चेन्नई। तमिलनाडु में सत्ता का खेल लंबा खिंचता जा रहा है। TVK प्रमुख विजय ने 108 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया — द्रविड़ राजनीति के 59 साल के एकाधिकार को तोड़ा। लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी अभी भी उनसे दूर है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने बहुमत साबित किए बिना शपथ देने से साफ इनकार कर दिया है। वहीं कांग्रेस ने 8 मई को राज्यभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।
राज्यपाल का स्पष्ट इनकार
विजय ने राज्यपाल को 112 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा था। लेकिन राज्यपाल बहुमत के दावे से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने साफ कहा कि 118 विधायकों का समर्थन साबित होने के बाद ही शपथ होगी। इसके अलावा राज्यपाल कानूनी सलाह भी ले रहे हैं और प्रशासनिक स्तर पर स्थिति का गहन विश्लेषण किया जा रहा है।
संख्या बल की पेचीदगी
234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 विधायकों की जरूरत है। विजय के पास TVK के 108 और कांग्रेस के 5 विधायकों को मिलाकर कुल 113 का आंकड़ा है — बहुमत से अभी 5 दूर। इसके अलावा विजय ने दो सीटों से जीत हासिल की है — एक से इस्तीफा देना होगा। इससे TVK की प्रभावी संख्या 107 रह जाएगी।
TVK की रणनीति
विजय को उम्मीद है कि अगले एक-दो दिनों में जरूरी समर्थन जुट जाएगा। VCK की अहम बैठक 8 मई शुक्रवार को होगी। वहीं लेफ्ट पार्टियां भी आज अपनी बैठक में अंतिम फैसला लेंगी। इन पत्रों के मिलने के बाद ही विजय दोबारा राज्यपाल के पास जा सकेंगे।
कांग्रेस का विरोध — Governor पर निशाना
तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सेलवापेरुंथगई ने 8 मई को सभी जिला मुख्यालयों पर सुबह 11 बजे विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। उनका आरोप है कि BJP सरकार और राज्यपाल मिलकर TVK को सरकार बनाने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं — यह संविधान के खिलाफ है।
AIADMK में दरार — एक धड़ा विजय के साथ
AIADMK के भीतर भी दरारें नजर आ रही हैं। पार्टी का एक धड़ा एडप्पादी पलानीस्वामी के नेतृत्व से असंतुष्ट होकर विजय को समर्थन देने की वकालत कर रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर AIADMK ने विजय को समर्थन देने से इनकार किया है।
DMK का दर्द — कांग्रेस ने किया धोखा
DMK ने कांग्रेस के इस कदम को विश्वासघात बताते हुए कहा है कि उसने हमेशा मुश्किल वक्त में कांग्रेस का साथ दिया था। DMK-AIADMK के मिलकर सरकार बनाने की खबरें भी आ रही हैं जो विजय के लिए सबसे बड़ा खतरा होगा।
कमल हासन और CPI का बयान
MNM प्रमुख कमल हासन ने कहा कि विजय को सरकार बनाने का मौका न देना जनता के जनादेश का सीधा अपमान होगा। वहीं CPI ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
अगले 24 घंटे अहम
तमिलनाडु की राजनीति में अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। VCK और लेफ्ट पार्टियों का फैसला — कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन — और DMK-AIADMK की संभावित गठजोड़ — सब कुछ अगले 24 घंटों में तय होगा।
