गाज़ीपुर। विकास भवन सभागार में बुधवार 15 जुलाई को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस आयोजित की गई, जहां जिलेभर से पहुंचे किसानों ने सिंचाई, बिजली, खाद, केसीसी और कृषि यंत्रों से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संभावित सूखे की आशंका को देखते हुए उप कृषि निदेशक विजय कुमार ने किसानों को कम पानी वाली फसलों की खेती अपनाने की सलाह दी और 50 प्रतिशत अनुदान पर ज्वार, बाजरा और मक्का के बीज उपलब्ध कराने की जानकारी दी।
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किसानों की समस्याएं — CDO सख्त
मैनपुर के किसान अरुण कुमार सिंह ने कृषि यंत्र बुकिंग की टोकन धनराशि का भुगतान लंबित होने का मामला उठाया। नारियांव सहकारी समिति पर खाद वितरण न होने, राजापुर में समिति पुनर्निर्माण, पशुओं के FMD टीकाकरण एवं टैगिंग, ट्यूबवेल नंबर-171 की टूटी नाली की मरम्मत, विभिन्न माइनरों में पानी न आने, वृंदावन में धान क्रय केंद्र खोलने, जर्जर बिजली तार और ट्रांसफार्मर बदलने तथा यूनियन बैंक मिर्जाबाद शाखा में KCC न बनाए जाने की शिकायतें दर्ज कराई गईं।
बिरनो ब्लॉक के किसान दीनानाथ चौबे ने मलेठी माइनर का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि यह माइनर चौबेपुर, परसा, अम्माटरी सहित कई गांवों की सिंचाई करती है लेकिन वर्षों से पर्याप्त पानी नहीं आ रहा। माइनर में झाड़ियां और पेड़-पौधे उग आए हैं और बार-बार शिकायत के बावजूद सफाई नहीं हुई। वीरपुर माइनर और मुडरमा माइनर में भी पानी न आने की शिकायतें दर्ज कराई गईं। किसानों ने पेट्रोल पंपों पर 10 लीटर कैन में डीजल न मिलने की भी शिकायत की जिससे छोटे कृषि यंत्रों के संचालन में कठिनाई हो रही है।
CDO ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसान हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक शिकायत की नियमित समीक्षा होगी और किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों को उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक, जैविक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति किसानों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में यह भी बताया गया कि 16 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग कृषि विभाग के पोर्टल पर की जाएगी। वर्षभर में चार से पांच बार बुकिंग की सुविधा मिलेगी।
सूखे का अलर्ट — बीज पर अनुदान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान और वर्षा की कमी को देखते हुए उप कृषि निदेशक ने किसानों को धान जैसी अधिक सिंचाई वाली फसलों के बजाय ज्वार, बाजरा और मक्का जैसी फसलों का रकबा बढ़ाने की सलाह दी ताकि कम सिंचाई में भी बेहतर उत्पादन मिल सके।
जनपद के सभी कृषि निवेश केंद्रों पर संकर ज्वार (जेके-22), संकर बाजरा (वीएनआर-3245) और संकर मक्का (एचपीकेएम-5) के बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध हैं। साथ ही ज्वार, बाजरा, मक्का, तिल, सावा, कोदो और रागी जैसी फसलों के उन्नत बीज भी निवेश केंद्रों पर उपलब्ध कराए गए हैं।
उप कृषि निदेशक ने किसानों से अपील की कि वे नजदीकी कृषि निवेश केंद्र से अनुदानित दर पर बीज प्राप्त करें और समय से बुवाई कर मौसम संबंधी जोखिम कम करें।
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फसल बीमा और कृषि योजनाएं
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसलों पर मात्र 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होता है। पिछले वर्ष जिले के 47 हजार किसानों ने इस योजना का लाभ लिया। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 6448 किसानों को ₹4.31 करोड़ का बीमा भुगतान किया गया।
खेत तालाब योजना के तहत जिले में 12 लक्ष्य निर्धारित हैं जिनमें 10 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। शेष दो लाभार्थियों के लिए आवेदन आमंत्रित हैं। 22×20×3 मीटर के खेत तालाब निर्माण पर लगभग ₹52 हजार तक अनुदान दिया जाएगा।
बैठक में कृषि, उद्यान, पशुपालन, सिंचाई, विद्युत, राजस्व, सहकारिता, मत्स्य और कृषि रक्षा विभागों के अधिकारी एवं जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसान उपस्थित रहे।


