गाजीपुर, जिले के कासिमाबाद थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नौकरी का झांसा देकर एक युवक से 8 लाख रुपये की ठगी की गई। आरोपी ने पीड़ित को फर्जी नियुक्ति पत्र और मेडिकल सर्टिफिकेट थमाकर रेलवे में नौकरी का भरोसा दिया। जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने खुद को आर्मी अधिकारी बताते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस पूरे मामले में कोर्ट के आदेश पर आरोपी के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
फर्जी नौकरी के नाम पर 8 लाख की ठगी
यह मामला कासिमाबाद थाना क्षेत्र के बहादुरगंज गांव के निवासी नदीम अहमद का है। पीड़ित नदीम ने बताया कि 2018 में उनके गांव के पास के ही रहने वाले रामजन्म सिंह ने रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। इसके बदले में रामजन्म ने नदीम से 8 लाख रुपये ले लिए। आरोपी ने नदीम को रेलवे भर्ती बोर्ड कोलकाता का एक फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट दिया और कुछ समय बाद नियुक्ति पत्र भी सौंपा। आरोपी ने कहा कि कुछ दिनों के इंतजार के बाद ज्वॉइनिंग हो जाएगी।
लेकिन कई महीने बीतने के बाद जब नदीम ने रेलवे कार्यालय में जाकर नियुक्ति पत्र की पुष्टि की, तो वह फर्जी निकला। इसके बाद नदीम को समझ में आया कि उनके साथ बड़ा धोखा हुआ है।
कई और लोगों से भी की ठगी
नदीम ने जब रामजन्म की तलाश शुरू की तो पता चला कि वह इस तरह की धोखाधड़ी कई लोगों के साथ कर चुका है। दर्जनों लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठगने का मामला सामने आया। इसके बावजूद नदीम लगातार रामजन्म से अपने पैसे वापस लेने की कोशिश करता रहा।
साल 2021 में आरोपी ने स्टांप पेपर पर लिखित समझौता किया कि वह किस्तों में पैसा लौटाएगा। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी पैसे नहीं लौटाए गए। जब नदीम फिर से पैसा मांगने गया, तो रामजन्म ने उसे धमकाते हुए कहा कि वह सेना में है और झूठे केस में फंसाकर जान से मारने की धमकी दी।
कोर्ट में लगाई गुहार, दर्ज हुआ मुकदमा
परेशान नदीम ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का सहारा लिया। पीड़ित ने 16 नवंबर 2024 को पुलिस अधीक्षक गाजीपुर को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी। लेकिन पुलिस की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया।
आखिरकार न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मदाबाद ने कासिमाबाद कोतवाली पुलिस को पीड़ित द्वारा दाखिल प्रार्थना पत्र पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने 9 जनवरी को रामजन्म सिंह यादव के खिलाफ संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
आगे की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि रामजन्म ने कई अन्य लोगों को भी रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा है। पुलिस अब सभी पीड़ितों से संपर्क कर रही है ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके।
पीड़ित नदीम का कहना है कि उन्हें अब न्याय की उम्मीद है। उन्होंने लोगों को सावधान करते हुए कहा कि नौकरी के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे न दें और केवल सरकारी प्रक्रिया के तहत ही आवेदन करें।
धारा 419 (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी), धारा 420 (धोखाधड़ी और जालसाजी) और धारा 506 (धमकी देना) के तहत आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यदि आरोप साबित होता है, तो आरोपी को कड़ी सजा हो सकती है।
क्या सीखे इस घटना से?
- नौकरी के नाम पर कोई भी अनजान व्यक्ति पैसे मांगे तो सतर्क रहें।
- किसी भी नियुक्ति पत्र की पुष्टि संबंधित सरकारी विभाग से जरूर कराएं।
- पुलिस की मदद न मिलने पर कोर्ट का सहारा लें।
- जागरूक रहें और दूसरों को भी ऐसी धोखाधड़ी से बचने की सलाह दें।