गुवाहाटी। असम की राजनीति में एक बड़ा और ऐतिहासिक क्षण आने वाला है। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने एक बार फिर डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा पर अपना पूरा भरोसा जताया है। एनडीए विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया, जिसके बाद उनके लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। असम की जनता के इस जनादेश को पूरे देश ने बड़े ध्यान से देखा है।
कल होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह
12 मई, 2026 को सुबह 11 बजे गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज मैदान में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति तय मानी जा रही है। इसके अलावा देश के 22 से अधिक राज्यों के मुख्यमंत्री और एनडीए के तमाम वरिष्ठ नेता भी इस अवसर पर गुवाहाटी पहुंचेंगे। समारोह की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं और इसे यादगार बनाने की पूरी कोशिश की जा रही है।
पहली बार — लगातार दो बार CM बनने वाले गैर-कांग्रेसी नेता
डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा असम के राजनीतिक इतिहास में एक नई इबारत लिखने जा रहे हैं। वे राज्य के पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बनेंगे जो लगातार दो कार्यकाल के लिए सत्ता की बागडोर संभालेंगे। उन्होंने पहली बार मई 2021 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। बीते पाँच वर्षों में उन्होंने सख्त प्रशासन, अवैध घुसपैठ के विरुद्ध निर्णायक कदम, बाल विवाह पर कड़ी कार्रवाई और विकास परियोजनाओं के दम पर असम में अपनी अलग राजनीतिक पहचान स्थापित की। उनके नेतृत्व में असम ने कई मोर्चों पर उल्लेखनीय प्रगति की, जिसे जनता ने मतपेटी में भरपूर समर्थन देकर स्वीकार किया।
NDA का ऐतिहासिक प्रदर्शन
2026 के असम विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 126 सदस्यीय विधानसभा में रिकॉर्ड 102 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया। यह किसी भी गठबंधन की अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है। भाजपा को अकेले 82 सीटें मिलीं, जबकि सहयोगी दल असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट को 10-10 सीटें प्राप्त हुईं। विपक्ष इस चुनाव में बुरी तरह बिखर गया और कांग्रेस सहित तमाम दल मिलकर भी एनडीए को कड़ी टक्कर देने में नाकाम रहे। यह जीत असम में भाजपा की गहरी होती जड़ों का प्रमाण है।
राज्यपाल ने दिया सरकार बनाने का न्योता
राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने रविवार को डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा को सरकार बनाने का आमंत्रण दिया। इसके बाद एनडीए नेताओं ने लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात कर विधिवत सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्यपाल ने उन्हें मुख्यमंत्री नियुक्त करते हुए शपथ ग्रहण की तारीख 12 मई तय की।
सरमा का सफर — संघर्ष से शिखर तक
हिमंत बिस्वा सरमा का राजनीतिक सफर संघर्ष और दृढ़ निश्चय की एक प्रेरक कहानी है। एक समय कांग्रेस के मजबूत स्तंभ रहे सरमा ने अगस्त 2015 में भाजपा का दामन थामा और देखते ही देखते असम की राजनीति के केंद्र बन गए। उन्होंने न केवल असम बल्कि पूर्वोत्तर भारत में भाजपा के विस्तार में अहम भूमिका निभाई। उनकी कार्यशैली, प्रशासनिक दक्षता और जनता से सीधे संवाद ने उन्हें एक लोकप्रिय नेता बनाया।
असम की जनता ने जिस अपार विश्वास के साथ एनडीए को यह ऐतिहासिक जनादेश दिया है, उसे पूरा करने की जिम्मेदारी अब फिर से डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा के कंधों पर है। 12 मई का शपथ ग्रहण समारोह असम के राजनीतिक इतिहास में एक नया और गौरवशाली अध्याय जोड़ेगा।
