देवरिया। जनपद में अपराध एवं अपराधियों की रोकथाम के खिलाफ पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना श्रीरामपुर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने बुधवार की देर रात एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर ठगी करने वाले तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से 12 बैंक खातों में जमा 1,25,000 रुपये फ्रीज करने के साथ-साथ भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है।
कैसे चलता था ठगी का खेल
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे ऑनलाइन गैंबलिंग गेम खिलवाते थे और सट्टा लगवाते थे। ग्राहकों को झूठे और लुभावने ऑफर देकर पहले उन्हें अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद फिशिंग लिंक और गलत भुगतान प्रक्रिया के जरिए उनके ऑनलाइन गेमिंग खातों से धन निकाल लेते थे। ठगी से निकाली गई रकम को अलग-अलग बैंकों के विभिन्न खातों में मंगाकर छिपाया जाता था।
मुखबिर की सूचना पर कसा शिकंजा
पुलिस अधीक्षक देवरिया अभिजीत आर. शंकर के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील कुमार सिंह के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी भाटपाररानी अंशुमन श्रीवास्तव की निगरानी में थाना श्रीरामपुर और एसओजी की संयुक्त टीम ने बुधवार देर रात रात्रि चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर प्रतापुपर फैक्ट्री की बाउंड्री वाल के पास से तीनों अभियुक्तों को दबोचा।
तीनों गिरफ्तार अभियुक्त देवरिया के ही
गिरफ्तार अभियुक्तों में नितीश प्रताप सिंह पुत्र बृजेश सिंह निवासी चकरवा टोला प्रेम राय थाना श्रीरामपुर उम्र करीब 25 वर्ष, कमलेश सिंह पुत्र वकिल सिंह निवासी बैकुंठपुर थाना श्रीरामपुर उम्र करीब 58 वर्ष तथा मृत्युंजय खरवार पुत्र गंभीर प्रसाद निवासी बैकुंठपुर थाना श्रीरामपुर उम्र करीब 34 वर्ष शामिल हैं। तीनों देवरिया जनपद के ही निवासी हैं।
बरामदगी की लंबी फेहरिस्त
अभियुक्तों के कब्जे से 18 एटीएम कार्ड, 01 वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, 02 बैंक पासबुक, 03 बैंक चेकबुक, 01 पासपोर्ट, 07 सिमकार्ड सहित पैकेट, 30 खाली सिम पैकेट, 07 एंड्रॉयड मोबाइल, 02 की-पैड मोबाइल, 04 स्कैनर, 01 लैपटाप एचपी ब्रांड और 29,070 रुपये नगद बरामद किए गए हैं। बरामद सामग्री की यह लंबी फेहरिस्त बताती है कि तीनों अभियुक्त एक सुनियोजित और संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का हिस्सा थे।
मुकदमा दर्ज, आगे की जांच जारी
तीनों अभियुक्तों के खिलाफ थाना स्थानीय पर मुकदमा संख्या 67/2026 धारा 111(2), 318 बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। 12 बैंक खातों में जमा 1,25,000 रुपये फ्रीज कराए जा चुके हैं और शेष खातों के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
