<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>कांग्रेस Archives - दैनिक आवाज़</title>
	<atom:link href="https://dainikawaz.com/tag/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://dainikawaz.com/tag/कांग्रेस/</link>
	<description>सत्य, संवाद, संकल्प</description>
	<lastBuildDate>Wed, 13 May 2026 16:04:04 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2026/05/cropped-DAF-32x32.png</url>
	<title>कांग्रेस Archives - दैनिक आवाज़</title>
	<link>https://dainikawaz.com/tag/कांग्रेस/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>National News: तमिलनाडु में थलपति विजय की TVK सरकार ने जीता फ्लोर टेस्ट — 144 विधायकों ने दिया साथ</title>
		<link>https://dainikawaz.com/national-news-tamil-nadu-tvk-floor-test-win-144-votes-vijay-government/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dainik Awaz]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 15:55:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[नेतानगरी]]></category>
		<category><![CDATA[AIADMK]]></category>
		<category><![CDATA[DMK]]></category>
		<category><![CDATA[TVK]]></category>
		<category><![CDATA[उदयनिधि स्टालिन]]></category>
		<category><![CDATA[एडप्पादी पलानीस्वामी]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[तमिलनाडु]]></category>
		<category><![CDATA[थलपति विजय]]></category>
		<category><![CDATA[फ्लोर टेस्ट]]></category>
		<category><![CDATA[विश्वास मत]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikawaz.com/?p=5162</guid>

					<description><![CDATA[<p>चेन्नई। तमिलनाडु की नवनिर्वाचित तमिलागा वेट्री कझगम (TVK) सरकार के लिए बुधवार का दिन बेहद अहम रहा। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय उर्फ थलपति विजय ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। मतदान में 144 विधायकों ने सरकार के पक्ष में वोट डाला जबकि 22 ने विरोध किया और 5 ने अनुपस्थित रहकर मतदान से [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/national-news-tamil-nadu-tvk-floor-test-win-144-votes-vijay-government/">National News: तमिलनाडु में थलपति विजय की TVK सरकार ने जीता फ्लोर टेस्ट — 144 विधायकों ने दिया साथ</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>चेन्नई।</strong> तमिलनाडु की नवनिर्वाचित तमिलागा वेट्री कझगम (TVK) सरकार के लिए बुधवार का दिन बेहद अहम रहा। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय उर्फ थलपति विजय ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। मतदान में 144 विधायकों ने सरकार के पक्ष में वोट डाला जबकि 22 ने विरोध किया और 5 ने अनुपस्थित रहकर मतदान से दूरी बनाई। इस तरह TVK सरकार ने अपना पहला राजनीतिक परीक्षण सफलतापूर्वक पार कर लिया।</p>
<h3>DMK का वॉकआउट — उदयनिधि स्टालिन का तंज</h3>
<p>मतदान से पहले विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के नेतृत्व में DMK के सभी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। उदयनिधि ने TVK पर कांग्रेस समेत DMK के पुराने सहयोगियों को अपनी ओर खींचने का आरोप लगाया। वॉकआउट करते हुए उन्होंने व्यंग्य में कहा — &#8220;एक बार हम बाहर जाएंगे तो आपको बहुमत मिल जाएगा। इसी से शासन करो।&#8221; उन्होंने TVK से अपील की कि उनकी सरकार द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं को राजनीति का हथियार न बनाया जाए।</p>
<h3>TVK के साथ कौन-कौन खड़ा रहा</h3>
<p>विजय की पार्टी TVK के पास विधानसभा में 107 सीटें थीं लेकिन मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के कारण तिरुपत्तूर से विधायक श्रीनिवास सेथुपति को मतदान में भाग लेने की अनुमति नहीं थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने बाद में इस आदेश पर रोक लगा दी। TVK को कांग्रेस के 5, CPI के 2, CPI(M) के 2, VCK के 2 और IUML के 2 विधायकों का समर्थन मिला। इसके अलावा निष्कासित AMMK विधायक कामराज ने भी TVK का साथ दिया।</p>
<h3>AIADMK में घमासान — व्हिप की अनदेखी</h3>
<p>AIADMK महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी ने दावा किया था कि उनके सभी 47 विधायक सरकार के खिलाफ मतदान करेंगे। लेकिन विधानसभा में AIADMK बनाम AIADMK की जंग छिड़ गई। पार्टी के वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि ने सदन में भाषण दिया और TVK के पक्ष में खड़े दिखे। EPS ने आरोप लगाया कि कुछ विधायकों को मंत्री पद और बोर्ड अध्यक्ष का लालच देकर खरीदा जा रहा है।</p>
<h3>तमिलनाडु की राजनीति में नया अध्याय</h3>
<p>TVK ने तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव लाते हुए DMK-AIADMK के दशकों पुराने वर्चस्व को तोड़ा और सबसे बड़े दल के रूप में उभरी। अब फ्लोर टेस्ट जीतने के बाद विजय सरकार पूरी ताकत के साथ अपना कामकाज शुरू कर सकेगी। तमिलनाडु की जनता को अब देखना है कि जिस बदलाव का वादा किया गया था वह जमीन पर उतरता है या नहीं।</p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/national-news-tamil-nadu-tvk-floor-test-win-144-votes-vijay-government/">National News: तमिलनाडु में थलपति विजय की TVK सरकार ने जीता फ्लोर टेस्ट — 144 विधायकों ने दिया साथ</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>National News: 13 मई — थलापति के लिए असली परीक्षा की घड़ी, क्या विधानसभा में साबित होगा बहुमत?</title>
		<link>https://dainikawaz.com/national-news-tamilnadu-vijay-floor-test-13-may-majority-tvk/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dainik Awaz]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 10 May 2026 09:09:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[नेतानगरी]]></category>
		<category><![CDATA[TVK]]></category>
		<category><![CDATA[VCK]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[तमिलनाडु]]></category>
		<category><![CDATA[तमिलनाडु राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[थलापति विजय]]></category>
		<category><![CDATA[फ्लोर टेस्ट]]></category>
		<category><![CDATA[बहुमत]]></category>
		<category><![CDATA[राज्यपाल]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikawaz.com/?p=4986</guid>

