देवरिया। जिले के दो युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय मंच पर देवरिया का नाम रोशन किया है। नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में यूपी पब्लिक स्कूल खुखुंदू के कक्षा 7 के छात्र अयान बिन लियाकत ने स्वर्ण पदक जीतकर जिले का मान बढ़ाया। वहीं सारिंसा द्विवेदी ने कांस्य पदक हासिल किया। दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर आज कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने उन्हें सम्मानित किया।
अयान का स्वर्णिम प्रदर्शन — 5 राज्यों के खिलाड़ियों को हराया
राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में अयान बिन लियाकत का प्रदर्शन किसी परिचय का मोहताज नहीं रहा। उन्होंने असम, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश जैसे मजबूत राज्यों के खिलाड़ियों को एक-एक कर मात देते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। कक्षा 7 में पढ़ने वाले इस किशोर खिलाड़ी की सफलता के पीछे उनके प्रशिक्षक गिरीश सिंह की कड़ी मेहनत और अयान के अदम्य जज्बे का बड़ा योगदान है। अयान स्पोर्ट्स स्टेडियम देवरिया में नियमित रूप से प्रशिक्षण लेते हैं।
सारिंसा ने भी मचाई धूम — मिजोरम और पंजाब को हराया
इसी प्रतियोगिता में सारिंसा द्विवेदी ने भी जिले का नाम ऊंचा किया। उन्होंने मिजोरम और पंजाब के खिलाड़ियों को पराजित कर कांस्य पदक जीता। सारिंसा की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना और पदक जीतना हर खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता।
DM हुल्गी ने किया सम्मान — खेलों को बढ़ावा देने का संदेश
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने दोनों खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी लगन और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व की भावना विकसित करते हैं। जिला प्रशासन ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग देने के लिए हमेशा तत्पर है।
देवरिया के खेल जगत में उत्साह
इस उपलब्धि पर जिला क्रीड़ा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, जिला ताइक्वांडो संघ के अध्यक्ष संजय कनोडिया, जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष संजय केडिया और महासचिव अजय जायसवाल सहित कई पदाधिकारियों और प्रशिक्षकों ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी। कार्यक्रम में प्रशिक्षक कुंदन मणि, शालिनी शर्मा, पूजा सिंह, अशोक कुमार सिंह और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
देवरिया के युवाओं के लिए प्रेरणा
अयान और सारिंसा की यह सफलता देवरिया के उन सभी युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो खेलों में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं — यह जिले के लिए गर्व की बात है। प्रशासन और खेल संगठनों का साथ मिले तो देवरिया के और भी युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर जिले का नाम रोशन कर सकते हैं।
