गाज़ीपुर। खानपुर विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र में एक संविदा कर्मी की करंट लगने से मौत के मामले में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम ने सख्त कार्रवाई की है। घटना की उच्चस्तरीय जांच में विभागीय लापरवाही सामने आने पर प्रबंध निदेशक शंभू कुमार ने चार कर्मियों को निलंबित और एक लाइनमैन को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया है। दो वरिष्ठ अभियंताओं से भी दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
यह भी पढ़ें: गाज़ीपुर पुलिस की नशा विरोधी मुहिम
नेवादा फीडर पर हुआ हादसा
यह हादसा 4 जुलाई को हुआ था, जब खानपुर उपकेंद्र के नेवादा फीडर क्षेत्र के अहलादपुर गांव में ट्रांसफार्मर पर काम के दौरान संविदा कर्मी धर्मेंद्र यादव करंट की चपेट में आ गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। धर्मेंद्र अकुशल श्रेणी के लाइनमैन के तौर पर तैनात थे और ट्रांसफार्मर से जुड़ा तकनीकी काम कर रहे थे, जब यह हादसा हुआ।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए, लेकिन तब तक धर्मेंद्र को बचाया नहीं जा सका। गांव में बिजली से जुड़े रखरखाव कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर स्थानीय स्तर पर पहले भी चिंता जताई जाती रही है।
ग्रामीणों ने किया मार्ग जाम
घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शव को खानपुर-जौनपुर मार्ग पर रखकर सड़क जाम कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीएम मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।
घटना के बाद परिजनों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि हादसे के बाद भी कोई वरिष्ठ अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा। यह बात भी सामने आई कि घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी उपकेंद्र छोड़कर जा चुके थे, जिससे मौके पर निगरानी की कमी रही।
यह भी पढ़ें: गाज़ीपुर यातायात पुलिस की सख्ती जारी
चार निलंबित और एक बर्खास्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए एमडी शंभू कुमार ने तुरंत उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए। जांच में प्रथम दृष्टया विभागीय लापरवाही की पुष्टि हुई, जिसके बाद सहायक अभियंता (एसडीओ) एके सिंह, अवर अभियंता (जेई) सूर्यनाथ राम और ड्यूटी पर तैनात दो एसएसओ कर्मी नरेंद्र उर्फ नागेंद्र यादव व कृष्णकांत यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं घोर लापरवाही के आरोप में कुशल लाइनमैन प्रभुनारायण राम को सेवा से बर्खास्त किया गया।
जेई सूर्यनाथ राम, लाइनमैन प्रभुनारायण राम और एसएसओ नरेंद्र उर्फ नागेंद्र यादव के खिलाफ अलग से प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना और अधिशासी अभियंता सैदपुर सुधाकर सिंह से दो दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक जांच अभी जारी है और आगे की रिपोर्ट के आधार पर अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

