📌 अमित मणि त्रिपाठी
देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मंगलवार 30 जून को सुबह 10 बजे रामपुर कारखाना विकास खंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। पंचायत सचिव से लेकर BMM तक कई जिम्मेदार अधिकारी कार्यालय से गायब मिले। MGNREGA और NRLM की प्रगति रिपोर्ट मांगे जाने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। इसके बाद DM ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए और संतोषजनक जवाब न मिलने पर वेतन रोकने की भी चेतावनी दी।
पंचायत सचिव फील्ड में
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पंचायत सचिव की उपस्थिति को लेकर दूरभाष पर जानकारी ली। फोन पर पंचायत सचिव ने स्वयं को फील्ड में होने की बात कही। हालांकि इस संबंध में एडीओ पंचायत को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी जिससे उनकी उपस्थिति को लेकर सवाल खड़े हुए।
इसी दौरान BMM भी कार्यालय से नदारद पाए गए। जब जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की प्रगति रिपोर्ट मांगी तो संबंधित अधिकारी कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके। वहीं मनरेगा कार्यों की प्रगति बताने के लिए भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं मिला। इस तरह एक के बाद एक कई विभागों में लापरवाही सामने आई।
वेतन रोकने की भी चेतावनी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने अनुपस्थित पाए गए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता है तो संबंधित अधिकारियों का वेतन रोकने की कार्रवाई भी की जाएगी।
जिलाधिकारी ने इस मौके पर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी को निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य है। नियमित रूप से जनसुनवाई करते हुए आमजन की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
सख्त कार्रवाई की चेतावनी
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकारी कार्यालयों में जनता से जुड़े कार्यों में देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी — यह उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा।
इस औचक निरीक्षण से रामपुर कारखाना विकास खंड में हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी का यह कदम प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।



