तमिलनाडु। दक्षिण भारत की राजनीति में एक ऐतिहासिक उलटफेर हो चुका है। अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने 4 मई 2026 को घोषित विधानसभा चुनाव नतीजों में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। 60 साल से तमिलनाडु पर काबिज द्रविड़ राजनीति को पहली बार किसी नई ताकत ने सीधी चुनौती दी है और जनता ने उसे भारी बहुमत से स्वीकार किया है।
108 सीटें जीतीं — लेकिन बहुमत से 10 सीटें दूर
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए। TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया लेकिन बहुमत से 10 सीटें दूर रह गई। इस बार के चुनाव में तमिलनाडु में पहली बार त्रिशंकु विधानसभा बनी है। सत्तारूढ़ DMK को महज 59 सीटें मिलीं और पार्टी प्रमुख एम.के. स्टालिन खुद कोलाथुर सीट से हार गए — यह तमिलनाडु के इतिहास में दूसरी बार है जब कोई मौजूदा मुख्यमंत्री चुनाव हारा हो। AIADMK 47 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर रही जबकि कांग्रेस को 5 सीटें मिलीं।
कांग्रेस ने तोड़ा 22 साल पुराना DMK से नाता
सबसे बड़ा सियासी उलटफेर यह हुआ कि कांग्रेस ने अपने 22 साल पुराने सहयोगी DMK से नाता तोड़ते हुए विजय की TVK को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) ने अपनी बैठक में TVK को सशर्त समर्थन देने का प्रस्ताव पारित किया। कांग्रेस के सभी पांचों विधायकों ने इस फैसले पर सहमति जताई।
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने साफ कहा कि यह जनादेश एक धर्मनिरपेक्ष सरकार के लिए है और कांग्रेस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भाजपा या उससे जुड़ी कोई ताकत सत्ता में न आने पाए। कांग्रेस ने समर्थन की एक शर्त भी रखी है कि सांप्रदायिक ताकतों को गठबंधन से दूर रखा जाए। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस सरकार में दो मंत्री पद और बोर्ड-कॉरपोरेशन में चेयरमैन पद की मांग कर सकती है।
राज्यपाल से मिले विजय — 7 मई को शपथ की तैयारी
TVK प्रमुख विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश कर दिया है। राज्यपाल ने कहा है कि पहले 118 विधायकों के हस्ताक्षर लेकर आइए। TVK+Congress के 113 विधायकों के साथ CPI, CPM और PMK जैसे छोटे दलों का समर्थन जुटाने की कोशिश जारी है। सूत्रों के अनुसार विजय 7 मई 2026 को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। उनकी कैबिनेट में कुल 9 मंत्री होंगे।
AIADMK का प्रस्ताव ठुकराया
यह जानकारी भी सामने आई है कि AIADMK ने TVK को समर्थन देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन विजय ने इसे फिलहाल होल्ड पर रख दिया है। BJP ने भी TVK से गठबंधन की कोशिश की लेकिन उसे कोई सफलता नहीं मिली।
दो साल में पार्टी बनाई, अब CM बनने की बारी
विजय ने फरवरी 2024 में TVK की स्थापना की थी और फिल्मी करियर को अलविदा कह पूरी ताकत राजनीति में लगा दी। मात्र दो साल में उन्होंने युवाओं, महिलाओं और किसानों का जबरदस्त समर्थन हासिल किया। पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं में TVK को करीब 68 प्रतिशत समर्थन मिला। राजनीतिक विशेषज्ञ इसे तमिलनाडु की राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव के रूप में देख रहे हैं।
DMK के लिए ऐतिहासिक हार
DMK के लिए यह नतीजे किसी झटके से कम नहीं रहे। 2021 में 133 सीटें जीतकर सत्ता में आई DMK इस बार मात्र 59 सीटों पर सिमट गई। स्टालिन का कोलाथुर से हारना पार्टी के लिए सबसे बड़ा धक्का रहा। कांग्रेस का साथ छूटने के बाद DMK अब विपक्ष में बैठने को मजबूर है।
