लखनऊ। बकरीद से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज को लेकर बेहद सख्त बयान दिया है। सोमवार को लखनऊ में एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने साफ कहा कि यूपी में सड़कों पर नमाज किसी भी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा — “सड़कें चलने के लिए हैं, न कि नमाज के लिए। किसी को क्या अधिकार है कि वो सड़क रोककर पूरे शहर की रफ्तार ठप कर दे।”
क्या बोले CM योगी — पूरा बयान
CM योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार हर मुद्दे को पहले संवाद और बातचीत से सुलझाने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा — “अगर जगह कम पड़ रही है तो शिफ्ट में नमाज पढ़ें — घर में पढ़ें, मस्जिद में पढ़ें। हम नमाज रोकने की बात नहीं कर रहे, लेकिन सड़क पर नहीं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर कोई प्यार की भाषा से नहीं मानता तो सरकार के पास कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दूसरे कड़े तरीके भी मौजूद हैं।
जनसंख्या पर भी बोले CM
CM योगी ने जगह की कमी का सवाल उठाए जाने पर कहा — “कैसे होगा, हमारी संख्या ज्यादा है? तो हमने जवाब दिया — शिफ्ट में कर लो। तुम्हारे घर में रहने की जगह नहीं है तो संख्या नियंत्रित कर लो। अगर सामर्थ्य नहीं तो क्यों संख्या बढ़ाए जा रहे हो। अगर सिस्टम के साथ चलना है तो नियम और कानून का पालन करना ही होगा — कानून का राज सबके लिए है।”
पश्चिम बंगाल में सड़क नमाज पर बवाल — UP का संदर्भ
CM योगी का यह बयान सिर्फ UP तक सीमित नहीं है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान भी उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर सड़कों पर नमाज की इजाजत देने का आरोप लगाया था। हुगली की एक रैली में उन्होंने कहा था कि बंगाल में हिंदू त्योहारों पर पाबंदियां लगाई जाती हैं — जबकि सड़क पर नमाज जारी रहती है। इस बयान के बाद से यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में छाया हुआ है।
यूपी में कानून व्यवस्था — CM का दावा और संदेश
CM योगी ने कहा कि जब 2017 में उन्होंने UP की बागडोर संभाली तो हर दूसरे दिन दंगे होते थे — माफिया का समानांतर राज चलता था। आज UP बदल चुका है। सार्वजनिक जगहों का गलत इस्तेमाल किसी भी धर्म या समुदाय को नहीं करने दिया जाएगा — कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है। उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि संवेदनशील मुद्दों पर जिम्मेदार रिपोर्टिंग करें — एक खबर भी माहौल बिगाड़ सकती है।
बकरीद से पहले क्यों आया यह बयान
बकरीद इस साल जून के पहले हफ्ते में पड़ रही है। हर साल बकरीद और ईद जैसे त्योहारों पर बड़ी संख्या में लोग सड़कों और चौराहों पर नमाज अदा करते हैं — जिससे यातायात बाधित होता है और आम लोगों को परेशानी होती है। CM योगी का यह बयान इसी संदर्भ में आया है — ताकि त्योहार से पहले ही यह संदेश स्पष्ट हो जाए कि इस बार भी सड़कों पर नमाज की इजाजत नहीं होगी। UP पुलिस और प्रशासन को भी इस बारे में पहले से सतर्क किया जा रहा है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
CM योगी के इस बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। समाजवादी पार्टी ने कहा कि यह बयान संविधान में दिए गए धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ है। कांग्रेस ने भी इसे विभाजनकारी राजनीति का हिस्सा बताया। हालांकि BJP ने इसे कानून व्यवस्था का मामला बताते हुए समर्थन किया।