					<description><![CDATA[<p>चेन्नई। शपथ तो ले ली — लेकिन असली इम्तिहान अभी बाकी है। तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री थलापति विजय के सामने 13 मई की तारीख एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शपथ ग्रहण की मंजूरी देते हुए यह शर्त रख दी है कि नई सरकार को 13 मई तक विधानसभा में [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/national-news-tamilnadu-vijay-floor-test-13-may-majority-tvk/">National News: 13 मई — थलापति के लिए असली परीक्षा की घड़ी, क्या विधानसभा में साबित होगा बहुमत?</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>चेन्नई।</strong> शपथ तो ले ली — लेकिन असली इम्तिहान अभी बाकी है। तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री थलापति विजय के सामने 13 मई की तारीख एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शपथ ग्रहण की मंजूरी देते हुए यह शर्त रख दी है कि नई सरकार को 13 मई तक विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना होगा — वरना सत्ता पर सवाल उठेंगे।</p>
<h3 class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">107 सीटें — फिर भी अकेले नहीं थे पर्याप्त</h3>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा है 118। TVK ने 108 सीटें जीती थीं — लेकिन विजय दो अलग-अलग सीटों से चुनाव जीते थे, इसलिए नियमानुसार उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ी। इस तरह TVK की असली ताकत 107 सीटों पर आ गई — यानी बहुमत से 11 सीटें कम। ऐसे में विजय अपने दम पर सरकार बनाने की स्थिति में नहीं थे। यहीं से शुरू हुआ गठबंधन का खेल — और वह खेल इतना उलझा कि राज्यपाल को चार बार मिलने के बाद जाकर रास्ता निकला।</p>
<h3>पांच दलों का सहारा — तब कहीं बनी बात</h3>
<p>विजय ने पांच दलों को साथ जोड़ा — कांग्रेस (5 सीटें), CPI (2 सीटें), CPI-M (2 सीटें), VCK (2 सीटें) और IUML (2 सीटें)। इन सबके लिखित समर्थन के बाद गठबंधन की कुल ताकत 120 तक पहुंची — बहुमत के आंकड़े से 2 ज्यादा। तब जाकर राज्यपाल ने हरी झंडी दी। लेकिन उन्होंने एक शर्त भी जोड़ दी — 13 मई तक विधानसभा में यही ताकत दिखानी होगी।</p>
<h3>क्यों है 13 मई की तारीख इतनी अहम?</h3>
<p>फ्लोर टेस्ट यानी विश्वास मत — यह वह पल होता है जब सारे दावे और वादे कागज से उठकर विधानसभा के पटल पर आते हैं। हर विधायक को अपनी कुर्सी छोड़कर वोट करना होता है। अगर कोई साथी दल अचानक पलट जाए या कोई विधायक गैरहाजिर हो जाए — तो नतीजा बदल सकता है। यही कारण है कि 13 मई की तारीख सिर्फ एक औपचारिकता नहीं — यह सरकार के नींव की पहली जांच है।</p>
<h3>विपक्ष की नजर में क्या है?</h3>
<p>DMK और AIADMK दोनों इस मौके को ध्यान से देख रहे हैं। MK स्टालिन खुद अपनी सीट हार चुके हैं — लेकिन पार्टी पूरी तरह टूटी नहीं है। विपक्ष की कोशिश होगी कि अगर गठबंधन में कोई दरार दिखे तो उसे और चौड़ा किया जाए।</p>
<h3>विजय के लिए यह सिर्फ वोट नहीं — यह विश्वास है</h3>
<p>राजनीति में शपथ लेना आसान होता है — उस शपथ को निभाना कठिन। 13 मई को जब विधानसभा में वोटिंग होगी, तब दुनिया देखेगी कि तमिल जनता ने जिस बदलाव को चुना — वह बदलाव कितना मजबूत है। थलापति के समर्थकों के लिए यह सिर्फ एक संख्या का खेल नहीं — यह उनके नेता की पहली राजनीतिक परीक्षा भी है।</p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/national-news-tamilnadu-vijay-floor-test-13-may-majority-tvk/">National News: 13 मई — थलापति के लिए असली परीक्षा की घड़ी, क्या विधानसभा में साबित होगा बहुमत?</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>National News: विजय की शपथ अटकी, राज्यपाल का इनकार &#8211; कांग्रेस सड़क पर उतरी</title>
		<link>https://dainikawaz.com/national-news-vijay-tvk-oath-blocked-governor-congress-protest/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dainik Awaz]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 May 2026 17:37:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[नेतानगरी]]></category>
		<category><![CDATA[AIADMK]]></category>
		<category><![CDATA[DMK]]></category>
		<category><![CDATA[TVK]]></category>
		<category><![CDATA[VCK]]></category>
		<category><![CDATA[कमल हासन]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[तमिलनाडु]]></category>
		<category><![CDATA[राज्यपाल]]></category>
		<category><![CDATA[विजय]]></category>
		<category><![CDATA[शपथ ग्रहण]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikawaz.com/?p=4813</guid>

					<description><![CDATA[<p>चेन्नई। तमिलनाडु में सत्ता का खेल लंबा खिंचता जा रहा है। TVK प्रमुख विजय ने 108 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया — द्रविड़ राजनीति के 59 साल के एकाधिकार को तोड़ा। लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी अभी भी उनसे दूर है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने बहुमत साबित किए बिना शपथ देने से साफ इनकार कर [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/national-news-vijay-tvk-oath-blocked-governor-congress-protest/">National News: विजय की शपथ अटकी, राज्यपाल का इनकार &#8211; कांग्रेस सड़क पर उतरी</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>चेन्नई।</strong> तमिलनाडु में सत्ता का खेल लंबा खिंचता जा रहा है। <a href="https://dainikawaz.com/national-news-vijay-tvk-oath-blocked-governor-congress-protest/">TVK प्रमुख विजय</a> ने 108 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया — द्रविड़ राजनीति के 59 साल के एकाधिकार को तोड़ा। लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी अभी भी उनसे दूर है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने बहुमत साबित किए बिना शपथ देने से साफ इनकार कर दिया है। वहीं कांग्रेस ने 8 मई को राज्यभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।</p>
<h3>राज्यपाल का स्पष्ट इनकार</h3>
<p>विजय ने राज्यपाल को 112 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा था। लेकिन राज्यपाल बहुमत के दावे से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने साफ कहा कि 118 विधायकों का समर्थन साबित होने के बाद ही शपथ होगी। इसके अलावा राज्यपाल कानूनी सलाह भी ले रहे हैं और प्रशासनिक स्तर पर स्थिति का गहन विश्लेषण किया जा रहा है।</p>
<h3>संख्या बल की पेचीदगी</h3>
<p>234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 विधायकों की जरूरत है। विजय के पास TVK के 108 और कांग्रेस के 5 विधायकों को मिलाकर कुल 113 का आंकड़ा है — बहुमत से अभी 5 दूर। इसके अलावा विजय ने दो सीटों से जीत हासिल की है — एक से इस्तीफा देना होगा। इससे TVK की प्रभावी संख्या 107 रह जाएगी।</p>
<h3>TVK की रणनीति</h3>
<p>विजय को उम्मीद है कि अगले एक-दो दिनों में जरूरी समर्थन जुट जाएगा। VCK की अहम बैठक 8 मई शुक्रवार को होगी। वहीं लेफ्ट पार्टियां भी आज अपनी बैठक में अंतिम फैसला लेंगी। इन पत्रों के मिलने के बाद ही विजय दोबारा राज्यपाल के पास जा सकेंगे।</p>
<h3>कांग्रेस का विरोध — Governor पर निशाना</h3>
<p>तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सेलवापेरुंथगई ने 8 मई को सभी जिला मुख्यालयों पर सुबह 11 बजे विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। उनका आरोप है कि BJP सरकार और राज्यपाल मिलकर TVK को सरकार बनाने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं — यह संविधान के खिलाफ है।</p>
<h3>AIADMK में दरार — एक धड़ा विजय के साथ</h3>
<p>AIADMK के भीतर भी दरारें नजर आ रही हैं। पार्टी का एक धड़ा एडप्पादी पलानीस्वामी के नेतृत्व से असंतुष्ट होकर विजय को समर्थन देने की वकालत कर रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर AIADMK ने विजय को समर्थन देने से इनकार किया है।</p>
<h3>DMK का दर्द — कांग्रेस ने किया धोखा</h3>
<p>DMK ने कांग्रेस के इस कदम को विश्वासघात बताते हुए कहा है कि उसने हमेशा मुश्किल वक्त में कांग्रेस का साथ दिया था। DMK-AIADMK के मिलकर सरकार बनाने की खबरें भी आ रही हैं जो विजय के लिए सबसे बड़ा खतरा होगा।</p>
<h3>कमल हासन और CPI का बयान</h3>
<p>MNM प्रमुख कमल हासन ने कहा कि विजय को सरकार बनाने का मौका न देना जनता के जनादेश का सीधा अपमान होगा। वहीं CPI ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।</p>
<h3>अगले 24 घंटे अहम</h3>
<p>तमिलनाडु की राजनीति में अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। VCK और लेफ्ट पार्टियों का फैसला — कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन — और DMK-AIADMK की संभावित गठजोड़ — सब कुछ अगले 24 घंटों में तय होगा।</p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/national-news-vijay-tvk-oath-blocked-governor-congress-protest/">National News: विजय की शपथ अटकी, राज्यपाल का इनकार &#8211; कांग्रेस सड़क पर उतरी</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>National News: तमिलनाडु में विजय की TVK को कांग्रेस का समर्थन, 7 मई को बन सकते हैं CM</title>
		<link>https://dainikawaz.com/national-news-vijay-tvk-congress-support-tamil-nadu-cm/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dainik Awaz]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 06 May 2026 16:03:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[नेतानगरी]]></category>
		<category><![CDATA[AIADMK]]></category>
		<category><![CDATA[DMK]]></category>
		<category><![CDATA[TVK]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[तमिलनाडु]]></category>
		<category><![CDATA[तमिलनाडु चुनाव 2026]]></category>
		<category><![CDATA[राहुल गांधी]]></category>
		<category><![CDATA[विजय]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikawaz.com/?p=4750</guid>

