गाजीपुर। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बीच जनपद प्रशासन गाजीपुर ने जनपदवासियों से ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण के आह्वान के अनुक्रम में जिला प्रशासन ने शुक्रवार को एक जन अपील जारी की — जिसमें नागरिकों से दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव कर ईंधन की बचत करने का अनुरोध किया गया है।
पेट्रोलियम पदार्थ — राष्ट्रीय संपत्ति
प्रशासन ने अपील में स्पष्ट कहा कि पेट्रोलियम पदार्थ देश की अमूल्य संपत्ति हैं। इनकी अत्यधिक और अनावश्यक खपत से जहां एक ओर राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है — वहीं दूसरी ओर पर्यावरण प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर समस्याएं भी बढ़ती हैं। प्रशासन ने कहा कि वर्तमान समय में ऊर्जा संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं — बल्कि हर नागरिक की नैतिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी बन चुकी है।
जिला प्रशासन के सुझाव — छोटे बदलाव, बड़ा असर
जिला प्रशासन ने नागरिकों से कुछ व्यावहारिक उपाय अपनाने का अनुरोध किया है जो रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से अपनाए जा सकते हैं:
- छोटी दूरी की यात्रा के लिए पैदल चलें या साइकिल का उपयोग करें
- कार्यालय, विद्यालय या अन्य स्थानों पर जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन और कार पूलिंग को प्राथमिकता दें
- अनावश्यक वाहन संचालन से बचें और एक ही यात्रा में अधिकतम काम निपटाने का प्रयास करें
- ट्रैफिक सिग्नल या लंबे समय तक रुकने की स्थिति में वाहन का इंजन बंद रखें
- वाहन की समय-समय पर सर्विस कराएं और टायरों में उचित वायु दबाव बनाए रखें — इससे ईंधन की खपत कम होती है
- युवाओं और बच्चों को भी ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक करें ताकि यह अभियान जन-जन तक पहुंच सके
- सरकारी कार्यालयों, संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी ऊर्जा और ईंधन बचत के उपाय प्रभावी रूप से लागू किए जाएं
ईंधन बचत — व्यक्तिगत नहीं राष्ट्रीय दायित्व
प्रशासन ने अपील में जोर देकर कहा कि ईंधन की बचत केवल व्यक्तिगत लाभ का विषय नहीं है — बल्कि यह राष्ट्रहित, पर्यावरण संरक्षण और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से सीधे जुड़ा हुआ है। यदि जनपद का प्रत्येक नागरिक प्रतिदिन थोड़ा-सा भी ईंधन बचाने का संकल्प ले — तो सामूहिक रूप से यह एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि साबित होगी।
गाजीपुर में पेट्रोल अब ₹3 महंगा — सीधा असर
गाजीपुर जिले में भी 15 मई से पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें लागू हो चुकी हैं। जिससे अब पेट्रोल की कीमत बढ़कर करीब ₹97 प्रति लीटर के पार पहुंच गई है। महंगे ईंधन का असर न केवल वाहन चालकों पर पड़ रहा है — बल्कि माल ढुलाई, किसानों की सिंचाई लागत और आम घरेलू खर्च पर भी इसका बोझ दिखने लगा है। ऐसे में जिला प्रशासन की यह अपील और भी प्रासंगिक हो जाती है — जब ईंधन महंगा हो तो बचत ही सबसे बड़ा उपाय है।
जन आंदोलन का रूप दें — प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे ऊर्जा संरक्षण को एक जन आंदोलन का स्वरूप दें और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में देश के विकास और पर्यावरण सुरक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। प्रशासन को उम्मीद है कि इस जनहितकारी अभियान में जनपदवासी पूरा सहयोग प्रदान करेंगे।
