रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। तिरुवनंतपुरम से हजरत निजामुद्दीन दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12431) के AC कोच B-1 में सुबह करीब 5:30 बजे अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें देखते ही देखते पूरे कोच में फैल गईं। गार्ड ने तुरंत लोको पायलट को सूचना दी और ट्रेन को फौरन रोक लिया गया। इस कोच में 68 यात्री सवार थे — जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
कहां हुई घटना
यह हादसा कोटा रेल मंडल के लूणी रिछा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशनों के बीच हुआ — जो रतलाम से करीब 110 किलोमीटर दूर है। ट्रेन रतलाम से रवाना होकर दिल्ली की ओर जा रही थी — तभी B-1 कोच में अज्ञात कारणों से आग भड़क उठी। चंद सेकेंड में आग ने पूरे कोच को अपनी चपेट में ले लिया।
रेलवे की तत्परता — बड़ा हादसा टला
आग की सूचना मिलते ही रेलवे ने तुरंत कार्रवाई की। ओवरहेड इलेक्ट्रिक सप्लाई यानी OHE तत्काल बंद कर दी गई। जलते हुए B-1 कोच को ट्रेन के बाकी डिब्बों से अलग कर दिया गया — ताकि आग और न फैले। कोटा रेल मंडल से राहत और बचाव दल को फौरन घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। फायर ब्रिगेड और रेलवे अधिकारी भी तेजी से मौके पर पहुंचे। DRM समेत वरिष्ठ रेलवे अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे।
राजधानी एक्सप्रेस — भारत की प्रीमियम ट्रेन सेवा
राजधानी एक्सप्रेस भारतीय रेलवे की सबसे प्रीमियम और तेज ट्रेन सेवाओं में से एक है। यह ट्रेन देश के प्रमुख शहरों को राजधानी दिल्ली से जोड़ती है। तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस केरल से दिल्ली तक की करीब 3,000 किलोमीटर की दूरी तय करती है। इस ट्रेन में AC कोच होते हैं और यात्रियों को उच्च गुणवत्ता की सेवाएं दी जाती हैं। ऐसे में प्रीमियम ट्रेन में आग लगने की यह घटना रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
यात्रियों को किया समायोजित
68 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद उन्हें ट्रेन के अन्य कोचों में बैठाया गया। रेलवे ने बताया कि कोटा स्टेशन पर एक अतिरिक्त कोच जोड़कर ट्रेन की पूरी क्षमता बहाल की गई। सीनियर रेलवे कमर्शियल मैनेजर सौरभ जैन ने इसकी पुष्टि की।
दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग बाधित
इस हादसे के कारण कुछ समय के लिए दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर परिचालन प्रभावित रहा। कई ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोका गया और कुछ ट्रेनों में देरी हुई। ट्रेन नंबर 12955 को महिद्पुर रोड स्टेशन पर रोका गया था। बाद में रेल परिचालन सामान्य कर दिया गया।
आग का कारण — जांच जारी
आग लगने का सही कारण अभी तक पता नहीं चला है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। रेलवे बोर्ड ने इलेक्ट्रिक, मैकेनिकल और कोचिंग विभाग के तीन सदस्यों की एक जांच समिति गठित की है। जांच इस बिंदू पर केंद्रित होगी कि आग अंदर से लगी थी या बाहर से लगाई गई।
यात्रियों की सुरक्षा — सबक और सवाल
यह पहली बार नहीं है जब किसी चलती ट्रेन में आग लगी हो। रेलवे विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए नियमित तकनीकी जांच और रखरखाव अनिवार्य है। यात्रियों को भी सलाह दी जाती है कि वे ट्रेन में ज्वलनशील पदार्थ न ले जाएं। इस हादसे में गार्ड की तत्परता और रेलवे की त्वरित कार्रवाई की वजह से एक बड़ी त्रासदी टल गई — वरना परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे।