					<description><![CDATA[<p>तमिलनाडु। दक्षिण भारत की राजनीति में एक ऐतिहासिक उलटफेर हो चुका है। अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने 4 मई 2026 को घोषित विधानसभा चुनाव नतीजों में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। 60 साल से तमिलनाडु पर काबिज द्रविड़ राजनीति को पहली [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/national-news-vijay-tvk-congress-support-tamil-nadu-cm/">National News: तमिलनाडु में विजय की TVK को कांग्रेस का समर्थन, 7 मई को बन सकते हैं CM</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>तमिलनाडु।</strong> दक्षिण भारत की राजनीति में एक ऐतिहासिक उलटफेर हो चुका है। अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने 4 मई 2026 को घोषित विधानसभा चुनाव नतीजों में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। 60 साल से तमिलनाडु पर काबिज द्रविड़ राजनीति को पहली बार किसी नई ताकत ने सीधी चुनौती दी है और जनता ने उसे भारी बहुमत से स्वीकार किया है।</p>
<h3>108 सीटें जीतीं — लेकिन बहुमत से 10 सीटें दूर</h3>
<p>234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए। TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया लेकिन बहुमत से 10 सीटें दूर रह गई। इस बार के चुनाव में तमिलनाडु में पहली बार त्रिशंकु विधानसभा बनी है। सत्तारूढ़ DMK को महज 59 सीटें मिलीं और पार्टी प्रमुख एम.के. स्टालिन खुद कोलाथुर सीट से हार गए — यह तमिलनाडु के इतिहास में दूसरी बार है जब कोई मौजूदा मुख्यमंत्री चुनाव हारा हो। AIADMK 47 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर रही जबकि कांग्रेस को 5 सीटें मिलीं।</p>
<h3>कांग्रेस ने तोड़ा 22 साल पुराना DMK से नाता</h3>
<p>सबसे बड़ा सियासी उलटफेर यह हुआ कि कांग्रेस ने अपने 22 साल पुराने सहयोगी DMK से नाता तोड़ते हुए विजय की TVK को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) ने अपनी बैठक में TVK को सशर्त समर्थन देने का प्रस्ताव पारित किया। कांग्रेस के सभी पांचों विधायकों ने इस फैसले पर सहमति जताई।</p>
<p>कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने साफ कहा कि यह जनादेश एक धर्मनिरपेक्ष सरकार के लिए है और कांग्रेस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भाजपा या उससे जुड़ी कोई ताकत सत्ता में न आने पाए। कांग्रेस ने समर्थन की एक शर्त भी रखी है कि सांप्रदायिक ताकतों को गठबंधन से दूर रखा जाए। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस सरकार में दो मंत्री पद और बोर्ड-कॉरपोरेशन में चेयरमैन पद की मांग कर सकती है।</p>
<h3>राज्यपाल से मिले विजय — 7 मई को शपथ की तैयारी</h3>
<p>TVK प्रमुख विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश कर दिया है। राज्यपाल ने कहा है कि पहले 118 विधायकों के हस्ताक्षर लेकर आइए। TVK+Congress के 113 विधायकों के साथ CPI, CPM और PMK जैसे छोटे दलों का समर्थन जुटाने की कोशिश जारी है। सूत्रों के अनुसार विजय <strong>7 मई 2026</strong> को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। उनकी कैबिनेट में कुल 9 मंत्री होंगे।</p>
<h3>AIADMK का प्रस्ताव ठुकराया</h3>
<p>यह जानकारी भी सामने आई है कि AIADMK ने TVK को समर्थन देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन विजय ने इसे फिलहाल होल्ड पर रख दिया है। BJP ने भी TVK से गठबंधन की कोशिश की लेकिन उसे कोई सफलता नहीं मिली।</p>
<h3>दो साल में पार्टी बनाई, अब CM बनने की बारी</h3>
<p>विजय ने फरवरी 2024 में TVK की स्थापना की थी और फिल्मी करियर को अलविदा कह पूरी ताकत राजनीति में लगा दी। मात्र दो साल में उन्होंने युवाओं, महिलाओं और किसानों का जबरदस्त समर्थन हासिल किया। पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं में TVK को करीब 68 प्रतिशत समर्थन मिला। राजनीतिक विशेषज्ञ इसे तमिलनाडु की राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव के रूप में देख रहे हैं।</p>
<h3>DMK के लिए ऐतिहासिक हार</h3>
<p>DMK के लिए यह नतीजे किसी झटके से कम नहीं रहे। 2021 में 133 सीटें जीतकर सत्ता में आई DMK इस बार मात्र 59 सीटों पर सिमट गई। स्टालिन का कोलाथुर से हारना पार्टी के लिए सबसे बड़ा धक्का रहा। कांग्रेस का साथ छूटने के बाद DMK अब विपक्ष में बैठने को मजबूर है।</p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/national-news-vijay-tvk-congress-support-tamil-nadu-cm/">National News: तमिलनाडु में विजय की TVK को कांग्रेस का समर्थन, 7 मई को बन सकते हैं CM</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>I.N.D.I.A. गठबंधन में दरार, सपा-कांग्रेस की राहें अलग</title>
		<link>https://dainikawaz.com/i-n-d-i-a-alliance-broke-in-mp-sp-congress-part-ways/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dainik Awaz]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Oct 2023 14:38:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चुनाव]]></category>
		<category><![CDATA[congress]]></category>
		<category><![CDATA[election]]></category>
		<category><![CDATA[Election 2023]]></category>
		<category><![CDATA[I.N.D.I.A. Alliance]]></category>
		<category><![CDATA[MP News]]></category>
		<category><![CDATA[UP news]]></category>
		<category><![CDATA[इण्डिया गठबंधन]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव 2023]]></category>
		<category><![CDATA[सपा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikawaz.com/?p=2532</guid>

