देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शनिवार की सुबह औचक निरीक्षण की परंपरा को एक बार फिर कायम रखा। इस बार उनका निशाना था दो सरकारी विद्यालय — प्राथमिक विद्यालय दानोपुर और उच्च प्राथमिक विद्यालय परासिया मिश्र। अचानक पहुंचे जिलाधिकारी ने न केवल विद्यालयों की व्यवस्था को परखा, बल्कि सीधे बच्चों से मुखातिब होकर उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा।
बच्चों से सीधे पूछे सवाल
निरीक्षण का सबसे अहम पल वह रहा जब डीएम ने खुद बच्चों की परीक्षा ली। कक्षा दो के विद्यार्थियों से अंग्रेजी पढ़वाई गई, वहीं कक्षा पांच और सात के छात्रों से गणित के सवाल पूछे गए। बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ सही जवाब दिए, जिससे जिलाधिकारी संतुष्ट नजर आए। उन्होंने शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि यही मेहनत और लगन आगे भी बनाए रखें।
शिक्षकों को दिया संदेश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों और शिक्षामित्रों से अपेक्षा जताई कि वे बच्चों में मेहनत और लगन की भावना को प्रोत्साहित करें ताकि हर बच्चा अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सके।
दानोपुर विद्यालय में बाउंड्रीवाल की कमी
निरीक्षण के दौरान दानोपुर प्राथमिक विद्यालय में बाउंड्रीवाल न होने की बात सामने आई। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए खंड शिक्षा अधिकारी को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बच्चों की सुरक्षा और विद्यालय परिसर की व्यवस्था को लेकर डीएम का यह सख्त रुख प्रशंसनीय रहा।
-अमित मणि त्रिपाठी
