Deoria News: ग्राम सभा बेलडरिया ने खोया अपना कर्मठ प्रधान, रामनक्षत्र प्रसाद का निधन

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देवरिया न्यूज़, ग्राम सभा बेलडरिया के वर्तमान प्रधान रामनक्षत्र प्रसाद के निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त हो गया है। वे लंबे समय से सांस संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे और गोरखपुर के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान शनिवार की रात उनका निधन हो गया, जिससे क्षेत्रवासियों में गहरा दुख है।

ग्राम प्रधान के रूप में दो कार्यकालों में निभाई अहम भूमिका

रामनक्षत्र प्रसाद दो बार ग्राम प्रधान के रूप में चुने गए थे। उनका पहला कार्यकाल वर्ष 2005 से 2010 तक रहा, जिसमें उन्होंने गांव के विकास के लिए कई अहम कदम उठाए। क्षेत्र के लोग उनकी नेतृत्व क्षमता और समाजसेवा के प्रति समर्पण को हमेशा याद करते हैं।

दूसरी बार उन्होंने वर्ष 2020 में फिर से ग्राम प्रधान का पद संभाला। अपने इस कार्यकाल में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क निर्माण जैसे विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दिया। उनके प्रयासों से गांव के विकास को नई दिशा मिली, जिससे ग्रामीणों को काफी लाभ पहुंचा।

इलाज के दौरान हुआ निधन, क्षेत्र में शोक का माहौल

गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में लंबे समय से उनका इलाज चल रहा था। उन्हें सांस की गंभीर समस्या थी, जिससे उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट हो रही थी। शनिवार की रात इलाज के दौरान रामनक्षत्र प्रसाद ने अंतिम सांस ली, जिससे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

गांव के लोग और उनके शुभचिंतक उनके निधन की खबर सुनते ही गमगीन हो गए। गांववासियों ने उन्हें एक जिम्मेदार और ईमानदार प्रधान के रूप में याद किया, जिन्होंने हमेशा ग्रामीणों की भलाई के लिए कार्य किया।

विधायक और स्थानीय नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि रामनक्षत्र प्रसाद का जीवन समाजसेवा और जनकल्याण को समर्पित रहा। उनकी कमी को पूरा करना मुश्किल है।

इसके अलावा, समाजसेवी आदित्य पांडेय उर्फ छोटू बाबा, पूर्व प्रधान श्री छेदी प्रसाद सिंह, मनोज यादव, श्रीकृष्ण यादव, राजकुमार यादव और मनीष पांडेय समेत अन्य स्थानीय नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

ग्रामीणों के बीच लोकप्रिय थे रामनक्षत्र प्रसाद

रामनक्षत्र प्रसाद अपनी सहजता और मृदुभाषिता के लिए ग्रामीणों के बीच बेहद लोकप्रिय थे। वे हमेशा गांव की समस्याओं को प्राथमिकता देते थे और हर समस्या के समाधान के लिए तत्पर रहते थे। उनके प्रयासों से गांव में कई विकास कार्य संपन्न हुए, जिनका लाभ आज भी ग्रामीणों को मिल रहा है।

उनकी ईमानदार कार्यशैली और दृढ़ निश्चय ने उन्हें क्षेत्र का एक सम्मानित व्यक्तित्व बना दिया था। उनका निधन न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे गांव के लिए अपूरणीय क्षति है।

जनसेवा में समर्पित रहा जीवन

रामनक्षत्र प्रसाद ने अपने जीवन का अधिकांश समय समाजसेवा को समर्पित किया। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षा के विकास पर विशेष ध्यान दिया, जिससे गांव के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिला।

साथ ही, गांव में पेयजल समस्या को हल करने के लिए उन्होंने कई प्रयास किए, जिससे ग्रामीणों को पीने के पानी की सुविधा में सुधार हुआ। इसके अलावा, सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और गरीब परिवारों के लिए राहत कार्य भी उनके प्रमुख कार्यों में शामिल रहे।

गांव में शोकसभा का आयोजन

उनके निधन के बाद गांव में शोकसभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। इस अवसर पर मौजूद सभी लोगों ने उनकी समाजसेवा के प्रति समर्पण को याद किया और उनके अधूरे कार्यों को पूरा करने का संकल्प लिया।

-अमित मणि त्रिपाठी