					<description><![CDATA[<p>मध्यप्रदेश में I.N.D.I.A. गठबंधन का गठजोड़ टूट गया है। मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा के रास्ते अलग-अलग हो गए हैं। दोनों ही पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ने की तैयारियों में जुट गई हैं। I.N.D.I.A. गठबंधन बनने के बाद दोनों पार्टियां वोटों का बंटवारा रोकने के लिए चुनावी समझौता करने की फिराक में थीं। [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/i-n-d-i-a-alliance-broke-in-mp-sp-congress-part-ways/">I.N.D.I.A. गठबंधन में दरार, सपा-कांग्रेस की राहें अलग</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><a href="https://dainikawaz.com/i-n-d-i-a-alliance-broke-in-mp-sp-congress-part-ways/"><strong>मध्यप्रदेश</strong></a> में <a href="https://dainikawaz.com/i-n-d-i-a-alliance-broke-in-mp-sp-congress-part-ways/"><strong>I.N.D.I.A.</strong></a> गठबंधन का गठजोड़ टूट गया है। मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा के रास्ते अलग-अलग हो गए हैं। दोनों ही पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ने की तैयारियों में जुट गई हैं। I.N.D.I.A. गठबंधन बनने के बाद दोनों पार्टियां वोटों का बंटवारा रोकने के लिए चुनावी समझौता करने की फिराक में थीं। लेकिन, दोनों के बीच चुनावी समझौते नहीं हुए और तल्खियां इतनी बढ़ गईं कि अखिलेश यादव से बात करने के लिए राहुल गांधी को फोन करना पड़ा।</p>
<h4>I.N.D.I.A. गठबंधन सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए</h4>
<p>सूत्रों के मुताबिक <a href="https://dainikawaz.com/i-n-d-i-a-alliance-broke-in-mp-sp-congress-part-ways/"><strong>राहुल और अखिलेश</strong></a> की फोन पर हुई बात के बाद यह साफ हो गया है कि I.N.D.I.A. गठबंधन सिर्फ लोकसभा के चुनावों के लिए है न कि राज्यों के चुनावों के लिए। दोनों ही पार्टियां अब मध्यप्रदेश सहित अन्य किसी भी राज्यों के चुनावों में कोई भी गठबंधन करने की बात नहीं करेंगे। पांचों राज्य के चुनाव परिणामों के बाद जब देश में लोक सभा चुनावों की तैयारियां शुरू होंगी, तब कांग्रेस और सपा एक दूसरे से लोकसभा चुनावों के मुद्दों पर चर्चा करेंगी।</p>
<h4>मप्र में 50 सीटों पर लड़ेगी सपा</h4>
<p>सपा अब मध्यप्रदेश के चुनावों को लेकर गंभीर हो गई है। लगभग 33 ऐसी सीटें हैं जहां सपा ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार इस विवाद के बाद सपा अपने उम्मीदवारों की संख्या बढ़ा सकती है। 50 ऐसी सीटें हो सकती हैं जहां से सपा अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे। राजनीति के  जानकार कहते हैं कि, सपा इतनी सीटों पर अपना प्रभाव नहीं रख सकती है। हांलाकि, इस विवाद के बाद सपा अपनी राजनीतिक ताकत ज़रुर दिखाना चाहेगी।</p>
<h4>गठबंधन न हो पाने की वजह</h4>
<p>मध्यप्रदेश के कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और सपा नेता राम गोपाल वर्मा के बीच कई स्तर की बातचीत हुई और यह बातचीत कमलनाथ और दिग्विजिय सिंह तक भी पहुंची थी, लेकिन गठबंधन नहीं हो सका। सपा ने कांग्रेस से दस सीटें मांग थी। जहां सपा अपनी अच्छी पैठ रखती है। कमलनाथ और कांग्रेस के बीच यह तय हुआ था कि कुछ सीटें पर कांग्रेस के कुछ उम्मीदवार सपा के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे लेकिन बाद में उन उम्मीदवारों ने सपा के सिंबल पर चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया ।</p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/i-n-d-i-a-alliance-broke-in-mp-sp-congress-part-ways/">I.N.D.I.A. गठबंधन में दरार, सपा-कांग्रेस की राहें अलग</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अजय राय और अखिलेश यादव में चल रही ज़ुबानी जंग</title>
		<link>https://dainikawaz.com/war-of-words-between-ajay-rai-and-akhilesh-yadav/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dainik Awaz]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Oct 2023 14:16:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[Congress vs Sapa]]></category>
		<category><![CDATA[Election 2023]]></category>
		<category><![CDATA[I.N.D.I.A. Alliance]]></category>
		<category><![CDATA[UP news]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[सपा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikawaz.com/?p=2469</guid>

