Deoria News: गेहूं कटाई में प्रशासन की सख्ती, अवैध भूसा निर्माण पर कड़ी कार्रवाई!

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देवरिया न्यूज़, गेहूं की कटाई के दौरान भूसा बनाने की मशीन (स्ट्रा रिपर) का उपयोग रोकने के लिए प्रशासन द्वारा सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। उपनिदेशक कृषि सुभाष मौर्य ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेशानुसार किसी भी क्षेत्र में गेहूं की फसल की कटाई के समय स्ट्रा रिपर से भूसा बनाना पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही, सभी कंबाइन मशीनों पर अग्नि शमन यंत्र और बालू से भरी बाल्टी रखना अनिवार्य कर दिया गया है।

भेड़ि गांव में नियमों का उल्लंघन, प्रशासन हरकत में

मंगलवार को थाना इकौना अंतर्गत ग्राम भेड़ि में स्ट्रा रिपर द्वारा भूसा बनाए जाने की जानकारी मिलने पर प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। कृषि विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। हालाँकि, मशीन चालक मौके से फरार हो गया। इसके बाद प्रशासन द्वारा मशीन चालक और मालिक की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी गई।

नियमों के अनुपालन के लिए गठित की गई विशेष टीमें

प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जारी किए गए आदेशों का कड़ाई से पालन किया जाए। क्षेत्र में गेहूं की फसल पूरी तरह कटने के बाद ही भूसा बनाने की अनुमति होगी। इस नियम को लागू करवाने के लिए कृषि, राजस्व विभाग और थाना प्रभारियों की संयुक्त टीमें सक्रिय की गई हैं। इन टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे क्षेत्र में निगरानी बनाए रखें और आदेशों का पालन सुनिश्चित करें।

अवैध भूसा निर्माण पर होगी सख्त कार्रवाई

यदि किसी मशीन चालक या मालिक को प्रतिबंधित अवधि में स्ट्रा रिपर से भूसा बनाते हुए पाया जाता है, तो मशीन को तत्काल जब्त कर लिया जाएगा। इसके अलावा, संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधिक कार्यवाही भी की जाएगी। प्रशासन ने किसानों और मशीन चालकों को आगाह किया है कि वे नियमों का पालन करें, अन्यथा कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

आदेशों का उल्लंघन करने पर नहीं मिलेगी राहत

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पहले भी अवैध भूसा निर्माण के कारण आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में, प्रशासन ने इस बार सख्ती से निगरानी करने का निर्णय लिया है। सभी कंबाइन मशीनों पर अग्नि शमन यंत्र और बालू से भरी बाल्टी रखना अनिवार्य किया गया है, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

-अमित मणि त्रिपाठी