैनो उर्वरक सम्मेलन में 180 किसान प्रशिक्षित
पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता
CDO आलोक प्रसाद ने बैठक में स्पष्ट किया कि PMAY ग्रामीण का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक बिना किसी देरी के पहुंचना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि पात्रता निर्धारण की प्रक्रिया पारदर्शी हो और सूची समय पर पोर्टल पर उपलब्ध हो।
उन्होंने BDO को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायत स्तर पर खुली बैठकें आयोजित की जाएं जिनमें स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो। इन बैठकों में पात्रता की जांच खुले तरीके से हो ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम सूची से न छूटे और किसी अपात्र का नाम न जुड़े। पोर्टल पर समय से डेटा अपलोड न होने की स्थिति में लाभार्थियों को आवास मिलने में देरी होती है — यह बात CDO ने विशेष रूप से रेखांकित की।
ग्रामीण क्षेत्रों में आवासहीन और कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को PMAY ग्रामीण के तहत पक्का मकान दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए जनपद स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।
बैठक और पोर्टल अपलोड समय पर हो
बैठक में सभी खंड विकास अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि PMAY ग्रामीण सर्वे-2024 के तहत ग्राम पंचायतों में आयोजित खुली बैठकों के दौरान तैयार की गई पात्रता सूची को बिना देरी के पोर्टल पर अपलोड किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
खुली बैठकों का उद्देश्य यह है कि पात्रता का निर्धारण सामूहिक और पारदर्शी तरीके से हो। गांव के लोग खुद देखें कि किसका नाम सूची में है और किसका नहीं। इससे शिकायतों और विवादों की संभावना कम होती है। BDO की जिम्मेदारी है कि वे इस प्रक्रिया की निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि हर ग्राम पंचायत में बैठक समय पर हो।
पोर्टल पर समय से डेटा अपलोड होने से लाभार्थियों का सत्यापन, स्वीकृति और राशि हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज होगी। यदि डेटा देर से अपलोड होता है तो लाभार्थियों को आवास मिलने में महीनों की देरी हो सकती है।
यह भी पढ़ें: शेरपुर में बाढ़ राहत चौपाल, SDM नाराज
जनपद स्तरीय निगरानी समिति
CDO आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में गठित जनपद स्तरीय निगरानी समिति PMAY ग्रामीण के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करती है। इस बैठक में योजना की प्रगति, लंबित मामलों और पोर्टल पर डेटा अपलोड की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
समिति का उद्देश्य है कि जनपद में कोई भी पात्र परिवार PMAY ग्रामीण के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। बैठक में मौजूद अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में योजना की प्रगति की जानकारी देने और लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए।

