गाज़ीपुर। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने बेसिक शिक्षा कार्यालय महुआ बाग में सभी विद्यालयों की वार्डेनों के साथ बैठक की। बैठक में नामांकन वृद्धि, शत-प्रतिशत उपस्थिति, स्वच्छ भोजन, खान एकेडमी की प्रगति और अधूरे मरम्मत कार्यों को लेकर कड़े निर्देश दिए गए। बीएसए ने स्पष्ट किया कि अगस्त माह में खान एकेडमी से जुड़ी छात्राओं का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं मिला तो संबंधित वार्डेन और गणित व विज्ञान की शिक्षिकाओं के वेतन या मानदेय पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में समस्त वार्डेन, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा और विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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नामांकन और उपस्थिति
बीएसए उपासना रानी वर्मा ने निर्देश दिया कि जुलाई माह में सभी कस्तूरबा विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। कक्षा 6 से 8 और कक्षा 12 तक की छात्राओं की उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित होनी चाहिए।
विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर रखी जाए और छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण, स्वच्छ और हाइजीनिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि छात्राओं को समय से पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं और एक्स्ट्रा क्लास संचालित कर उनकी शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाया जाए।
बीएसए ने वार्डेनों को कड़ा निर्देश दिया कि विद्यालय परिसर में कहीं भी घास, कूड़ा या गंदगी नहीं दिखनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान अव्यवस्था मिलने पर संबंधित वार्डेन की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
वेतन पर होगी कार्यवाई
बीएसए ने खान एकेडमी के अंतर्गत ऑनलाइन क्लास कर रही छात्राओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी छात्राओं के होमवर्क समय से पूरे होने चाहिए और इसी आधार पर उनकी प्रगति का प्रतिशत निर्धारित किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगस्त माह में खान एकेडमी से जुड़ी छात्राओं का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं मिला तो संबंधित वार्डेन और गणित व विज्ञान विषय की शिक्षिकाओं को जिम्मेदार माना जाएगा। लापरवाही मिलने पर वेतन या मानदेय से संबंधित कार्रवाई की जाएगी।
मरम्मत कार्यों की स्थिति की भी समीक्षा हुई। बीएसए ने UPPCL को निर्देश दिया कि लंबित निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा कराया जाए ताकि छात्राओं की पढ़ाई बाधित न हो।
बीएसए उपासना रानी वर्मा ने कहा — “कस्तूरबा विद्यालयों में छात्राओं को बेहतर शिक्षा, स्वच्छ वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।”
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ड्रॉपआउट छात्राओं को जोड़ने की पहल
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय वर्ष 2005-06 में शुरू हुई केंद्र सरकार की योजना है। जनपद के 14 ब्लॉकों में इन विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। इन विद्यालयों में गरीब परिवारों और ड्रॉपआउट छात्राओं को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाता है।
यहां पढ़ने वाली छात्राओं को सरकार की ओर से ड्रेस, कॉपी-किताब, भोजन और रहने सहित सभी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। प्रत्येक विद्यालय में 100 छात्राओं के नामांकन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जनपद में जल्द ही दो और ब्लॉकों में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का संचालन शुरू होने जा रहा है जिससे अधिक से अधिक छात्राओं को शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।



