देवरिया। नवागत जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने गुरुवार 7 मई को जनता दर्शन के दौरान अपनी कार्यशैली से साफ संदेश दिया कि उनका प्रशासन आम जनता के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह रहेगा। फरियादियों की समस्याएं सुनने के साथ-साथ उन्होंने तत्काल निस्तारण के लिए नई तकनीकी व्यवस्थाएं भी लागू कीं।
जूम लिंक और व्हाट्सएप से होगा त्वरित निस्तारण
जिलाधिकारी ने जनता दर्शन में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए दो नई पहल की हैं। पहली — राजस्व विभाग के अधिकारियों की जूम लिंक तैयार कराई गई, जिससे जनता दर्शन के दौरान सीधे संबंधित अधिकारियों से वीडियो कॉल पर बात कर मामले निस्तारित किए जा सकें। दूसरी — अधिकारियों के सीयूजी नंबर के व्हाट्सएप पर सीधे प्रकरण भेजने की व्यवस्था शुरू की गई है। इन दोनों पहलों का मकसद यह है कि फरियादी को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और उनकी समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द हो सके।
दिव्यांग दंपती के पास खुद गए जिलाधिकारी
जनता दर्शन का सबसे मार्मिक क्षण तब आया जब ग्राम हरपुर निजाम के दिव्यांग दंपती रहमत अली और खुशबून अपनी जमीनी विवाद की समस्या लेकर पहुंचे। दोनों की दिव्यांगता को देखते हुए जिलाधिकारी खुद उनके पास गए, फल का पैकेट प्रदान किया और उनकी पूरी बात ध्यान से सुनी। उन्होंने सदर एसडीएम को निर्देश दिया कि वे राजस्व निरीक्षक और दो लेखपालों के साथ आज ही मौके पर जाकर मामले की जांच करें और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने दंपती से अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ के बारे में भी जानकारी ली। पता चला कि आयुष्मान कार्ड तो बना है लेकिन खुशबून को दिव्यांग पेंशन नहीं मिल रही। इस पर उन्होंने जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी प्रियंका चौधरी को तुरंत फोन कर बुलाया और निर्देश दिया कि विकास खंड के माध्यम से जल्द से जल्द अभिलेख प्राप्त कर खुशबून को दिव्यांग पेंशन दिलाई जाए। दंपती के साथ आई दो वर्षीय बच्ची को आंगनबाड़ी केंद्र भेजने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी आदिश मिश्रा को भी निर्देशित किया गया।
बच्चों की शिक्षा पर भी दिखी संवेदनशीलता
विकास खंड सलेमपुर के ग्राम जयराम कौड़िया निवासी सीता देवी पत्नी दिनेश कनौजिया जमीनी विवाद से संबंधित प्रार्थना पत्र लेकर आई थीं। उनके साथ आई चार वर्षीय बच्ची अंशिका को देखकर जिलाधिकारी ने पूछा कि बच्ची कहां पढ़ती है। सीता देवी ने बताया कि वह अभी कहीं नहीं जाती। जिलाधिकारी ने तुरंत जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिया कि अंशिका को नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चे जब आंगनबाड़ी जाते हैं तो उनका बौद्धिक विकास होता है — इस अवसर से किसी बच्चे को वंचित नहीं रहना चाहिए।
प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का संकल्प
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जनता दर्शन के दौरान सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन समस्याओं के निस्तारण में प्राथमिकता बरती जाए और समाधान प्रभावी व गुणवत्तापूर्ण हो। उनकी यह कार्यशैली बता रही है कि वे महज फाइलों में नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने में यकीन रखते हैं।
