देवरिया। परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश पर जनपद देवरिया में बिना वैध परमिट संचालित स्कूल वाहनों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। 14 मई को परिवहन विभाग ने 10 विद्यालय वाहनों का चालान किया और दो बसों को संबंधित थाने में निरुद्ध करा दिया। इसके साथ ही संबंधित विद्यालयों की मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई भी प्रक्रिया में है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होगा।
क्यों जरूरी है यह अभियान
उत्तर प्रदेश में स्कूल वाहन दुर्घटनाओं के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। ओवरलोडिंग, बिना फिटनेस प्रमाण पत्र और बिना परमिट वाहन बच्चों की जान को खतरे में डालते हैं। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर प्रदेशभर में इस तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं — देवरिया में भी इसी कड़ी में यह कार्रवाई की गई।
समीक्षा बैठक में DM का कड़ा संदेश
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों को नोटिस जारी किए जाने के बावजूद वाहनों का परमिट नहीं कराया गया — उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नोटिस के बाद भी नहीं माने तो मान्यता होगी रद्द
DM हुल्गी ने कहा कि जिन स्कूलों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं और उन्होंने अब तक परमिट नहीं कराया — उनके विरुद्ध मान्यता निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह कदम उन स्कूल प्रबंधनों के लिए कड़ा संदेश है जो नियमों की अनदेखी करते आए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विद्यालय वाहन संचालन में सभी सुरक्षा मानकों और परिवहन नियमों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जाएगा।
नियमित जांच अभियान के निर्देश
DM ने अधिकारियों को नियमित जांच अभियान चलाने और बिना परमिट वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा — छात्र-छात्राओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अभिभावकों के लिए जरूरी संदेश
यह अभियान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं है। जिन स्कूलों के वाहन बिना परमिट पकड़े गए हैं — उनकी मान्यता भी खतरे में है। ऐसे में अभिभावकों को सलाह है कि अपने बच्चों के स्कूल वाहन का परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र और ड्राइवर का लाइसेंस अवश्य जांचें। बच्चों की सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं — अभिभावकों की सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है।
