देवरिया। कभी-कभी वर्दी सिर्फ कानून नहीं, इंसानियत का चेहरा भी बन जाती है। देवरिया पुलिस ने एक ऐसा ही काम करके साबित किया कि संवेदनशीलता और सेवाभाव भी पुलिस की पहचान हो सकती है। एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवती को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाने के इस नेक काम के लिए महिला उप निरीक्षक निशा कुमारी को पुलिस अधीक्षक देवरिया अभिजीत आर. शंकर ने 12 मई 2026 को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
6 मई 2026 को महिला थाने की प्रभारी पूनम यादव को सूचना मिली कि थाना कोतवाली क्षेत्र की सिंधी मिल कॉलोनी में एक युवती भटकती हुई मिली है जो मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत होती है। जानकारी मिलते ही महिला उप निरीक्षक निशा कुमारी अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचीं।
नाम-पता बताने में भी असमर्थ थी युवती
पुलिस टीम ने युवती से बात करने की कोशिश की लेकिन वह अपना नाम तक नहीं बता पा रही थी। ऐसे में पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए युवती को तुरंत देवरिया मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया और उसके परिजनों की तलाश शुरू की।
तीन दिन बाद मिली पहचान
9 मई 2026 को थाना कोतवाली पहुंचे कुछ लोगों ने युवती की पहचान की। वह निधि जायसवाल थी जो पुराना बरहज, थाना बरहज, जनपद देवरिया की रहने वाली है। पहचान होते ही जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करके युवती को सकुशल उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
SP ने प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मान
इस मानवीय और सराहनीय कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक देवरिया अभिजीत आर. शंकर ने महिला उप निरीक्षक निशा कुमारी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। यह सम्मान न केवल निशा कुमारी के लिए बल्कि पूरी महिला पुलिस टीम के लिए गर्व का क्षण है।
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि पुलिस का काम सिर्फ अपराध रोकना नहीं बल्कि जरूरतमंदों की मदद करना भी है।
— अमित मणि त्रिपाठी
