बक्सर। बिहार के बक्सर जिले के रघुनाथपुर स्टेशन पर बुधवार की रात 9 बजकर 35 मिनट पर एक दर्दनाक रेल हादसा हुआ। आनंद विहार से कामख्या जा रही नॉर्थईस्ट एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12506) पटरी से उतर गई जिसमें 5 यात्रियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इस हादसे में करीब 200 यात्री घायल हुए हैं जिनमें से 70 की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों में एक मां-बेटी भी शामिल हैं। ट्रेन की सभी 24 बोगियां बेपटरी हो गई थीं जिनमें से 8 बोगियां पूरी तरह पलट गईं। इनमें से दो बोगियां एक-दूसरे से टकराते हुए ढलान से नीचे गिर गईं। हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे और प्रशासन ने युद्ध स्तर पर राहत-बचाव अभियान शुरू कर दिया।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि घटनास्थल पर राहत-बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, रेल अधिकारी और स्थानीय लोग मिलकर टीम के रूप में काम कर रहे हैं। रेलवे वॉर रूम ने भी तत्काल काम शुरू कर दिया था। हादसे के एक घंटे के भीतर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गई थीं।
बोगियां काटकर निकाले गए शव
हादसे के बाद घटनास्थल पर भयावह मंजर था। स्थानीय लोगों के अनुसार हर तरफ चीख-पुकार मची हुई थी और बाहर से दृश्य अत्यंत दर्दनाक था। बुधवार रात करीब 1 बजे दुर्घटनाग्रस्त बोगियों को गैस कटर से काटकर पहले 5 शव बाहर निकाले गए। एक शव डिब्बे के अंदर फंसा हुआ था जिसे देर रात तक डिब्बा काटकर बाहर निकाला जा सका।
ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतरने के बाद पलट गए थे। पटरियां साफ करने के लिए क्रेन और धातु काटने वाले उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को पटना के एम्स अस्पताल रेफर किया गया है। बाकी घायलों का इलाज बक्सर और आरा के अस्पतालों में जारी है। हादसे का शिकार हुई ट्रेन के यात्रियों को विशेष ट्रेन से दानापुर लाया गया और वहां से उन्हें अलग-अलग ट्रेनों से उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
रेलवे और नीतीश सरकार का मुआवजा
हादसे में मारे गए सभी यात्रियों के परिजनों को रेलवे की ओर से 10-10 लाख रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे। घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया और कहा — “जैसे ही हमें दुर्घटना के बारे में पता चला, लोग काम में लग गए। पांच लोगों की मौत हुई जो बहुत हृदयविदारक है।”
बिहार सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये और सभी घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। केंद्रीय मंत्री और बक्सर से सांसद अश्विनी चौबे घटनास्थल पर पहुंचे और हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे लगातार रेल मंत्री और रेलवे अधिकारियों के संपर्क में हैं और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाया जाएगा।
प्रत्यक्षदर्शी का बयान — अचानक आई आवाज और थम गया सब
हादसे में बचे एक यात्री ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन से पटना जाने के लिए ट्रेन में सवार था। ट्रेन सामान्य गति से चल रही थी और सब कुछ ठीक लग रहा था। अचानक तड़तड़ाने की जोर की आवाज आने लगी और बोगियां हिलने लगीं। फिर एक जोरदार धमाका हुआ और ट्रेन रुक गई।
यात्री ने बताया कि पहले लगा कि ट्रेन से कोई जानवर टकरा गया है लेकिन तब तक गाड़ी बेपटरी हो चुकी थी। हादसा इतना भयानक था कि कई लोग बोगी में ही बेहोश हो गए। यात्री ने कहा — “ऐसा लग रहा था मानो सब थम गया। भगवान ने हम लोगों की जान बचा ली।” बाद में पता चला कि हादसे में कई लोगों की जान जा चुकी है।
दर्जनों ट्रेनें रद्द — रूट डायवर्ट
हादसे के बाद इस रूट पर चलने वाली सभी ट्रेनों को आसपास के स्टेशनों पर रोक दिया गया। जनशताब्दी एक्सप्रेस (15125 और 15126) को पूरी तरह रद्द कर दिया गया। सीमांचल एक्सप्रेस को दिलदारनगर में, मेमो पैसेंजर ट्रेन को दरौली में और सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस को धीना में रोक दिया गया। इसके अलावा पुणे दानापुर एक्सप्रेस, बाबा बैधनाथ एक्सप्रेस और विक्रमशिला एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें डीडीयू जंक्शन पर रोकी गईं।
दीनदयाल उपाध्याय की ओर से आने वाली ट्रेनों का रूट बदलकर डीडीयू-सासराम-आरा और डीडीयू-गया-पटना रूट से भेजा जा रहा है। विभूती एक्सप्रेस, गुवाहाटी-राजधानी एक्सप्रेस और पंजाब मेल सहित आधा दर्जन ट्रेनों का परिचालन रूट बदलकर किया जा रहा है। दिलदारनगर स्टेशन के यातायात निरीक्षक ने बताया कि ट्रैक क्लियर होने के बाद ही सामान्य रेल परिचालन शुरू हो सकेगा। जमालपुर से होकर जाने वाली करीब एक दर्जन ट्रेनें भी रद्द कर दी गई हैं।
— East Central Railway (@ECRlyHJP) October 11, 2023