					<description><![CDATA[<p>समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के द्वारा दिए गए &#8216;चिरकुट नेता&#8217; वाले बयान पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख अजय राय ने कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि, &#8220;जो व्यक्ति अपने पिता की इज्जत करने में असमर्थ है, वह हम जैसे सामान्य लोगों का कैसे सम्मान करेगा?&#8221; बता दें कि, [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/war-of-words-between-ajay-rai-and-akhilesh-yadav/">अजय राय और अखिलेश यादव में चल रही ज़ुबानी जंग</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के द्वारा दिए गए <a href="https://dainikawaz.com/war-of-words-between-ajay-rai-and-akhilesh-yadav/"><strong>&#8216;चिरकुट नेता&#8217;</strong></a> वाले बयान पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख अजय राय ने कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि, &#8220;जो व्यक्ति अपने पिता की इज्जत करने में असमर्थ है, वह हम जैसे सामान्य लोगों का कैसे सम्मान करेगा?&#8221; बता दें कि, मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर कांग्रेस और सपा के बीच विवाद जारी है। अखिलेश ने कांग्रेस पर धोखा देने का आरोप लगाया है।</p>
<h4>जनता देख रही है क&#x200d;ि बीजेपी के साथ कौन है</h4>
<p>अजय राय का कहना है कि अखिलेश यादव जी, जनता के सामने सब स्पष्ट है कि बीजेपी के साथ कौन खड़ा है। उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि घोसी उपचुनाव में सपा को हमने समर्थन दिया और वह विजयी रहे। उसी समय, उत्तराखंड के बागेश्वर में भी उपचुनाव हुए, जहां उन्होंने अपना उम्मीदवार खड़ा किया, लेकिन वहां बीजेपी की जीत हुई और कांग्रेस हारी। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि कौन बीजेपी की मदद कर रहा है, चाहे वो सीधे या परोक्ष रूप से हो। एमपी में भी यह साबित हो जाएगा। अगर उन्हें लगता है कि बीजेपी को हराना है तो उन्हें कांग्रेस को समर्थन देना चाहिए। आगे उन्होंने यह भी कहा कि मेरे खिलाफ किए गए अपमानजनक शब्द पर कोई प्रतिक्रिया नहीं है।</p>
<h4>अखिलेश ने कांग्रेस पर लगाया आरोप</h4>
<p>समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीते गुरुवार को कहा था कि कांग्रेस <a href="https://dainikawaz.com/war-of-words-between-ajay-rai-and-akhilesh-yadav/"><strong>धोखेबाज़</strong></a> है, मध्य प्रदेश में गठबंधन को सीट देने के आश्वासन के बाद भी मुकर गए। उन्होंने कहा, &#8220;अगर पता होता कि<a href="https://dainikawaz.com/war-of-words-between-ajay-rai-and-akhilesh-yadav/"><strong> I.N.D.I.A.</strong></a> विधानसभा स्तर पर गठबंधन नहीं करेगी तो हम अपने नेताओं को वार्ता के लिए नहीं भेजते और न ही उनके नेताओं के फोन उठाते।&#8221; उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस दूसरे दलों को बैठाकर सिर्फ बेवकूफ बना रही है साह ही कहा कि, &#8220;जैसा व्यवहार उन्होंने किया है, वही हम भी करेंगे।&#8221; अखिलेश ने आगे बताया कि मध्य प्रदेश में वरिष्ठ नेताओं, जैसे कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कमलनाथ, ने समाजवादी पार्टी के नेताओं से रात के एक-एक बजे तक चर्चाएं की और &#8220;हमारे आंकड़ों को देखकर उन्होंने छह सीटों का आश्वासन भी दिया, लेकिन जब सूची जारी की गई तो समाजवादी पार्टी शून्य पर थी। कांग्रेस ने गठबंधन में सीटें न देकर हमारे साथ धोखेबाज़ी की है।&#8221; उत्तरप्रदेश और केंद्र के लिए जब भविष्य में गठबंधन की बात होगी तो हमे भी सोचना पड़ेगा।</p>
<h4>अखि&#x200d;लेश ने उत्तरप्रदेश कांग्रेस प्रमुख को कहा &#8216;च&#x200d;िरकुट टाइप के नेता&#8217;</h4>
<p>बता दें कि, अखि&#x200d;लेश यादव ने बिते गुरुवार को कहा था कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कोई हैसियत नहीं। क्या वह कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठकों जैसे पटना व मुंबई की बैठक में शामिल थे। उनको ऐसा नहीं बोलना चाहिए। ऐसा बोलने वाले कांग्रेसी नेता बीजेपी से मिले हुए हैं। कांग्रेस से मैं कहना चाहता हूं कि अपने ‘चिरकुट टाइप के छोटे नेताओं’ से हमारी पार्टी के लिए कोई बयान न दिलवाएं।</p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/war-of-words-between-ajay-rai-and-akhilesh-yadav/">अजय राय और अखिलेश यादव में चल रही ज़ुबानी जंग</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गहलोत के बाद सोनिया से मिलने पहुंचे पायलट,क्या बन पाएंगे सीएम!</title>
		<link>https://dainikawaz.com/gehlot-ke-bad-sonia/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dainik Awaz]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 29 Sep 2022 15:49:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[नेतानगरी]]></category>
		<category><![CDATA[राजस्थान]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[गहलोत]]></category>
		<category><![CDATA[सोनिया गांधी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikawaz.com/?p=969</guid>

					<description><![CDATA[<p>गुरुवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर राज्य में हो रही राजनीतिक उठापटक पर चर्चा की और उन्होंने माफ़ी भी मांगी। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस मुलाकात के बाद गहलोत ने मीडिया से बातचीत की और यह स्पष्ट कर दिया है कि अब वह [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/gehlot-ke-bad-sonia/">गहलोत के बाद सोनिया से मिलने पहुंचे पायलट,क्या बन पाएंगे सीएम!</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-black-color has-text-color">गुरुवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर राज्य में हो रही राजनीतिक उठापटक पर चर्चा की और उन्होंने माफ़ी भी मांगी। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस मुलाकात के बाद गहलोत ने मीडिया से बातचीत की और यह स्पष्ट कर दिया है कि अब वह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे। घर से बाहर निकलते ही गहलोत पूरी तरह से निराश दिखे। फिलहाल अभी तक ये तय नहीं है कि अशोक गहलोत मुख्यमंत्री के पद पर काबिज़ रहेंगे या फिर पायलट जहाज ले उड़ेंगे।</p>



<p class="has-black-color has-text-color"><strong>सोनिया से मुलाकात के बाद गहलोत ने क्या कहा? </strong><br />अशोक गहलोत और सोनिया गांधी की मुलाकात दिल्ली के 10 जनपथ सोनिया के बंगले में हुई। दोनों की मुलाकात लगभग डेढ़ घंटे तक चली। सोनिया के घर बाहर आए अशोक गहलोत ने मीडिया से कहा कि, &#8216;कांग्रेस अध्यक्ष के साथ बैठकर मैंने बात की है। मैं हमेशा से कांग्रेस का वफादार सिपाही रहा हूं और अच्छी तरह अपनी वफादारी निभायी है। विधायक दल की बैठक में हुई घटना ने सबको झकझोर दिया है। ऐसा लगा मानो जैसे कि मैं मुख्यमंत्री बना रहना चाहता हूं, इसलिए मैंने उनसे माफी मांगी है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full is-resized"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="wp-image-971" src="https://test.dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/h-10.jpg" alt="" width="445" height="250" srcset="https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/h-10.jpg 899w, https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/h-10-300x169.jpg 300w, https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/h-10-768x432.jpg 768w" sizes="(max-width: 445px) 100vw, 445px" />
<figcaption><sub>सोनिया गांधी से मांगी माफी</sub></figcaption>
</figure>
</div>


<p class="has-black-color has-text-color">आगे उन्होंने कहा कि,  &#8216;हमारे यहां हमेशा से एक परंपरा रही है कि हम पार्टी आलाकमान के लिए एक लाइन का प्रस्ताव पास करते हैं। मुख्यमंत्री होने के बावजूद मैं एक लाइन का प्रस्ताव पास नहीं करवा पाया, इस बात का मलाल आजीवन रहेगा। इस घटना से देश के भीतर कई तरह के मैसेज दे दिए।&#8217; गहलोत ने आखिर ये भी कहा कि वह सीएम रहेंगे या नहीं इस पर मुहर सोनिया गांधी ही फाइनल करेंगी। <br /> </p>



