चेन्नई। रविवार का दिन तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत लेकर आया। चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में लाखों समर्थकों की मौजूदगी में सी जोसेफ विजय — जिन्हें दुनिया थलापति विजय के नाम से जानती है — ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में पद की शपथ ली। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें शपथ दिलाई। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी भी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने।
पर्दे से सत्ता तक — विजय का सफर
फिल्मी दुनिया छोड़कर राजनीति में उतरे विजय ने अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के जरिए तमिलनाडु की जनता का भरोसा जीता। द्रविड़ राजनीति के दो दिग्गजों — DMK और AIADMK — के दशकों पुराने वर्चस्व को चुनौती देते हुए TVK ने सत्ता की कुर्सी तक पहुंचना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा।
विजय की कैबिनेट — नए चेहरे, नई सोच
नई सरकार में अनुभव और युवा ऊर्जा का अनूठा मेल देखने को मिला।
एन. आनंद — TVK के महासचिव और विजय के विश्वासपात्र साथी आनंद पार्टी की नींव रखने वालों में शामिल हैं। पुडुचेरी से विधायकी का अनुभव रखने वाले आनंद संगठन की रीढ़ माने जाते हैं।
आधव अर्जुन — बास्केटबॉल की दुनिया से राजनीति में कदम रखने वाले आधव अर्जुन ऑल इंडिया बास्केटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष हैं। DMK के प्रत्याशी को मात देकर उन्होंने अपनी ताकत साबित की।
डॉ. के.जी. अरुण राज — भारतीय राजस्व सेवा के पूर्व अधिकारी और चिकित्सक अरुण राज 2025 में TVK से जुड़े और पहले ही प्रयास में विजयी रहे। उनका प्रशासनिक अनुभव सरकार को नई दिशा देगा।
के.ए. सेंगोट्टैयन — राजनीति के पुराने खिलाड़ी सेंगोट्टैयन आठ बार विधायक रह चुके हैं। AIADMK छोड़कर TVK में आए और जीत हासिल की। जयललिता सरकार में मंत्री रहने का उनका अनुभव नई कैबिनेट को परिपक्वता देगा।
पी. वेंकटरमण — चुनावी प्रबंधन और वित्तीय रणनीति के विशेषज्ञ वेंकटरमण ने कई दिग्गजों को हराकर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया।
आर. निर्मल कुमार — डिजिटल मीडिया रणनीति में माहिर निर्मल कुमार ने TVK की ऑनलाइन उपस्थिति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
राज मोहन अरुमुगम — “Put Chutney” यूट्यूब चैनल के जरिए लाखों दर्शकों तक पहुंचने वाले राज मोहन डिजिटल युग की राजनीति के नए चेहरे हैं।
डॉ. टीके प्रभु — पेशे से चिकित्सक टीके प्रभु ने कारैकुडी सीट से NTK के प्रमुख सीमान को पराजित किया। उनकी जमीनी छवि और सेवाभाव उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाता है।
सेल्वी एस. कीर्तना — सिवाकासी से चुनकर आईं 29 वर्षीया कीर्तना कैबिनेट की सबसे युवा सदस्य हैं। राजनीतिक सलाहकार की भूमिका से सीधे विधायक बनने का उनका सफर प्रेरणादायक है।
VCK — सत्ता की असली चाबी
TVK की इस ऐतिहासिक जीत में एक और शक्ति की भूमिका नजरअंदाज नहीं की जा सकती — विदुथलाई चिरुथइगल काची यानी VCK। थोल. थिरुमावलवन के नेतृत्व वाली यह पार्टी तमिलनाडु के वंचित और दलित समुदायों की सबसे बुलंद आवाज रही है। विधानसभा सीटों की संख्या भले सीमित हो, लेकिन VCK का जमीनी प्रभाव और मतदाताओं पर पकड़ किसी भी बड़े दल को कमजोर आंकने नहीं देती।
दलित राजनीति का नया अध्याय
तमिलनाडु में यह परिवर्तन केवल एक चुनावी नतीजा नहीं है — यह एक व्यापक सामाजिक बदलाव की अभिव्यक्ति है। वह समाज जो वर्षों तक सत्ता के हाशिये पर रहा, आज उसी सत्ता को तय करने की स्थिति में है। विजय की जनप्रियता और VCK की जमीनी ताकत का यह संगम तमिलनाडु की राजनीति को आने वाले वर्षों में एक नई परिभाषा देगा।
