क्यों पहुंचे थे सोनारपुर — पीड़ित बने निशाना
अभिषेक बनर्जी शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे सोनारपुर के कमराबाद इलाके में चुनाव के बाद हिंसा में मारे गए एक TMC कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंचे थे। 4 मई को बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से राज्य में पोस्ट-पोल हिंसा की लगातार खबरें आ रही थीं। पीड़ितों से मिलने गए अभिषेक खुद सबसे बड़े निशाने पर आ गए।
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TMC के अनुसार इलाके में माहौल पहले से गर्म था
इलाके में माहौल पहले से गर्म था। जैसे ही अभिषेक बनर्जी के काफिले की सूचना मिली — बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। भारी विरोध देखकर अभिषेक ने अपनी गाड़ी वहीं छोड़ी और बाइक पर सवार होकर कमराबाद के अंदर घुसने की कोशिश की। लेकिन भीड़ पहले ही रास्ते में मोर्चा जमाए बैठी थी। महिला प्रदर्शनकारियों को सबसे आगे रखा गया था — उनके हाथों में कच्चे अंडे थे। जैसे ही अभिषेक नजदीक पहुंचे — भीड़ ने उन्हें घेर लिया। “चोर-चोर” के नारों के बीच अंडे, पत्थर और जूते बरसने लगे। धक्कामुक्की में उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। हालात इतने बिगड़े कि पुलिस को उनके सिर पर क्रिकेट हेलमेट पहनाकर सुरक्षा घेरे में बाहर निकालना पड़ा।
अभिषेक बोले — BJP मुझे मारना चाहती है
घटना के तुरंत बाद अभिषेक बनर्जी ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा — “यह पहले से प्लान किया हुआ हमला था। इलाके में पुलिस नहीं थी। BJP मुझे मारना चाहती है।” उन्होंने बताया कि पुलिस को फोन किया लेकिन फोन नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा — “मैं यहां से तब तक नहीं हटूंगा जब तक पुलिस यहां लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करती।” उन्होंने साफ किया कि पूरी घटना कैमरे में कैद है और वे हाई कोर्ट का रुख करेंगे और राज्यपाल को भी पूरी स्थिति से अवगत कराएंगे। TMC इस तरह के कायरतापूर्ण हमलों से डरने वाली नहीं — जनता के लिए लड़ाई जारी रहेगी।
ममता बनर्जी का पलटवार — BJP पर साधा निशाना
भतीजे पर हुए हमले की खबर मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने X पर लिखा कि BJP समर्थित गुंडों ने यह हमला किया है और पूछा कि क्या बंगाल में अब लोकतंत्र बचा ही नहीं है। ममता ने यह भी सवाल उठाया कि जब उनके भतीजे पर हमला हो रहा था तब पुलिस कहां थी। उन्होंने BJP पर सीधा आरोप लगाया कि यह हमला सुनियोजित था और सत्ता में आने के बाद BJP ने बंगाल में हिंसा का माहौल बना दिया है। ममता ने कहा कि TMC इस तरह की घटनाओं से झुकने वाली नहीं — और जनता BJP के इस रवैये का जवाब देगी।
BJP बोली — TMC की गलत राजनीति का नतीजा
BJP के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा — “मैं इस घटना की निंदा करता हूं।” लेकिन साथ ही उन्होंने जनता के आक्रोश को TMC की नीतियों का परिणाम बताया। उनका कहना था कि बंगाल की जनता में TMC के खिलाफ जो गुस्सा है — उसी का यह विस्फोट है। BJP ने यह भी कहा कि चुनाव में करारी हार के बाद TMC नेताओं को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है।
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दिल्ली में BJP नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कुछ नेताओं का इतिहास रहा है कि वे खुद पर हमले की नौटंकी करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि TMC नेता जहां भी जाते हैं — जनता उन्हें “चोर” क्यों कहती है — इस पर TMC को आत्ममंथन करना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कानून किसी को अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए और पुलिस को विधिसम्मत कार्रवाई करनी चाहिए।
CID का समन — अलग मोर्चे पर भी घिरे अभिषेक
हमले से अलग अभिषेक बनर्जी एक और मोर्चे पर घिरे हुए हैं। उनके आवास ‘शांतिनिकेतन’ पर शनिवार को CID की टीम पहुंची — हालांकि दरवाजा बंद मिला। CID ने उन्हें एक जाली दस्तखत मामले में जांच के सिलसिले में भवानी भवन तलब किया है। यह मामला उनकी राजनीतिक मुश्किलों को और बढ़ा सकता है।
बंगाल की राजनीति — चुनाव के बाद से जारी है उबाल
4 मई को बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से राज्य में लगातार राजनीतिक तनाव बना हुआ है। TMC को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था। तब से TMC नेताओं के खिलाफ जनता का गुस्सा सड़कों पर दिखने लगा है। TMC और BJP दोनों एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने के आरोप लगाते रहे हैं। अभिषेक बनर्जी पर यह हमला उसी राजनीतिक टकराव की एक और कड़ी है — जो आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।