<p class="has-black-color has-text-color"><strong>क्या मुख्यमंत्री बन पाएंगे सचिन पायलट? </strong><br />गहलोत और पायलट दोनों ने ही अपना रुख कड़ा कर लिया है। ऐसे में अब सोनिया गांधी को ये देखना होगा कि दोनों में से कौन पार्टी के लिए अधिक वफादार है। राजस्थान में अगले साल चुनाव होने वाले हैं इसको ख्याल में रखते हुए ही आगे कोई फैसला लिया जाएगा।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large is-resized"><img decoding="async" class="wp-image-972" src="https://test.dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/sachin-pilot-and-ashok-gehlot-1594642092-1024x576.jpg" alt="" width="464" height="260" srcset="https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/sachin-pilot-and-ashok-gehlot-1594642092-1024x576.jpg 1024w, https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/sachin-pilot-and-ashok-gehlot-1594642092-300x169.jpg 300w, https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/sachin-pilot-and-ashok-gehlot-1594642092-768x432.jpg 768w, https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/sachin-pilot-and-ashok-gehlot-1594642092.jpg 1200w" sizes="(max-width: 464px) 100vw, 464px" />
<figcaption><sub>दोनों के सुर में बगावत</sub></figcaption>
</figure>
</div>


<p class="has-black-color has-text-color">गहलोत ने अपनी बात रखी है और अब सचिन पायलट की बारी है। दोनों की बातें सुनने के बाद ही कांग्रेस हाईकमान कोई फैसले पर पहुंचेगा। फिलहाल सचिन पायलट की दावेदारी ज्यादे मजबूत है। लेकिन, कांग्रेस अध्यक्ष के सामने पायलट को ये आश्वासन देना होगा कि अगर वह मुख्यमंत्री पद पर काबिज़ होते हैं तो बदले की भावना से गहलोत गुट के विधायकों के खिलाफ काम नहीं करेंगे। गहलोत गुट के विधायकों को भी साथ लेकर चलना होगा।</p>



<p class="has-black-color has-text-color"><strong>अगर पायलट सीएम नहीं बने तो क्या होगा? </strong><br />अगर सचिन पायलट मुख्यमंत्री नहीं बनाते हैं तो उन्हें संगठन में कोई राष्ट्रीय पद या फिर वापस राजस्थान कांग्रेस की कमान सौंपी जाएगी। ऐसे में पायलट पहले से ही बागी हुए बैठे हैं ऐसे में वह कड़ा कदम भी उठा सकते हैं। हो सकता है वह कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो जाएं। और आगामी चुनाव में भाजपा से मुख्यमंत्री पद की डिमांड भी कर सकते हैं। </p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/gehlot-ke-bad-sonia/">गहलोत के बाद सोनिया से मिलने पहुंचे पायलट,क्या बन पाएंगे सीएम!</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गहलोत ने छोड़ी जंग, किसको मिलेगी जीत?</title>
		<link>https://dainikawaz.com/gehlot-ne-chodi-jung/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dainik Awaz]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 29 Sep 2022 14:44:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[नेतानगरी]]></category>
		<category><![CDATA[राजस्थान]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[गहलोत]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikawaz.com/?p=961</guid>

					<description><![CDATA[<p>मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को घोषणा की कि वह अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि वह राजस्थान की हालिया घटनाओं से दुखी हैं जिसके लिए उन्होंने सोनिया गांधी से म़ाफी भी मांगी है। अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इंकार की [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/gehlot-ne-chodi-jung/">गहलोत ने छोड़ी जंग, किसको मिलेगी जीत?</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-black-color has-text-color">मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को घोषणा की कि वह अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि वह राजस्थान की हालिया घटनाओं से दुखी हैं जिसके लिए उन्होंने सोनिया गांधी से म़ाफी भी मांगी है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large is-resized"><img decoding="async" class="wp-image-962" src="https://test.dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/sonia-ashok-1024x576.jpeg" alt="" width="451" height="253" srcset="https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/sonia-ashok-1024x576.jpeg 1024w, https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/sonia-ashok-300x169.jpeg 300w, https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/sonia-ashok-768x432.jpeg 768w, https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/sonia-ashok.jpeg 1200w" sizes="(max-width: 451px) 100vw, 451px" />
<figcaption><sub>गहलोत ने किया चुनाव से इंकार, सोनिया से मांगी माफी</sub></figcaption>
</figure>
</div>


<p class="has-black-color has-text-color">अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इंकार की घोषणा बहुत मायने रखती है। दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष पद की लड़ाई अब तक एकतरफा ही मानी जा रही थी, क्योंकि शशि थरूर के पास राजनीति से ज्यादा कूटनीति का अनुभव है, तो वहीं गहलोत के पास राजनीतिक अनुभव का एक बड़ा सौदा है। लेकिन गहलोत की इस घोषणा के बाद से कांग्रेस अध्यक्ष पद के संघर्ष में अब नए समीकरण जुड़ गए हैं।</p>



<p class="has-black-color has-text-color"><strong>आखिर अशोक गहलोत ने चुनाव न लड़ने का फैसला क्यों लिया?</strong><br />अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करने वाले पहले व्यक्ति थे। तभी से माना जा रहा है कि राजस्थान में मुख्यमंत्री का पद अब सचिन पायलट को दिया जाएगा। राजस्थान के कई विधान सभा सदस्यों ने सीएम पद के लिए पायलट की उम्मीदवारी का सार्वजनिक रूप से विरोध किया और आलाकमान को स्पष्ट संकेत दिया कि वे उनका समर्थन नहीं करेंगे। कुछ रिपोर्टों का दावा है कि अशोक गहलोत ने खुद पर्यवेक्षकों से कहा था कि वह राजस्थान में जारी कांग्रेस की आंतरिक उथल-पुथल को शांत करने में असमर्थ हैं।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full is-resized"><img decoding="async" class="wp-image-963" src="https://test.dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/Ashok_Gehlot_1200x768.jpeg" alt="" width="468" height="263" srcset="https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/Ashok_Gehlot_1200x768.jpeg 770w, https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/Ashok_Gehlot_1200x768-300x169.jpeg 300w, https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/Ashok_Gehlot_1200x768-768x432.jpeg 768w" sizes="(max-width: 468px) 100vw, 468px" />
<figcaption><sub>अध्यक्ष न बनने का लिया फैसला</sub></figcaption>
</figure>
</div>


<p class="has-black-color has-text-color">राजस्थान में पार्टी की आंतरिक संघर्ष के बाद, लगभग 90 गहलोत समर्थक विधायकों ने अपना इस्तीफा देने के लिए विधानसभा स्पीकर से संपर्क किया। राजस्थान के पर्यवेक्षक अजय माकन ने दिल्ली में सोनिया गांधी से मिलने के बाद कहा कि कांग्रेस पार्टी के सदस्यों में अनुशासनहीनता है। माना जा रहा था कि राजस्थान में हुई पूरी घटना से गांधी परिवार में काफी नाराज़ था। बताया जा रहा था कि खासकर आलाकमान गहलोत से काफी नाराज है। तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि राहुल गांधी के &#8216;एक पार्टी, एक पद&#8217; फॉर्मूले के तहत गहलोत को सीएम पद पर बने रहने दिया जाएगा, लेकिन उन्हें अध्यक्ष पद से अपना नामांकन वापस लेना होगा।</p>



