गाज़ीपुर। बरसात के मौसम में विद्युत हादसों की बढ़ती घटनाओं के बीच जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने शनिवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रेसवार्ता कर जनपदवासियों को बड़ा अलर्ट जारी किया। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान बिजली के टूटे तार, झुके पोल और ट्रांसफार्मर के पास जाना जानलेवा साबित हो सकता है। जनपद में 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है जिसका नंबर 9453047253 है। बिजली विभाग की लापरवाही से मृत्यु होने पर मृतक के आश्रितों को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को जर्जर तारों और झुके पोलों को तत्काल बदलने और फील्ड में लगातार निरीक्षण के निर्देश दिए। प्रेसवार्ता में अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना और जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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टूटे तार और पोल से रहें दूर
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि बारिश और तेज हवाओं के कारण विद्युत लाइनों में फॉल्ट, तार टूटने और करंट उतरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इससे जनहानि के साथ-साथ पशु हानि भी होती है।
उन्होंने बताया कि नमी के कारण पोल में रिटर्निंग करंट उतर आता है। लोहे और सीमेंट दोनों प्रकार के पोल तथा उनसे लटकते तारों को बरसात में छूना खतरनाक है। यदि कोई तार जमीन पर गिरा हो या लटक रहा हो तो उसे खुद ठीक करने का प्रयास बिल्कुल न करें — तत्काल 9453047253 पर सूचना दें।
डीएम ने बरसात में ये सावधानियां बरतने की अपील की:
- टूटे या लटकते बिजली के तारों को बिल्कुल न छुएं
- जलभराव वाले स्थानों पर लगे पोल और ट्रांसफार्मर से दूर रहें
- गीले हाथों से स्विच या बिजली के उपकरण न चलाएं
- बच्चों को बिजली के तारों के पास खेलने या पतंग उड़ाने न दें
- किसानों को सिंचाई के समय नलकूप के पास लगे तारों से दूर रहने की सलाह दी
जिलाधिकारी ने कहा — “जनसहयोग से ही विद्युत दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। थोड़ी सी सावधानी बड़ी दुर्घटना से बचा सकती है।”
24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय है। टूटे तार, स्पार्किंग, पोल में करंट या ट्रांसफार्मर की खराबी दिखाई दे तो 9453047253 पर तत्काल सूचना दें। सूचना मिलते ही विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी।
जर्जर तारों और झुके पोलों को चिन्हित कर बदला जा रहा है। यदि किसी क्षेत्र में पेड़ की टहनियां बिजली के तारों को छू रही हों तो इसकी सूचना भी संबंधित विभाग को दें।
घर में MCB और ELCB जरूर लगवाएं और सोलर पैनल एवं इन्वर्टर की वायरिंग की जांच समय-समय पर कराएं।
विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे फील्ड में जाकर निरीक्षण करें और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। लापरवाही मिलने पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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विभागीय लापरवाही पर ₹5 लाख
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने मुआवजे के प्रावधान की जानकारी देते हुए बताया कि यदि बिजली विभाग की लापरवाही या जर्जर उपकरण के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो मृतक के आश्रितों को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
हालांकि यह सहायता केवल विभागीय लापरवाही के मामलों में ही मिलेगी। घर के भीतर खराब वायरिंग या निजी लापरवाही से हुए हादसों पर विभाग की ओर से कोई क्षतिपूर्ति नहीं मिलेगी। घरेलू वायरिंग की जिम्मेदारी स्वयं उपभोक्ता की होगी। जिलाधिकारी ने सुझाव दिया कि घर की वायरिंग समय-समय पर लाइसेंस प्राप्त इलेक्ट्रीशियन से जांचवाएं।
उन्होंने कहा — “जनसहयोग से ही विद्युत दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। थोड़ी सी सावधानी बड़ी दुर्घटना से बचा सकती है।”



