ग़ाज़ीपुर। शहर के वैकुंठधाम श्मशान घाट पर शोक में डूबे परिवारों से अवैध वसूली का मामला अब जिला प्रशासन की नजर में आ गया है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (भू-राजस्व) आयुष चौधरी और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डीके राय ने घाट परिसर में पहुंचकर सदस्यों, सभासदों और डोम राजा के साथ बैठक की।
मृत्यु के दर्द में भी नहीं मिली राहत
वैकुंठधाम श्मशान घाट पर एक अमानवीय सिलसिला चल रहा था। अपनों को खोने के गम में डूबे परिवार जब अंतिम संस्कार के लिए पहुंचते थे तब उनसे लकड़ी, रजिस्ट्रेशन, चिता सजाने और अग्नि देने के नाम पर मनमानी रकम वसूली जाती थी। निर्धारित शुल्क से कहीं अधिक पैसे मांगे जाते थे और शोक की घड़ी में परिवार मना भी नहीं कर पाते थे।
सिर्फ ग़ाज़ीपुर नहीं — मऊ और आजमगढ़ से भी आते हैं लोग
ग़ाज़ीपुर का वैकुंठधाम श्मशान घाट केवल जिले के लोगों के लिए नहीं — बल्कि पड़ोसी जिलों मऊ और आजमगढ़ से भी बड़ी संख्या में लोग यहां अंतिम संस्कार के लिए पहुंचते हैं। लंबे समय से यहां अव्यवस्था और मनमानी वसूली की शिकायतें आ रही थीं लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी।
शिकायतें मिलीं तो हरकत में आया प्रशासन
लगातार शिकायतें मिलने के बाद मामला जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला तक पहुंचा। उनके निर्देश पर ADM आयुष चौधरी और EO डीके राय ने घाट पर पहुंचकर लकड़ी विक्रेताओं, डोम राजा और स्थानीय लोगों के साथ बैठक की। बैठक में लकड़ी का रेट तय करने, अंतिम संस्कार प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और शव यात्रियों से होने वाली वसूली पर रोक लगाने पर चर्चा हुई।
एक हफ्ते में बनेगी नई कमेटी और रेट लिस्ट
बैठक में निर्देश दिया गया कि एक सप्ताह के भीतर नई कमेटी गठित की जाए और सभी सामग्री के निर्धारित दर तय किए जाएं ताकि ओवररेटिंग पर रोक लगाई जा सके। इसके साथ ही घाट पर बंद पड़े सामुदायिक शौचालय को भी जल्द चालू कराने का निर्देश दिया गया।
शनिवार को होगी अगली बैठक
प्रशासन ने शनिवार को एक और बैठक प्रस्तावित की है जिसके बाद लकड़ी समेत सभी सामग्री के दर निर्धारित किए जाएंगे और समिति बनाकर तय रेट लागू किए जाएंगे। प्रशासन की इस सख्ती के बाद श्मशान घाट पर व्यवस्था सुधरने की उम्मीद जगी है।