<p><strong>किन नेताओं में होगा अध्यक्ष पद का मुकाबला?</strong></p>



<p class="has-black-color has-text-color"><strong><strong>दिग्विजय सिंह</strong></strong>: अशोक गहलोत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे, इसकी चर्चा मंगलवार से ही जारी रही। इस बात पर मुहर तब लगी जब आलाकमान ने बुधवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस नेता और पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह को दिल्ली बुलाया। दिग्विजय सिंह इससे पहले केरल में राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ी यात्रा में शामिल हुए थे। गुरुवार को उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र भी ले लिया।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full is-resized"><img decoding="async" class="wp-image-964" src="https://test.dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/diggi-raja.jpg" alt="" width="485" height="273" srcset="https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/diggi-raja.jpg 600w, https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/diggi-raja-300x169.jpg 300w" sizes="(max-width: 485px) 100vw, 485px" />
<figcaption><sub>फाइल फ़ोटो</sub></figcaption>
</figure>
</div>


<p class="has-black-color has-text-color">कुछ दिन पहले दिग्विजय सिंह ने कहा था कि वह पार्टी अध्यक्ष का चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन जबलपुर में जब प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई तो उन्होंने इस बात से साफ मना कर दिया। हालांकि, पिछे ही पिछे दिग्विजय हाईकमान को संदेश भेजते रहे कि वह अभी भी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं।</p>



<p class="has-black-color has-text-color"><strong>शशि थरुर</strong>: कांग्रेस में गांधी परिवार के अलग, शशि थरूर ने सबसे पहले अपना दावा पेश किया कि था कि वह अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनाव में हिस्सा लेना चाहते हे। इसके लिए थरूर ने नामांकन पत्र भी दाखिल किया है। चुनाव अधिकारी मधुसूदन मिस्त्री के मुताबिक थरूर शुक्रवार को अपना नामांकन दाखिल करेंगे।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full is-resized"><img decoding="async" class="wp-image-965" src="https://test.dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/tharoor.jpg" alt="" width="488" height="273" srcset="https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/tharoor.jpg 828w, https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/tharoor-300x168.jpg 300w, https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/tharoor-768x429.jpg 768w" sizes="(max-width: 488px) 100vw, 488px" />
<figcaption><sub>फाइल फ़ोटो</sub></figcaption>
</figure>
</div>


<p class="has-black-color has-text-color">सूत्रों का कहना है कि थरूर ने पिछले हफ्ते कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात भी की थी और कहा था कि वह अध्यक्ष पद के लिए इच्छुक हैं। जिसपे सोनिया गांधी ने कहा है कि वह इन चुनावों में पूरी तरह तटस्थ रहेंगी। बाद में, थरूर के प्रतिनिधि ने नामांकन पत्र लिया।</p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/gehlot-ne-chodi-jung/">गहलोत ने छोड़ी जंग, किसको मिलेगी जीत?</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पूर्व सीएम को किया गया दिल्ली तलब, केरल से रवाना</title>
		<link>https://dainikawaz.com/digvijay-singh-ko-kiya-gya-delhi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dainik Awaz]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 Sep 2022 12:05:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[नेतानगरी]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[केंद्र सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikawaz.com/?p=926</guid>

					<description><![CDATA[<p>मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को अचानक पार्टी आलाकमान ने केरल से दिल्ली बुलाया है। दिग्विजय सिंह भी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की दौड़ में शामिल हैं। खबरों की मानें तो, दिग्विजय सिंह कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए कल नामांकन भर सकते हैं। वहीं, दूसरी ओर दिल्ली से लौटे कमलनाथ ने यह स्पष्ट कर दिया [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/digvijay-singh-ko-kiya-gya-delhi/">पूर्व सीएम को किया गया दिल्ली तलब, केरल से रवाना</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-black-color has-text-color">मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को अचानक पार्टी आलाकमान ने केरल से दिल्ली बुलाया है। दिग्विजय सिंह भी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की दौड़ में शामिल हैं। खबरों की मानें तो, दिग्विजय सिंह कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए कल नामांकन भर सकते हैं। वहीं, दूसरी ओर दिल्ली से लौटे कमलनाथ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे मध्यप्रदेश छोड़ कहीं नहीं जाएंगे।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full is-resized"><img decoding="async" class="wp-image-927" src="https://test.dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/digvijay.jpg" alt="" width="391" height="293" srcset="https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/digvijay.jpg 715w, https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/digvijay-300x225.jpg 300w" sizes="(max-width: 391px) 100vw, 391px" />
<figcaption><sub>कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए ठोक सकते हैं दावेदारी</sub></figcaption>
</figure>
</div>


<p class="has-black-color has-text-color">कमलनाथ ने बुधवार को भोपाल के प्रदेश कांग्रेस कमेटी दफ्तर में प्रेस कांप्रेंस की और दिग्विजय सिंह के अध्यक्ष बनने के सवाल पर कहा कि- ये आप उनसे ही पूछिए। मैनें राहुल गांधी से करीब एक महीने पहले बात की थी। उनसे उन्हें अध्यक्ष बनने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने इस चर्चे पर मना कर विराम लगा दिया। इस विषय पर शशि थरूर ने मुझसे बात की थी, और कहा था कि वे इसलिए पर्चा भरेंगे, ताकि चुनाव होन लगे और ये ना लगे कि चुनाव नहीं हो रहे।</p>



<p class="has-black-color has-text-color"><br /><br /><strong>नामांकन से पहले शशि थरूर ने भरी हुंकार</strong><br />वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने अपने ट्वीट में प्रसिद्ध उर्दू कवि मजरूह सुल्तानपुरी का &#8216;शेर&#8217; ट्वीट कर लिखा है, &#8220;मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल की ओर, लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया।&#8221; राजनीतिक विषलेषकों का कहना है कि शशि थरूर अपने ट्वीट के जरिए अध्यक्ष पद की रेस में अपने बढ़ते समर्थन को दिखाना चाहते हैं। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) अध्यक्ष चुनाव लड़ने के लिए देश भर के पार्टी कार्यकर्ताओं का समर्थन प्राप्त है। और साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि 30 सितंबर को सुबह 11 बजे वह अपना नामांकन दाखिल करेंगे।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full is-resized"><img decoding="async" class="wp-image-928" src="https://test.dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/sashi.jpg" alt="" width="392" height="241" srcset="https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/sashi.jpg 650w, https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/sashi-300x185.jpg 300w" sizes="(max-width: 392px) 100vw, 392px" />
<figcaption><sub>ट्वीट के जरिए दिखा रहे आपना दम-खम</sub></figcaption>
</figure>
</div>


