गाज़ीपुर। सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में मंगलवार 12 मई को विकासखंड सदर के उच्च प्राथमिक विद्यालय मिश्रवलिया का औचक निरीक्षण किया गया। बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचे जिलाधिकारी गाज़ीपुर ने स्कूल की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया और बच्चों से सीधे बातचीत करके उनके बौद्धिक विकास और पढ़ाई के स्तर का आकलन किया।
बच्चों से संवाद — शैक्षिक गुणवत्ता की परख
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कक्षाओं में जाकर छात्र-छात्राओं से सीधे सवाल किए। बच्चों की पढ़ाई का स्तर, उनकी समझ और शिक्षकों द्वारा पढ़ाए जाने के तरीके की जांच की। यह प्रक्रिया इसलिए अहम है क्योंकि सरकारी स्कूलों में अक्सर कागजों पर तो सब कुछ ठीक दिखता है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और होती है। इस बार बच्चों से सीधे संवाद करके असली तस्वीर सामने लाने की कोशिश की गई।
मिड डे मील की गुणवत्ता जांची
निरीक्षण में मध्याह्न भोजन यानी मिड डे मील (MDM) की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और नियमितता की समीक्षा की गई। देश के लाखों सरकारी स्कूलों में मिड डे मील कई बच्चों के लिए दिन का सबसे पोषण भरा भोजन होता है — ऐसे में इसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
स्वच्छता व्यवस्था का आकलन
विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, शौचालयों की स्थिति और पेयजल व्यवस्था की भी जांच की गई। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरकारी स्कूलों में स्वच्छता पर विशेष जोर दिया जाता है लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन कितना हो रहा है — यह जानने के लिए ही इस तरह के औचक निरीक्षण जरूरी हैं।
पठन-पाठन व्यवस्था की समीक्षा
कक्षाओं में शिक्षकों की उपस्थिति, पाठ्यक्रम की प्रगति और शिक्षण सामग्री की उपलब्धता की भी जानकारी ली गई। जिन बिंदुओं पर कमियां पाई गईं उन्हें तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों को दिए गए।
आवश्यक दिशा-निर्देश जारी
निरीक्षण के दौरान जो बिंदु ध्यान में आए उन पर संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। यह भी कहा गया कि आगे भी इसी तरह औचक निरीक्षण होते रहेंगे ताकि व्यवस्था में निरंतरता बनी रहे।
यह औचक निरीक्षण इस बात का संकेत है कि जिला प्रशासन सरकारी शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर है और केवल कागजी खानापूर्ति नहीं बल्कि वास्तविक सुधार चाहता है।