<p class="has-black-color has-text-color"><strong>गहलोत के नाम का पर्चा अब तक नहीं कटा</strong><br />राजस्थान में सियासी उठापटक मचा हुआ है। गांधी परिवार की पहली पसंद अशोक गहलोत ने पूरी सेटिंग को गड़बड़ कर दिया है। प्रदेश में पावर ट्रांसफर को लेकर गहलोत गुट पार्टी आलाकमान आमने-सामने हैं। अशोक गहलोत सीएम की कुर्सी का मोह त्याग नहीं पा रहे हैं। उनको 28 सितंबर यानी बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरना था। लेकिन अब तक उनके नाम का पर्चा कांग्रेस मुख्यालय से नहीं लिया गया है। बहरहाल, सूचना मिल रही है कि अशोक गहलोत आज दिल्ली आ सकते हैं।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full is-resized"><img decoding="async" class="wp-image-929" src="https://test.dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/ashok.jpg" alt="" width="473" height="262" srcset="https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/ashok.jpg 900w, https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/ashok-300x167.jpg 300w, https://dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/ashok-768x427.jpg 768w" sizes="(max-width: 473px) 100vw, 473px" />
<figcaption><sub>मुख्यमंत्री पद का त्याग करने में असमर्थ गहलोत</sub></figcaption>
</figure>
</div>


<p class="has-black-color has-text-color"><strong>अशोक गहलोत को मिली क्लीन चिट</strong><br />संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, पार्टी के मुख्य सचेतक महेश जोशी और आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौर को जयपुर में पार्टी विधायकों की बैठक करने के लिए पार्टी हाईकमान ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।</p>



<p class="has-black-color has-text-color">सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपी गई रिपोर्ट में अशोक गहलोत को क्लीन चीट दी गई है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि वरिष्ठ नेता एके एंटनी के जल्द ही सोनिया गांधी से मुलाकत की संभावना है। एंटनी पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति के प्रमुख हैं।</p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/digvijay-singh-ko-kiya-gya-delhi/">पूर्व सीएम को किया गया दिल्ली तलब, केरल से रवाना</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गहलोत को मिली क्लीन चिट, उड़ान भरने के इंतजार में पायलट।</title>
		<link>https://dainikawaz.com/gehlot-ko-mili-clean-chit/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dainik Awaz]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 Sep 2022 09:37:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजस्थान]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[गहलोत]]></category>
		<category><![CDATA[पायलट]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikawaz.com/?p=911</guid>

					<description><![CDATA[<p>राजस्थान की सियासी उठापटक में रोज़ाना एक नया मोड़ देखने को मिल रहा है। गहलोत गुट के बगावती तेवर देखने के बाद पार्टी आलाकमान की निंद खुली और सख्ती दिखाते हुए तीन नेताओं महेश जोशी, शांति धारीवाल और धर्मेंद्र राठौड़ को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। जिसके बाद बगावती विधायकों के तेवर में लचक [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/gehlot-ko-mili-clean-chit/">गहलोत को मिली क्लीन चिट, उड़ान भरने के इंतजार में पायलट।</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-black-color has-text-color">राजस्थान की सियासी उठापटक में रोज़ाना एक नया मोड़ देखने को मिल रहा है। गहलोत गुट के बगावती तेवर देखने के बाद पार्टी आलाकमान की निंद खुली और सख्ती दिखाते हुए तीन नेताओं महेश जोशी, शांति धारीवाल और धर्मेंद्र राठौड़ को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। जिसके बाद बगावती विधायकों के तेवर में लचक समा गई और कईयों ने तो अपने सुर-ताल ही बदल दिए। चूंकि, इस पूरे प्रकरण में अशोक गहलोत को क्लीन चिट दे दी गई। ऐसे में क्लीन चिट मिलने के बाद अध्यक्ष पद से बाहर हो चुके गहलोत ने फिर से अध्यक्ष पद के लिए वाइल्ड कार्ड एंट्री मारी है। अब पार्टी आलाकमान पर सवाल यह उठ रहे हैं कि क्या वजह है कि गहलोत को लेकर पार्टी ने नरमी दिखाई है। </p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full is-resized"><img decoding="async" class="wp-image-912" src="https://test.dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/gehlot.jpeg" alt="" width="478" height="269" />
<figcaption><sub>मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को मिली क्लीन चिट</sub></figcaption>
</figure>
</div>


<p><strong>सियासी गद्दी बचाने में जुटी कांग्रेस</strong></p>



<p class="has-black-color has-text-color">राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके समर्थक नहीं चाहते हैं कि वे सीएम पद छोड़ें। अगर गहलोत सीएम पद छोड़ते हैं तो गुट को सचिन पायलट का सीएम बनना स्वीकार नहीं हैं। पायलट और गहलोत के बीच की जंग तो बहुत पुरानी है लेकिन गहलोत गुट ने तो पायलट के चक्कर में सीधे पार्टी के आका को ही चुनौती दे डाली। ऐसे में ये सियासी जंग गहलोत गुट बनाम कांग्रेस आलाकमान हो गई लेकिन गहलोत को क्लीन चिट मिलने के बाद से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस आलाकमान अशोक गहलोत को एक और मौका देना चाहती है।</p>



<p><strong>गहलोत के अदावत की कोशिश जारी</strong></p>



<p class="has-black-color has-text-color">कहा जा रहा है कि सीएम गहलोत दिल्ली दौरे पर जाने वाले हैं। तो वहीं सचिन पायलट पहले से ही दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं। ख़बर है कि अशोक गहलोत भले ही राजस्थान का सिंग्हासन नहीं छोड़ना चाहते हो लेकिन कांग्रेस आलाकमान उनकी अदावत के लिए मान-मनौवल की प्रक्रिया होगी। आनंद शर्मा, अंबिका सोनी समेत कई वरिष्ठ नेताओं को ये जिम्मेदारी दी गई है कि वे गहलोत का मान-मनौवल करें। इसके साथ ही अशोक गहलोत को ये भी समझाया जा रहा है कि वे राजस्थान के सियासी उत्तराधिकारी चुनने का फैसला सोनिया गांधी पर छोड़ दें। तभी उनकी नाराज़गी दूर हो सकती है। </p>



<p><strong>पायलट कर रहे रनवे साफ़ का इंतजार</strong></p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full is-resized"><img decoding="async" class="wp-image-913" src="https://test.dainikawaz.com/wp-content/uploads/2022/09/pilot.jpg" alt="" width="406" height="317" />
<figcaption><sub>उड़ान भरने की सोच में पायलट</sub></figcaption>
</figure>
</div>


<p class="has-black-color has-text-color">कांग्रेस विधायक सचिन पायलट इस समय वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं। इसके साथ ही वे अपनी छवि को लेकर अलर्ट मोड पर हैं। जिसका उदाहरण कल देखने को मिला। एक न्यूज़ एजेंसी ने पायलट की सोनिया गांधी से बात करने की ख़बर चलाई थी। जिसके तुरंत बाद सचिन पायलट ने खबर का खंडन करते हुए ट्वीट किया और लिखा कि &#8216;मुझे डर है कि झूठी खबर रिपोर्ट की जा रही है&#8217;। इससे साफ अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि पायलट अभी रनवे क्लियर होने का इंतजार कर रहे हैं। पार्टी आलाकमान के फैसले से पहले कोई जोख़िम नहीं लेना चाहते।</p>
<p>The post <a href="https://dainikawaz.com/gehlot-ko-mili-clean-chit/">गहलोत को मिली क्लीन चिट, उड़ान भरने के इंतजार में पायलट।</a> appeared first on <a href="https://dainikawaz.com">दैनिक आवाज़</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
